Nation- IAS राजेंद्र पटेल को सरकार ने किया सस्पेंड, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने किया है अरेस्ट- #NA

आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में आईएएस अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल की गिरफ्तारी के बाद उनको निलंबित कर दिया गया है. ईडी की जांच में पता चला कि आईएएस अधिकारी और सुरेंद्रनगर के पूर्व जिलाधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल ने भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) आवेदनों को मंजूरी देने के लिए 5 रुपये से 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक रिश्वत की दर तय की थी.
ईडी ने दो जनवरी को अहमदाबाद की एक विशेष पीएमएलए अदालत में दाखिल रिमांड याचिका में कहा कि सीएलयू आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई के लिए रिश्वत की मांग की जाती थी. रिश्वत की रकम गुजरात में जिलाधिकारी के कार्यालय से संचालित मध्यस्थों के एक नेटवर्क के माध्यम से भेजी जाती थी.
IAS officer Rajendrakumar Patel, who ED arrested on January 2 under the Provisions of the Prevention of Money Laundering Act (PMLA), has been placed under suspension: Gujarat Govt pic.twitter.com/WcqinVwTTn
— ANI (@ANI) January 4, 2026
कोर्ट ने 7 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेजा
कोर्ट ने राजेंद्र कुमार पटेल को सात जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया. डिजिटल साक्ष्य के अनुसार, रिश्वत वसूली का हिसाब-किताब रखा जाता था और समय-समय पर जिलाधिकारी के निजी सहायक को भेजा जाता था. अब तक की जांच में 800 से अधिक सीएलयू आवेदनों का पता चला है, जिनमें कथित तौर पर रिश्वत दी गई. इस तरह 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अपराध के जरिए एकत्र की गई.
सीएलयू मंजूरी से जुड़ी रिश्वतखोरी
ईडी ने कहा कि 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी और सुरेंद्रनगर के तत्कालीन जिलाधिकारी पटेल सीएलयू मंजूरी से जुड़े रिश्वतखोरी के मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट में मुख्य लाभार्थी और अंतिम निर्णय लेने वाले व्यक्ति थे. ईडी द्वारा उप मामलतदार (राजस्व अधिकारी) चंद्रसिंह मोरी की गिरफ्तारी के बाद, पिछले हफ्ते पटेल का तबादला कर दिया गया था लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई.
संघीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद पटेल, मोरी और अन्य लोगों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों से रिश्वत की रकम के कथित बंटवारे की एक तय व्यवस्था का संकेत मिलता है. याचिका में कहा गया कि कुल रिश्वत राशि में से 50 प्रतिशत पटेल को मिली, 10 प्रतिशत एक बिचौलिए ने रख ली और शेष राशि जिलाधिकारी कार्यालय के अन्य अधिकारियों में बांट दी गई.
IAS राजेंद्र पटेल को सरकार ने किया सस्पेंड, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने किया है अरेस्ट
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