Nation- लैपटॉप, पोस्टमार्टम और… वाई पूरन सुसाइड केस की ये चुनौतियां; IPS ने जान देने से पहले किससे की थी बात?- #NA

लैपटॉप, पोस्टमार्टम और... वाई पूरन सुसाइड केस की ये चुनौतियां; IPS ने जान देने से पहले किससे की थी बात?

IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस

हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस तूल पकड़ता जा रहा है. सुसाइड के 7 दिन बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वाई पूरन कुमार का वह लैपटॉप अब तक जांच टीम को नहीं मिला है, जिसमें कथित तौर पर 9 पन्नों का सुसाइड नोट टाइप किया गया था. एसआईटी के लिए लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच, उस पर मिले फिंगरप्रिंट्स और मृतक के ई-मेल अकाउंट की जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

पुलिस का कहना है कि जब तक वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा, तब तक जांच तकनीकी और कानूनी रूप से आगे नहीं बढ़ सकती. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, यदि मृतक के परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हैं, तो पुलिस मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करवा सकती है ताकि साक्ष्य नष्ट न हों. फिलहाल परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए औपचारिक सहमति नहीं दी है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जैसे ही परिवार तैयार होगा, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों, एक मजिस्ट्रेट और बैलेस्टिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

शव डिकंपोज़ होना शुरू हो चुका है

बैलेस्टिक जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि यह पुष्टि हो सके कि जिस सर्विस रिवॉल्वर से गोली चली, क्या वही हथियार वास्तव में इस्तेमाल हुआ था या नहीं. इस जांच से गोली और उसके खोल की मैचिंग कराई जाएगी. हालांकि, सुसाइड को सात दिन से अधिक समय बीत जाने के कारण शव डिकंपोज़ होना शुरू हो चुका है, जिससे गन पाउडर के अवशेष और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाना मुश्किल हो सकता है.

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अब तक कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से कुछ अहम सुराग मिले हैं. सुसाइड से पहले वाई पूरन कुमार ने कई अफसरों, अपने वकील और कुछ परिचितों से बातचीत की थी. SIT इन लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी दबाव या मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम तो नहीं उठाया.

2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे

गौरतलब है कि वाई पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और इस समय विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव हैं. घटना 7 अक्टूबर, मंगलवार को हुई थी, जब वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास के बेसमेंट में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी. उस समय घर में उनकी पत्नी मौजूद नहीं थीं, केवल बेटी घर पर थी.

घर से बरामद 9 पन्नों का सुसाइड नोट इस केस का सबसे अहम दस्तावेज है. इसमें वाई पूरन कुमार ने अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और प्रशासनिक दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा था कि अगस्त 2020 से लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था. अब पुलिस की जांच इसी नोट और तकनीकी साक्ष्यों पर टिकी है, जिनके बिना सच तक पहुंचना मुश्किल होगा.

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