Nation- उत्तराखंड के पौड़ी में भालू का आतंक, एक को मार डाला, 12 को किया घायल; डर के मारे घरों में दुबके लोग!- #NA

सांकेतिक तस्वीरImage Credit source: freepik
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में इस समय भालू के हमलों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. जहां कभी ग्रामीण बाघ और तेंदुए से डरते थे अब भालुओं का खतरा उन्हें सता रहा है. पौड़ी में बीते महीनों में एक भालू के हमले में 12 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. इतना ही नहीं कई मवेशियों पर भी भालू हमला कर चुके हैं.
आमतौर पर भालू सर्दियों में जंगलों में छिपे रहते हैं लेकिन इस बार उनका व्यवहार बदला हुआ दिख रहा है. अधिकारी बताते हैं कि भालू इस साल गांवों के आसपास मंडरा रहे हैं. पैठाणी रेंज, थलिशैंन और कालजीखाल क्षेत्र में इनकी सबसे ज्यादा गतिविधि देखी जा रही है. ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग खेतों, जंगलों, सुनसान रास्तों पर जाने से कतराने लगे हैं. 20 जनवरी से 20 नवंबर 2025 तक पौड़ी जिले में भालू के हमलों में 12 लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की जान चली गई.
भालू ने मवेशियों पर भी कहर ढाया है. 53 पशु मारे गए या घायल हुए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं. हाल ही की एक घटना में बिरोंखाल ब्लॉक के जीवाई गांव की लक्ष्मीदेवी घास काटते समय भालू के हमले का शिकार हो गईं. भालू झाड़ियों में छिपा हुआ था और अचानक उन पर टूट पड़ा, जिससे उनके सिर और आंख में गंभीर चोट आई. उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और बाद में बड़े मेडिकल सेंटर रेफर किया गया.
इलाके में बढ़ाई गई गश्त
वन विभाग का कहना है कि भोजन की कमी के कारण भालू गांवों की ओर आ रहे हैं. पहले वे सर्दियों में शीतनिद्रा में चले जाते थे लेकिन अब उनकी आक्रामकता बढ़ गई है. पैठाणी रेंज में एक भालू ने कई मवेशियों पर हमला किया, जिसके बाद वन विभाग ने विशेष टीम भेजकर इलाके में गश्त बढ़ा दी. टीम ने भालू को बेहोश करने की कोशिश भी की, लेकिन वह कुछ दिनों तक छिपा रहा और फिर से दिखाई दिया.
बाहर निकलने से डर रहे लोग
थलिशैंन इलाके में लोग घास, लकड़ी और चारा लेने के लिए जंगल जाना लगभग बंद कर चुके हैं. सुबह और शाम के समय लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं. खेतों में काम करना भी जोखिम भरा हो गया है. गढ़वाल सर्कल के वन संरक्षक आकाश वर्मा का कहना है कि पौड़ी में भालू की इतनी गतिविधि पहले कभी नहीं देखी गई. लगातार शिकायतें आने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है.
वन विभाग ने की अपील
पिछले कुछ सालों के आंकड़े भी परेशान करने वाले हैं. सिर्फ पिछले तीन महीनों में उत्तराखंड में 71 ब्लैक बियर हमले हुए हैं, जिनमें 6 लोगों की मौत और 60 मवेशियों की जान गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि भालुओं का बदलता व्यवहार मानव-जानवरों के संघर्ष को और खतरनाक बना रहा है. वन विभाग अपील की है कि गांववाले सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.
उत्तराखंड के पौड़ी में भालू का आतंक, एक को मार डाला, 12 को किया घायल; डर के मारे घरों में दुबके लोग!
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