Nation- बाप ने अंतरात्मा की आवाज सुनकर अपन ही बेटे के खिलाफ दी गवाही, जिगर के टुकड़े को मिली उम्रकैद- #NA

पिता ने गवाही में बताई पूरी कहानी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से युवक को हत्या का दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा हुई. खास बात ये है कि इस मामले में पिता की गवाही के आधार पर ही कोर्ट ने बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है. बिजनौर जिले के एडीजे चतुर्थ ने सगे बाप की गवाही पर बेटे को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा और पच्चीस हजार रुपये के जुर्माने का दंड दिया है. अदालत ने जौनी के पिता सतपाल सिंह की गवाही के आधार पर जौनी नाम के युवक को अपनी पत्नी प्रियंका की गला घोंटकर हत्या करने का आरोपी मानते हुए सजा सुनाई.
यह घटना बिजनौर के स्योहारा थाना इलाके के सदाफल गांव की है. 8 जनवरी 2023 की रात को जौनी और उसकी पत्नी प्रियंका घर की ऊपरी मंजिल पर थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य नीचे सो रहे थे. देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर जौनी के पिता सतपाल सिंह ऊपर पहुंचे, तो पाया कि उसका बेटा जौनी अपनी पत्नी प्रियंका के ऊपर बैठकर अपने हाथों से उसका गला दबाए हुए था. कमरे का दरवाजा तोड़कर जब तक सतपाल अपने लड़के जौनी को रोकने पहुंचे, तब तक जौनी अपनी पत्नी प्रियंका का गला घोंटकर मार चुका था. प्रियंका की सांसें चलना बंद हो चुकी थीं.
बेटे द्वारा अपनी ही पत्नी की हत्या कर दिए जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. लेकिन इस कठिन घड़ी में पिता सतपाल सिंह ने भावनाओं को अलग रखते हुए कानून का साथ चुना. उन्होंने स्वयं थाने पहुंचकर बेटे के खिलाफ लिखित तहरीर दी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी.
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी जौनी को गिरफ्तार किया. स्योहारा थाना पुलिस ने जांच-पड़ताल कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. कोर्ट ट्रायल में मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से हत्या की पुष्टि हुई. अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान पिता की गवाही ने केस की दिशा तय कर दी और जौनी को हत्या का दोषी करार दिया गया.
चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई.
सीओ धामपुर नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस केस में अभियोजन पक्ष ने निष्पक्ष तरीके से पैरवी की और गवाहों ने भावनाओं से ऊपर उठकर सच्चाई का साथ दिया, जिससे आरोपी को कड़ी सजा सुनाई गई.
जौनी के बुजुर्ग पिता सतपाल सिंह ने बताया कि वह चाहते तो अपने पुत्र को बचा सकते थे और गवाही से मुकर सकते थे, लेकिन उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और कोर्ट में वही सच बोला जो उन्होंने अपनी आंखों से देखा था. इसी कारण जौनी को उसके किए की सजा मिली और पुत्रवधू प्रियंका को इंसाफ मिला.
बाप ने अंतरात्मा की आवाज सुनकर अपन ही बेटे के खिलाफ दी गवाही, जिगर के टुकड़े को मिली उम्रकैद
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