Nation- जम्मू-कश्मीर: आतंकियों की मदद पड़ी भारी, पुलिस ने जब्त की संपत्ति- #NA

पुलिस ने की संपत्तियां जब्त
जम्मू-कश्मीर में सेना का एक्शन जारी है. पिछले कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन में कई आतंकियों को सेना ने ढेर किया है. वहीं आतंकियों के खात्में में सेना के साथ-साथ जम्मू पुलिस की लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुपवाड़ा के सोगाम इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) और जमात-उल-मुजाहिदीन (जेयूएम) के एक शीर्ष कमांडर और पाकिस्तान स्थित एक आतंकवादी हैंडलर की कथित तौर पर संपत्तियां जब्त कर ली हैं.
पुलिस प्रवक्ता की तरफ से बताया गया कि मूल रूप से अब्दुल जब्बार शाह पीर मोहल्ला चंदीगाम लोलाब रहने वाला है. वह लगातार आतंकियों और उनके नेटवर्क के लिए काम करता है. यही कारण है कि उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है. पीर की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं. पीर मोहल्ला चंदीगाम में आरोपी की पांच कनाल और तीन मरला जमीन गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [यूए(पी)ए] की धारा 25 के तहत जब्त कर ली गई.
Kupwara, J&K | In a major crackdown on terror operatives and their support structures, Jammu and Kashmir Police in Sogam, Kupwara, have seized properties belonging to Ghulam Rasool Shah alias Rafia Rasool Shah, who is a Pakistan-based Kashmiri militant handler and top commander pic.twitter.com/IdtDQptHbY
— ANI (@ANI) July 9, 2025
पुलिस ने कहा कि आतंकवादी हैंडलर, जो इस समय सीमा पार से एक्टिव है, कई सालों से इस क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और उन्हें सुविधाजनक बनाने में सक्रिय रूप से शामिल रहा है. पुलिस ने कहा कि यह निर्णायक कदम आतंकवादी संगठनों और उनके सीमा पार हैंडलरों के रसद, वित्तीय और संचालन नेटवर्क को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. संपत्ति की कुर्की उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है, जो देश के भीतर या बाहर से राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं या उनका समर्थन करते हैं.
लोगों को वापस मिला उनका पैसा
जम्मू में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में भी संपत्ति कुर्क की है. पुलिस ने बताया कि पल्लनवाला निवासी हरप्रीत सिंह ने खुद को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बताकर लोगों से करीब ₹2.39 करोड़ की ठगी की थी. इसके बदले में उसने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था. आरोपी की पत्नी ने कोर्ट में स्वीकार किया था कि उसे पैसे मिले हैं.
पुलिस ने कहा, “वह स्वेच्छा से राशि वापस करने के लिए सहमत हुई और शुरुआत में 7 दिनों के भीतर ₹50 लाख और शेष ₹1.03 करोड़ दो महीने के भीतर जमा करने का वादा किया.”
पुलिस ने कहा कि बरामद ₹75 लाख की राशि 17 पीड़ितों के बीच चेक के माध्यम से बराबर-बराबर बांट दी गई है. “बीएनएसएस के तहत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में यह पहला मामला है, जहां धोखाधड़ी से प्राप्त धन पीड़ितों को वापस किया गया है.
जम्मू-कश्मीर: आतंकियों की मदद पड़ी भारी, पुलिस ने जब्त की संपत्ति
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