Nation- अयोध्या गैंगरेप केस: DNA टेस्ट ही नहीं… ये हैं वो 5 वजहें, जिनसे बरी हुए मोईद खान; पीड़िता की मां ने कहा- डीएनए रिपोर्ट बदलवा दी गई- #NA

अयोध्या गैंगरेप केस: DNA टेस्ट ही नहीं... ये हैं वो 5 वजहें, जिनसे बरी हुए मोईद खान; पीड़िता की मां ने कहा- डीएनए रिपोर्ट बदलवा दी गई

अयोध्या में मोईद खान के A-1 बेकरी शॉप पर बुलडोजर चला था.

अयोध्या के चर्चित भदरसा गैंगरेप केस में कोर्ट से समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान बरी हो गए, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी करार देते हुए 20 साल जेल की सजा मिली और 50 हजार रुपए जुर्माना लगा. कोर्ट के फैसले के दो दिन बाद पहली बार पीड़ित परिवार का बयान सामने आया. पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी. DNA टेस्ट की रिपोर्ट में बदलाव किया गया है. अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद मोईद खान को बचाने में लगे रहे और वो कामयाब भी हो गए. पुलिस ने भी ठीक से जांच नहीं की. नहीं तो मोईद खान बरी नहीं हो पाते.

पीड़िता की मां ने कहा कि मोईद खान बरी हो गए हैं. अब हमारे परिवार की जान का पर खतरा है. अयोध्या पुलिस-प्रशासन और योगी सरकार से हम मांग करते हैं कि हमें तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए. हमारे घर के बाहर 2 CCTV लगे हैं, जो कि पुलिस ने लगवाए हैं, उन्हीं से हम निगरानी करते हैं. पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें अपने और अपने परिवार की जान की बहुत फिक्र हो रही है. ये पूरा मामला दबाया जा रहा है. राजनीतिक दबाव के कारण ऐसा फैसला आया है. उन्होंने सपा सांसद अवधेश प्रसाद को इसका जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि आज भी मोईद खान सपा से जुड़ा है. हम इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे.

12 साल की नाबालिग से गैंगरेप का आरोप लगा था

घटना 29 जुलाई 2024 की है. पूराकलंदर थाने में सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ. गैंगरेप का आरोप एक 12 साल की नाबालिग लड़की ने लगाया, जो उस समय दो महीने की प्रेग्नेंट थी. पुलिस ने मोईद खान और राजू खान पर पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई. 30 जुलाई को पुलिस ने मोईद और राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

7 अगस्त 2024 को नाबालिग का लखनऊ KGMU के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में अबॉर्शन हुआ. भ्रूण का DNA सैंपल लिया गया. फिर मोईद और राजू का DNA सैंपल भ्रूण से मैच कराया गया, जिसमें मोईद की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि राजू की पॉजिटिव आई. इसी आधार पर पॉक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने मोईद को बरी कर दिया.

Ayodhya News

भदरसा गैंगरेप केस का पूरा घटनाक्रम…

  • 29 जुलाई 2024: भदरसा की रहने वाली 12 साल की नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत थी. मेडिकल जांच में पता चला वह दो महीने की गर्भवती है. परिजन उसे पूराकलंदर थाने लेकर पहुंचे. मोईद और राजू पर मुकदमा दर्ज कराया.
  • 30 जुलाई 2024: अयोध्या पुलिस ने मोईद और राजू को किया. पुलिस ने बताया कि दोनों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया. वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया. ढाई महीने तक यौन शोषण करते रहे.
  • 1 अगस्त 2024: भदरसा गैंगरेप का मामला यूपी विधानसभा में उठा. CM योगी ने कहा कि आरोपी मोईद खान सपा सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी है. सपा सांसद के साथ उठता-बैठता है.
  • 3 अगस्त 2024: पुलिस-प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन लिया. भदरसा बाजार में मोईद खान की तीन हजार स्क्वायर फीट में बनी A-1 बेकरी शॉप को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया.
  • 4 अगस्त 2024: अयोध्या के जिला महिला अस्पताल में नाबालिग लड़की का मेडिकल कराया गया और फिर उसे वहीं भर्ती कर लिया गया.
  • 5 अगस्त 2024: अयोध्या जिला महिला अस्पताल से नाबालिग को लखनऊ KGMU रेफर कर दिय गया. फिर KGMU परिसर में स्थित क्वीन मैरी हॉस्पिटल में उसका इलाज शुरू हुआ.
  • 6 अगस्त 2024: कोर्ट के आदेश पर क्वीन मैरी हॉस्पिटल में ही नाबालिग का अबॉर्शन किया गया और भ्रूण का DNA सैंपल लिया गया.
  • 7 अगस्त 2024: नाबालिग के भ्रूण से मिलान के लिए मोईद खान और राजू खान का DNA सैंपल लिया गया.
  • 8 अगस्त 2024: अबॉर्शन के बाद नाबालिग को क्वीन मैरी हॉस्पिटल से अयोध्या महिला जिला अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया.
  • 22 अगस्त 2024: भदरसा में ही मोईद खान के दो मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलाया गया. पुलिस-प्रशासन ने इसे सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण बताया.
  • 21 सितंबर 2024: अयोध्या कोर्ट में मोईद खान की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने FSL लैब के डायरेक्टर को एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया.
  • 30 सितंबर 2024: मोईद खान और राजू खान की DNA रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की गई. सैंपल राजू से मैच हुआ, जबकि मोईद की रिपोर्ट निगेटिव आई.
  • 28 जनवरी 2026: पॉक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने मोईद खान को गैंगरेप केस में बरी कर दिया और उनके नौकर राजू खान को दोषी करार दिया.
  • 29 जनवरी 2026: पॉक्सो कोर्ट ने राजू खान को 20 साल की जेल की सजा सुनाई और 50 हजार जुर्माना लगाया.

सबूतों के अभाव में मोईद खान बरी!

इस केस में मोईद खान को DNA रिपोर्ट के साथ-साथ तमाम सबूतों के अभाव में बरी किया गया. सबसे पहले घटनास्थल की सही पहचान न होना पाना था. पहले पीड़िता द्वारा कहा गया कि उसके साथ मोईद खान ने A-1 बेकरी शॉप में ही रेप किया. बाद में कहा कि शॉप से दूर एक खेत में मौजूद चिलबिल के पेड़ के नीचे रेप किया. तहरीर में लिखे गए तमाम आरोपों के सबूतों को भी पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर पाई. गैंगरेप का वीडियो बनाने और नाबालिग की मां को फोन कर धमकाने की बात का CDR भी पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर सकी. इन्हीं तरह कई पहलुओं पर ये केस पीड़िता के पक्ष में कमजोर होता गया.

मोईद खान के बरी होने की बड़ी वजहें

  • पीड़ित पक्ष की ओर से 13 गवाह प्रस्तुत किए गए.
  • DNA रिपोर्ट में मोईद खान का DNA मैच नहीं हुआ.
  • पीड़िता के बयान के मुताबिक, घटना के दौरान VIDEO बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन कोई VIDEO कोर्ट में पेश नहीं किया गया.
  • पुलिस जांच में घटनास्थल बेकरी के बाहर चिलबिल के पेड़ के नीचे बताया गया, जबकि रेप बेकरी के अंदर होना बताया गया.
  • नाबालिग की मां को फोन कर धमकाने की बात का CDR भी पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर सकी.

Moeed Khan

कोर्ट के फैसले पर मोईद के बेटे जहीर ने क्या कहा?

हालांकि गैंगरेप केस में बरी होने के बाद भी मोईद खान अभी जेल में ही बंद हैं. उन पर गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य मामले चल रहे हैं. इनमें अभी जमानत नहीं मिली है. कोर्ट का फैसला आने के बाद मोईद खान के बेटे जहीर खान से टीवी9 डिजिटल की टीम ने बात की. जहीर ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के समय हमने चिल्ला-चिल्ला कर कहा था कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हमारी प्रॉपर्टी नहीं है, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी. ये हमारे चाचा की प्रॉपर्टी थी.

हमारी सिर्फ 3000 स्क्वायर फीट में बनी A-1 बकेरी शॉप थी, जो अवैध नहीं थी. इसके पूरे कागज हमारे पास मौजूद हैं. बेकरी शॉप बनाने में 40 लाख रुपए का खर्च आया था, लेकिन तत्कालीन DM चंद्र विजय सिंह ने कहा था- ये बेकरी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए एक्शन हुआ. क्या अब प्रशासन हमारी बेकरी शॉप वापस लौटा पाएगा. यही हमारी रोजी-रोटी थी.

अखिलेश यादव ने की थी DNA जांच की मांग

जब मोईद खान पर अयोध्या से लेकर लखनऊ तक बवाल मचा था, तब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन एक्स पर एक पोस्ट कर उन्होंने आरोपियों का DNA टेस्ट करवाने की मांग की थी. अब इसी DNA टेस्ट की जांच में मोईद खान बरी हो गए.

कोर्ट का फैसला आने के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “क्या भेदकारी भाजपा के पास कोई ऐसा बुलडोजर भी है, जो लोगों के टूटे घर बना दे, उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा दे. अपने ऊपर लगे मुकदमे तो सत्ताधीश हटवा सकते हैं, लेकिन जो पाप उन्होंने किए हैं, उसके मुकदमे ऊपर वाले की अदालत में लिखे जा रहे हैं, उससे वो कैसे बचेंगे? इतना अन्याय और पाप करके कोई सो कैसे सकता है?”

अयोध्या गैंगरेप केस: DNA टेस्ट ही नहीं… ये हैं वो 5 वजहें, जिनसे बरी हुए मोईद खान; पीड़िता की मां ने कहा- डीएनए रिपोर्ट बदलवा दी गई

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