Nation- बांध टूटने नहीं देंगे… बाढ़ में दिख रहा पंजाब का जज्बा, डैम बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिया; 37 साल बाद आया ऐसा जल प्रलय- #NA

पंजाब में बाढ़ से हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. यहां फिरोजपुर के हबीब गांव में 2,000 से अधिक स्वयंसेवी रेत के बोरों, रस्सियों और यहां तक कि हाथों से ही सतलुज नदी के पानी के बढ़ते दबाव से बांध को टूटने से बचाने में लगे हैं. बांध को बचाने के लिए लोग दिन-रात लगे हुए हैं. चार दिन बीत जाने के बाद भी लोग डटे हुए हैं और यह जद्दोजहद अभी थमी नहीं है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आए ग्रामीण सेना के इंजीनियरों और जल निकासी अधिकारियों के साथ मिलकर बांध को टूटने से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
ठेकेदार रतन सिंह सैनी ने कहा कि असली नायक वे लोग हैं जो बोरे और खाना लेकर आते हैं. लोगों की हिम्मत ही बांध को बचाए हुए है. उन्होंने कहा कि संकट उस समय और गहरा गया जब हरिके हेडवर्क्स बैराज से 3.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. यह 2023 की बाढ़ के मुकाबले 40,000 क्यूसेक अधिक था.
सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद
भारी बारिश, बादल फटने और भाखड़ा व पोंग बांध से पानी छोड़े जाने के बाद उफनती सतलुज नदी ने जीरा के माखू उप मंडल के मनु माछी गांव के पास आरजी तटबंध तोड़ दिया, जिससे चक मनु माछी, जमालीवाला, गट्टा डाल्लर और तीबी गांव जलमग्न हो गए हैं. हालांकि, समय रहते लोगों को निकालने से जानें बच गईं, लेकिन सैकड़ों एकड़ जमीन में लहलहाती फसलें बह गईं.
दो सौ गांव जलमग्न
अधिकारियों के मुताबिक, फिरोजपुर के 111 और फाजिल्का के 77 गांव पानी में पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं. इन गावों में रहने वाले 39,076 और 21,562 लोग प्रभावित हुए हैं. इनमें से 3,495 लोग फिरोजपुर में और 2,422 लोग फाजिल्का में पहले ही दूसरे स्थानों पर चल गए हैं.
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान अब भी खेतों में बाढ़ आने के बावजूद बाड़ के किनारे गश्त कर रहे हैं, लेकिन आम परिवारों पर इसका भारी असर पड़ा है. हामद चक गांव में 58 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर हरमीश सिंह अपने ढह चुके घर के मलबे के पास निराशा में खड़े थे. उन्होंने कहा कि मैंने इसे सालों की कड़ी मेहनत से बनाया था।अब यह ढह गया है.
हर तरफ पानी ही पानी
पंजाब 1988 के बाद से सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहा है. राज्य के ज्यादातर हिस्से में पानी ही पानी नजर आ रहा है. बुधवार तक मरने वालों की संख्या 37 हो गई. राज्य के सभी 23 जिलों में 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन की फसल बर्बाद हो चुकी है.
बांध टूटने नहीं देंगे… बाढ़ में दिख रहा पंजाब का जज्बा, डैम बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिया; 37 साल बाद आया ऐसा जल प्रलय
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