Nation- महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिंदे गुट ने मिलाया हाथ, मीरा-भायंदर में बना नया सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी मुश्किलें- #NA

महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिंदे गुट ने मिलाया हाथ, मीरा-भायंदर में बना नया सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी मुश्किलें

कांग्रेस और शिंदे गुट ने मिलाया हाथ.

महाराष्ट्र और केंद्र में भले ही बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) एक साथ हों, लेकिन मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में दोनों दलों के बीच खटास एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के बाद अब मीरा-भायंदर महानगरपालिका (MBMC) में कांग्रेस और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने हाथ मिलाकर बीजेपी के खिलाफ संयुक्त विपक्षी मोर्चा बना लिया है.

मीरा-भायंदर नगर निगम में कांग्रेस और शिंदे गुट के नगरसेवकों ने मिलकर मीरा-भायंदर सिटी डेवलपमेंट फ्रंट (शहर विकास आघाडी) के नाम से एक साझा विपक्षी मंच का गठन किया है. महानगर पालिका के स्तर पर बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इससे पहले ऐसे संकेत KDMC, ठाणे और नवी मुंबई में भी देखने को मिल चुके हैं. दरअसल वर्ष 2026 के मीरा-भायंदर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल करते हुए 95 में से 78 निर्वाचित सीटें जीती हैं. हालांकि, अभी पांच नगरसेवकों का नामांकन होना बाकी है. इसके बावजूद विपक्षी दलों ने नगर निगम के भीतर संगठित होकर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है.

नगरसेवकों ने मिलकर बनाया विपक्षी मोर्चा

इस पूरे घटनाक्रम पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता प्रताप सरनाईक ने कहा कि कांग्रेस और शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवकों ने मिलकर विपक्षी मोर्चा बनाया है, ताकि किसी एक पार्टी के बहुमत का दुरुपयोग न हो सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह न तो कांग्रेस के साथ कोई औपचारिक गठबंधन है और न ही विलय. सरनाईक ने कहा, यह समूह इसलिए बनाया गया है ताकि नगर निगम में विपक्ष की भी आवाज बनी रहे. मीरा-भायंदर के लोगों के हित में यह कदम उठाया गया है. शहर के विकास के लिए 16 नगरसेवक अपने-अपने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर एक साथ आए हैं.

किस पार्टी के कितने नगरसेवक?

वर्तमान में इस विपक्षी मोर्चे में कांग्रेस के 13, शिंदे गुट की शिवसेना के 3 और एक निर्दलीय नगरसेवक शामिल हैं. इस तरह कुल संख्या 17 हो गई है. नगर निगम के नियमों के अनुसार, सबसे बड़े विपक्षी दल या गठबंधन को नेता प्रतिपक्ष का पद, स्थायी समिति में प्रतिनिधित्व और नामांकन से जुड़े अधिकार मिलते हैं.

कांग्रेस और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच औपचारिक गुट पंजीकरण और नेता चयन को लेकर बातचीत हो गई है और पार्षद जय ठाकुर को इस गुट का नेता बनाया गया है. शिंदे गुट के मीरा भाईनदर के नेता विक्रम प्रताप सिंह ने बताया कि ये गठबंधन शहर के भलाई और महानगर पालिका के कामकाज पर नजर रखने के लिए बनाया गया है. ये स्थायी गठबंधन न होकर पालिका में वाच डॉग की भूमिका निभाएगा.

बीजेपी ने एकतरफा जीती थी 78 सीट

वही भाजपा ने जिन नरेंद्र मेहता के नेतृत्व में मीरा भाईनदर में 95 में से 78 सीट जीतकर एकतरफा जीत हासिल की है. उनका कहना है कि शिंदे शिंवसेना ने बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों को तिलांजलि दे दी है. कांग्रेस से हाथ मिलाकर शिंवसेना ने मुस्लिम तुष्टिकरण को अपनाया है. महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ बयान देना और मीरा भाईनदर में उसे गले लगाना ये दोहरी नीति है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम राज्य स्तर की सत्ता साझेदारी और स्थानीय निकायों की राजनीति के बीच के अंतर को साफ तौर पर उजागर करता है. बीजेपी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि इससे चुनाव के दौरान कांग्रेस और शिवसेना के बीच कथित अंदरूनी समझ की उनकी पुरानी बात सही साबित होती है. बीजेपी ने विपक्ष पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. मीरा-भायंदर में बना यह नया सियासी समीकरण आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है.

महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिंदे गुट ने मिलाया हाथ, मीरा-भायंदर में बना नया सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी मुश्किलें

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