Nation: फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की हुई पहचान, पुलिस के हाथ अहम सुराग #INA

जालंधर, 15 जुलाई (.)। मशहूर एथलीट फौजा सिंह का सोमवार को 114 साल की उम्र में सड़क हादसे में निधन हो गया था। जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर टहलने के दौरान सफेद रंग की अज्ञात कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

फौजा सिंह की सड़क हादसे से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वह गांव से अकेले ही नेशनल हाईवे की ओर टहलने के लिए जा रहे है, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

सीसीटीवी कैमरे में फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की पहचान हो गई है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी की हेडलाइट के टुकड़ों से अहम सुराग मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस फॉर्च्यूनर चालक की तलाश कर रही है, जिसके लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया है।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर फौजा सिंह के छोटे बेटे हरविंदर सिंह ने कहा कि अभी एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें बापू अकेले सैर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस जांच में इस मामले का खुलासा होगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे बापू कपड़ों को लेकर कॉम्बिनेशन बनाकर रखते थे। वह ब्रांडेड कपड़े और जूते पहनते थे। पिता जिस रंग के कपड़े पहनते थे, उसी रंग की पगड़ी और जूते पहनते थे। उन्हें एक रंग के कपड़े और ब्रांडेड कपड़े पर जूते पहनने का शौक था और वह 10 हजार के कम से जूते नहीं पहनते थे। जब वह बताते थे कि यह जूते इतने पाउंड के हैं तो हम उसे भारतीय करंसी के साथ जोड़ते थे।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे पिता जब स्कूलों में जाते थे तो स्कूलों के प्रिंसिपल बच्चों को बापू की मिसाल देते थे। 114 साल की आयु में भी वह काफी फिट थे। विदेश की सिटीजनशिप होने के बावजूद वह अपने देश में रहना पसंद करते थे। विदेश में सर्दी में रहना उनके लिए कठिन था और विदेश में जब सभी काम पर चले जाते थे तो वह अकेले घर पर रहते थे।

हरविंदर सिंह ने कहा कि उनकी दो बेटियां है और पिता का बेटियों के साथ काफी प्यार था, लेकिन अब दोनों बेटियां विदेश में हैं। पिता के निधन पर स्मारक बनाने को लेकर हम गांव वालों के साथ विचार-विमर्श करेंगे और इसकी मांग प्रशासन के समक्ष रखेंगे। मेरे पिता की अंतिम इच्छा थी कि वह अपनी जिंदगी के आखिरी पल अपने गांव में बिताएं। वह हमारे परिवार के साथ समाज के लिए मिसाल थे।

वहीं, एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि आदमपुर थाने के अंतर्गत आते ब्यास गांव के रहने वाले फौजा सिंह 14 जुलाई को सैर करने के लिए निकले थे। इसी दौरान जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कार ने फौजा सिंह को टक्कर मार दी और वह घायल गए। जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें बचाया न जा सका और उनका निधन हो गया।

उन्होंने आगे जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस मामले में मृतक फौजा सिंह के बेटे के बयानों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा मामले की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से अज्ञात वाहन की जांच की जा रही है। मौके पर गाड़ी के बंपर टूटने के कुछ पार्ट पुलिस टीम के हाथ लगे हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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एकेएस/डीकेपी

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फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की हुई पहचान, पुलिस के हाथ अहम सुराग




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