Nation- एक दिन पहले मिली जमानत, दूसरे दिन कैदी की मौत; बरेली सेंट्रल जेल में था बंद… बेटे ने कहा- पिता की हत्या हुई- #NA

एक दिन पहले मिली जमानत, दूसरे दिन कैदी की मौत; बरेली सेंट्रल जेल में था बंद... बेटे ने कहा- पिता की हत्या हुई

बरेली सेंट्रल जेल (फाइल फोटो).

बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के गांव वृंदावन निवासी महेंद्र बीते दिनों बदायूं जेल में बंद थे. उन पर एक पुराने मुकदमे में अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई थी. परिवार के मुताबिक, दो नवंबर को अचानक उन्हें बदायूं जेल से बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया. इस बदलाव को लेकर उस समय परिवार कुछ नहीं समझ पाया, लेकिन अब मौत के बाद इसे शक की नजर से देखा जा रहा है.

महेंद्र के बेटे रामसेवक ने बताया कि उनके पिता की गांव में कुछ लोगों से राजनीतिक रंजिश चल रही थी. इसी रंजिश के कारण उन पर कई बार दबाव भी बनाया गया था. रामसेवक का कहना है कि उन्हें लगता है कि इसी दुश्मनी के चलते जेल प्रशासन पर प्रभाव डालकर उनके पिता की हत्या करा दी गई. आरोप है कि एक दिन पहले ही जमानत मंजूर हुई थी.

परिवार का आरोप है कि भैया दूज पर जब महेंद्र की बहन उनसे मिलने बरेली जेल पहुंची थीं, तब महेंद्र बिल्कुल ठीक थे. बात-चीत भी सामान्य ढंग से हुई थी. इससे परिवार को यकीन था कि जमानत मिलने पर वे जल्द घर लौट आएंगे.

परिवार का आरोप- बीमारी से मौत नहीं, हत्या कराई गई

परिजनों का आरोप है कि छह नवंबर को जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महेंद्र की जमानत मंजूर की तो पूरा परिवार खुश था. वे सात नवंबर को बरेली सेंट्रल जेल पहुंचे, ताकि महेंद्र को मिलने की औपचारिकता पूरी की जा सके, लेकिन जेल प्रशासन ने न तो उनसे मुलाकात कराई और न ही साफ जानकारी दी.

रामसेवक के अनुसार, अधिकारियों ने किसी तरह यह कहकर टाल दिया कि तुम्हारे पिता जेल में नहीं हैं. कुछ देर बाद उन्हें सूचना मिली कि महेंद्र की बीमारी के चलते मौत हो गई है. परिवार का कहना है कि यह बात सुनकर वे हैरान रह गए, क्योंकि एक दिन पहले तक महेंद्र पूरी तरह ठीक थे.

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रामसेवक ने डीएम को दी गई शिकायत में कहा है कि यह मौत बीमारी से नहीं हुई, बल्कि राजनीतिक विरोधियों ने जेल अधिकारियों से मिलकर उनके पिता की हत्या कराई है. उनका आरोप है कि जेल प्रशासन ने मृत्यु की सूचना भी काफी देर बाद दी, जबकि परिवार को तुरंत जानकारी मिलनी चाहिए थी. शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी ने गंभीरता देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए.

मजिस्ट्रेट जांच शुरू, बयान दर्ज कराने की अपील

अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) सौरभ दुबे ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि महेंद्र की मौत से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. साथ ही उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी जो घटना के समय जेल में मौजूद थे या मामले के बारे में जानकारी रखते हैं.

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ADM ने यह भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति महेंद्र की मौत से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी रखता है या किसी तरह का बयान देना चाहता है तो वह आठ दिसंबर से 20 दिसंबर तक किसी भी कार्य दिवस में उनके कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज करा सकता है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

परिवार फिलहाल न्यायिक जांच पर भरोसा जताते हुए यही उम्मीद कर रहा है कि असली वजह जल्द सामने आए. महेंद्र की अचानक हुई मौत और उसके बाद उठे सवालों ने बरेली और बदायूं दोनों जिलों में चर्चा का माहौल बना दिया है.

एक दिन पहले मिली जमानत, दूसरे दिन कैदी की मौत; बरेली सेंट्रल जेल में था बंद… बेटे ने कहा- पिता की हत्या हुई

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