Nation- DEXONA इंजेक्शन से लेकर डिजिटल डेथ नोट तक… जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की मिस्ट्री बरकरार, पिता संग वायरल वीडियो पर भी शक- #NA

साध्वी प्रेम बाईसा.
राजस्थान के जोधपुर में अपनी सुरीली आवाज और कथा वाचन से हजारों लोगों के दिलों पर राज करने वाली 25 वर्षीय साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. बुधवार, 28 जनवरी को हुई इस मौत ने श्रद्धा और भक्ति के गलियारों में सनसनी फैला दी है. प्राथमिक तौर पर इसे एक ‘गलत इंजेक्शन’ का नतीजा बताया जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस तफ्तीश आगे बढ़ रही है, मामला पिता-पुत्री के रिश्तों और एक पुराने विवादित वीडियो की ओर मुड़ता दिख रहा है.
बताया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा पिछले दो दिनों से अस्वस्थ महसूस कर रही थीं. जानकारी के अनुसार, साधना कुटीर आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाया गया था. आरोप है कि उस कंपाउंडर ने साध्वी को ‘डेक्सोना’ (DEXONA) का इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद साध्वी की हालत बिगड़ने लगी और वह बेसुध हो गईं.
उनके पिता और गुरु वीरमनाथ उन्हें आनन-फानन में जोधपुर के प्रज्ञा अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल लाने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महज एक सामान्य इंजेक्शन से 25 साल की स्वस्थ युवती की जान जा सकती है? या फिर उस इंजेक्शन में कुछ ऐसा था जिसे छिपाया जा रहा है?
13 जुलाई 2025 का वो ‘बेडरूम वीडियो’
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ 6 महीने पुराने एक वायरल वीडियो से जुड़ा है. 13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो लीक हुआ था, जिसमें साध्वी प्रेम बाईसा अपने कमरे में लेटी नजर आ रही थीं. वीडियो में एक शख्स कमरे में आता है, साध्वी के गालों को सहलाता है और फिर दोनों आलिंगन (गले मिलना) करते दिखते हैं. जब यह वीडियो वायरल हुआ, तो समाज में हड़कंप मच गया क्योंकि वह शख्स कोई और नहीं, बल्कि साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ ही थे. लोगों ने पिता-पुत्री के बीच इस तरह की नजदीकियों पर गंभीर सवाल उठाए थे. चर्चा है कि इस वीडियो के कारण साध्वी मानसिक दबाव में थीं और परिवार के भीतर भी तनाव चरम पर था. क्या इस ‘बदनामी’ का अंत करने के लिए कोई साजिश रची गई?
मौत के 4 घंटे बाद किसने किया ‘डेथ नोट’ पोस्ट?
पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली साध्वी का इंस्टाग्राम हैंडल है. साध्वी की मौत शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, लेकिन उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से रात 9:30 बजे एक भावुक पोस्ट साझा की गई इस पोस्ट में लिखा था- इस दुनिया को अलविदा कह रही हूं, यहां नहीं तो ऊपर वाले के दरबार में न्याय मिलेगा.
इसे साध्वी का ‘डिजिटल डेथ नोट’ माना जा रहा है. सवाल यह उठता है कि अगर साध्वी की मौत 5:30 बजे हो गई थी, तो उनके मोबाइल से 9:30 बजे यह पोस्ट किसने पब्लिश की? क्या किसी ने सुसाइड का रूप देने के लिए यह साजिश रची या साध्वी ने इसे पहले से ‘शेड्यूल’ कर रखा था?
पिता वीरमनाथ के इर्द-गिर्द घूमता शक का घेरा
पुलिस की जांच में वीरमनाथ की भूमिका संदेह के घेरे में है. वे साध्वी के पिता भी हैं और आध्यात्मिक गुरु भी. आश्रम के भीतर की गतिविधियों और वायरल वीडियो के बाद उनके व्यवहार को लेकर स्थानीय लोग दबी जुबान में बातें कर रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उस रात पिता-पुत्री के बीच कोई झगड़ा हुआ था या किसी बात को लेकर दबाव बनाया जा रहा था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
जोधपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है. फिलहाल पुलिस ‘विशरा’ (Viscera) सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अपना सकती है ताकि मौत के सटीक कारण (चाहे वो जहर हो या ड्रग रिएक्शन) का पता चल सके. जोधपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं, चाहे वह मेडिकल लापरवाही हो, आत्महत्या के लिए उकसाना हो या फिर हत्या.
साध्वी प्रेम बाईसा को इंस्टाग्राम पर 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. जबकि यूट्यूब पर भी उनके हजारों फॉलोअर्स हैं. वो अब सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं- न्याय. क्या यह एक दुखद हादसा था या फिर एक सोची-समझी साजिश? इसका जवाब अब केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की गहन पूछताछ से ही मिल पाएगा.
(रिपोर्ट: चंद्रशेखर व्यास (युगावर्त))
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