Nation- जालौन में इंस्पेक्टर को मारती थी कांस्टेबल, मिनाक्षी कहती- घर से पैसे लेकर आओ, अरुण राय को लेने पड़े थे 5 लाख उधार- #NA

अरुण कुमार राय ने खुद को मार ली थी गोली.
जालौन जिले के कुठौंद थाने के प्रभारी निरीक्षक रहे अरुण कुमार राय की मौत के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस विभाग से कई अहम जानकारी जांच में आई है, जिसने पूरे प्रकरण को और उलझा दिया है. घटना से कुछ दिन पहले सिपाही मीनाक्षी शर्मा ने इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के साथ मारपीट की थी और इस घटना का वीडियो भी मीनाक्षी ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था.
इस मारपीट के बाद इंस्पेक्टर बेहद आहत हो गए थे और तीन दिन का अवकाश लेकर अपने पैतृक घर चले गए थे, ताकि वे इस स्थिति से उबर सकें. पुलिस विभाग के सूत्रों ने यह भी बताया कि मीनाक्षी शर्मा लगातार इंस्पेक्टर पर पैसे देने का दबाव बना रही थी. धमकी दी जा रही थी कि यदि उसे रुपए नहीं दिए गए तो वह मारपीट और अन्य निजी वीडियो उनके परिजनों को भेजकर वायरल कर देगी. पुलिस विभाग के अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्टर सरल, शांत स्वभाव के थे और मीनाक्षी की दबंगई के आगे स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे.
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मिनाक्षी इंस्पेक्टर को कर रही थी टॉर्चर
छुट्टी से लौटने के बाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने स्वयं को पूरी तरह विभागीय कार्य में व्यस्त कर लिया, लेकिन मीनाक्षी का उत्पीड़न जारी रहा. पुलिस विभाग के अधिकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर के फोन पर लगातार कॉल, दबाव और धमकियों का सिलसिला बदस्तूर चलता रहा. घटना वाली रात भी सिपाही मीनाक्षी, इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर पहुंची थी. सूत्र बताते हैं कि वहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई, इसके बाद अचानक गोली चलने की आवाज आई.
गोली की आवाज सुनकर आवास के आसपास मौजूद पुलिसकर्मी और उनके परिजन बाहर निकल आए. इसी दौरान मीनाक्षी आवास से भागती हुई, चिल्लाती हुई दिखाई दी. इसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. अधिकारियों का यह भी कहना है कि सिपाही मीनाक्षी का इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय पर पूर्ण नियंत्रण था. वह व्यक्तिगत और विभागीय दोनों स्तरों पर उन्हें लगातार दबाव में रखती थी.
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इंस्पेक्टर के भतीजे ने लगाए गंभीर आरोप
इधर, इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के भतीजे प्रशांत कुमार राय ने भी इस मामले में बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि चाचा छुट्टी के दौरान घर आए थे, उन्होंने गांव के परिचितों से भी 5 लाख रुपए की धनराशि उधार ली थी. परिवार का कहना है कि इन पैसों का क्या उपयोग था और वे किसके दबाव में थे, इसकी जांच आवश्यक है. इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत की गुत्थी हर नए खुलासे के साथ और जटिल होती जा रही है. परिजन यह घटना आत्महत्या नहीं, बल्कि गंभीर साजिश बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग पर अड़े हुए हैं.
जालौन में इंस्पेक्टर को मारती थी कांस्टेबल, मिनाक्षी कहती- घर से पैसे लेकर आओ, अरुण राय को लेने पड़े थे 5 लाख उधार
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