Nation- दर्जनों लाशें, सिर कटे लोग… मुंबई सीरियल ब्लास्ट के प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कभी नहीं भूल सकता वो दिन- #NA

मुंबई ट्रेन ब्लास्ट
मुंबई सीरियल ब्लास्ट के सभी आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को बरी कर दिया था. 2006 में हुए धमाकों में 189 लोगों की मौत हुई थी. बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद हादसे में जान गवाने वाले परिवार के लोगों का दर्द सामने आ रहा है. इसके साथ ही अब पीड़ित के परिजनों को सुप्रीम कोर्ट से एक आश जगी है. वहीं हादसे को अपनी आंखों से देखने वालों ने भी अपना दर्द बयां किया है.
मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट में मुम्बई के प्रिंसेस स्ट्रीट के रहने वाले व्यवसायी लालजी पांडे ने पूरा बम धमाका अपनी आंखों से देखा था. इस बम धमाके में लालाजी पांडे के शरीर में दर्जनों छर्रे और बारूद घुस गए जो आज भी उनके शरीर में हैं.
हर तरफ पड़ी थीं लाशें- लालाजी
लालाजी पांडे चर्चगेट से बोरीवली की स्लो लोकल पकड़े थे और उन्हें बांद्रा उतरना था, लेकिन शाम को तकरीब 6 बजकर 20 मिनट पर महिम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट के अंदर जोरदार धमाका हुआ. पूरी ट्रैन के परख्च्चे उड़ गए. ट्रैन की लोहे के टिन से बनी छत उड़ गई. इस धमाके में दर्जनों लोगों की मौत हुई. किसी का शरीर गायब हो गया तो किसी का सर उड़कर 100 मीटर दूर जा गिरा.
लालाजी पांडे धमाके के बाद बेहोश हो गए उन्हें अस्पताल ले जाते समय उन्हें होश आया था. लालाजी बताते है कि ये हादसा उनके जीवन का एक ऐसा हादसा है जिसे वो कभी नहीं भुला पाएंगे और जब हाई कोर्ट ने आरोपियों को बरी किया तो वो बहुत दुखी हुए.
सुप्रीम कोर्ट से ही बची थोड़ी उम्मीद
लालाजी पांडे ने TV9 भारतवर्ष से बातचीत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले पर कहा की जो हाई कोर्ट के फैसले के बाद ना उम्मीदी हुई थी आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर थोड़ा उम्मीद जागी है, लेकिन डर है कि कहीं सुप्रीम कोर्ट भी हाई कोर्ट के फैसले की तरह ही फ़ैसला न ले ले. लालाजी पांडे का कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए.
कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी हंस रहे थे- परिजन
विस्फोट में मारी गई पीड़िता नंदिनी के परिवार के सदस्य रमेश विट्ठल ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई है. सभी आरोपियों को फिर से बुलाया जाएगा. बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले से ऐसा लगा जैसे हमारे जख्म अभी भरे ही नहीं हैं. हम पिछले 19 सालों से मौत की सजा या किसी और कड़ी सजा के लिए फैसले का इंतजार कर रहे थे. बरी हुए आरोपी अदालत से बाहर आते हुए हंस रहे थे.
VIDEO | Mumbai: Supreme Court stays Bombay High Court judgement acquitting all 12 accused in 2006 Mumbai train bomb blasts case.
Ramesh Vitthal, family member of Victim Nandini who diedi n the blast, says,I want to thank the Supreme Court that the decision of Bombay High Court pic.twitter.com/O5NuKrKNTA
— Press Trust of India (@PTI_News) July 24, 2025
नंदनी के परिजनों ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद आरोपियों में साफ है कि हम टूट चुके हैं. हमारा कुछ भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि मेरी बच्ची बोरीवली स्टेशन पर खड़ी थी, घर आने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी. उसी दौरान ट्रेन में ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में उसकी जान चली गई. हमें आज भी न्याय का इंतजार है. हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमारा दर्द समझेगा और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देगा.
दर्जनों लाशें, सिर कटे लोग… मुंबई सीरियल ब्लास्ट के प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कभी नहीं भूल सकता वो दिन
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