Nation- ‘ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’… ग्वालियर में बौद्ध महा सम्मेनल में दिलाई गई शपथ- .- #NA

ग्वालियर में किया गया आयोजन.
ग्वालियर जिले के भितरवार तहसील क्षेत्र में हिंदू धर्म त्यागने की शपथ दिलाई जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. हजारों की भीड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश को भगवान नहीं मानने की शपथ दिलाई गई. शपथ दिलाई जाने का एक वीडियो भी सामने आया है. यह सब बौद्ध धर्म सम्मेलन के आयोजन की आड़ में हजारों लोगों को बुलाकर किया गया. तीन दिवसीय बुद्ध गाथा सम्मेलन में बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल के अध्यक्ष सागर महाथेरो द्वारा सामूहिक रूप से यह शपथ दिलाई गई.
हालांकि आयोजक धर्म परिवर्तन जैसी किसी भी बात से इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि वहां शपथ नहीं सिर्फ डॉ. भीमराव अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं दोहराई गई हैं. मामला उजागर होने पर अब हिंदू महासभा की भी प्रतिज्ञा सामने आई है. हिंदू महासभा ने विरोध जताते हुए आरएसएस सरसंघचालक और मुख्यमंत्री से जांच करवाने और दोषियों की आरक्षण व्यवस्था बंद करने की मांग उठाई है.
बौद्ध धर्म के सम्मेलन में हुआ धर्म परिवर्तन
दरअसल, भितरवार तहसील के धाकड़ खिरिया गांव में स्थित बुद्ध विहार में शुक्रवार से तीन दिवसीय विशाल बौद्ध धम्म महा सम्मेलन शुरू हुआ था. पूरे आयोजन की तैयारियां 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति के लोगों ने की थी और हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने भी पहुंचे थे. इसी दौरान मंच से करीब ढाई हजार से ज्यादा लोगों को शपथ दिलाई गई, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. आइए सबसे पहले लिए जानते हैं कि सम्मेलन में मौजूद लोगों को क्या शपथ दिलाई गई?
शपथ के शब्द काफी विवादस्पद
शपथ में कहा गया है कि, “मैं ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा, उनकी पूजा भी नही करूंगा, हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा, भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं, ये गलत है. मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी काम नहीं करूंगा. ब्राहम्णों के हाथों से कोई भी कर्म कांड नहीं करवाउंगा. बौद्ध धर्म के रास्ते पर काम करूंगा. मैं अपने पुराने धर्म को त्यागता हूं और बौद्ध को अपनता हूं. मेरा अब नया जन्म हो रहा है.”
बौद्ध धर्म सम्मेलन में दिलाई गई इस शपथ का जैसे ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, वैसे ही कार्यक्रम के आयोजन कर्ताओं की सफाई भी सामने आ गई. 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति के अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा का कहना है कि इस सम्मेलन का उद्देश्य समाज में फैली छोटी-छोटी कुरीतियो और आपसी झगड़ों को दूर करना है, न की किसी धर्म विशेष को आहत पहुंचना है. सोशल मीडिया पर जो धर्म परिवर्तन की बात की जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है. इसके लिए हमारी समिति जिम्मेदार नहीं है. मंच पर उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं हैं, जिन्हें सिर्फ दोहराया गया है.
अखिल भारत हिंदू महासभा ने विरोध जताया
सोशल मीडिया पर धर्म परिवर्तन को लेकर ट्रेंड कर रहे बौद्ध धर्म सम्मेलन के इस वीडियो के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी विरोध जताया है. हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने विरोध में कहा कि वह आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाएंगे और जो भी इसमें दोषी हो, उसकी आरक्षण व्यवस्था को भी बंद कराया जाए.
‘ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’… ग्वालियर में बौद्ध महा सम्मेनल में दिलाई गई शपथ- .
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