Nation- खो गया बिहार के जवइनिया गांव का अस्तित्व… न सपने बचे, न अपने- #NA

खो गया बिहार के जवइनिया गांव का अस्तित्व... न सपने बचे, न अपने

जवइनिया गांव

पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ से करोड़ों का नुकसान हो गया है, सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. बिहार भी इससे अछूता नहीं है, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा गंगा का पानी लगातार लोगों की सांसें बढ़ा रहा है. इसी बीच टीवी 9 भारतवर्ष की टीम भोजपुर के जवइनिया गांव पहुंची जहां बाढ़ में सब कुछ खो चुके लोगों ने नम आंखों से अपनी आपबीती बताई. वहां 300 से ज्यादा घर बाढ़ बर्बाद हो चुके हैं. ⁠गांव में निशान के तौर पर सिर्फ एक स्कूल का कुछ हिस्सा बचा हुआ है. पढ़िए लोगों की आपबीती, उनकी जुबानी…

⁠बाढ़ में पूरा गांव हो गया तबाह

भोजपुर के जवइनिया गांव का एक बड़ा हिस्सा नदी में तब्दील हो गया. ⁠गांव में निशान के तौर पर सिर्फ एक स्कूल का कुछ हिस्सा बचा हुआ है. ⁠गांव के सभी लोग बांध पर रहने को मजबूर हैं. ⁠बांध पर करीब एक हजार झोपड़ियां बनाई गई हैं, जिसमें लोग रहते हैं. रोते बिलखते लोग अपनी कहानी बयां करते हुए कहते हैं कि ⁠एक ही जगह इंसान और मवेशी रह रहे हैं. हम पर लगातार बीमारी का खतरा मंडरा रहा है. जवइनिया गांव का अस्तित्व खत्म हो चुका है. गंगा नदी की विनाशलीला में सब कुछ बह गया है. जिंदगी बचाने के लिए अपनी मेहनत की कमाई छोड़ सुरक्षित स्थान पर भाग गए.

गांव का नामोनिशान मिट गया

अब जवइनिया में सिर्फ एक स्कूल का हिस्सा बचा है, जहां कुछ लोग रह रहे हैं. लाइब्रेरी, बरामदा सब कुछ टूट गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि एक बाढ़ में सब कुछ बह गया. ये स्कूल इस इलाके का सबसे बड़ा स्कूल था. जवइनिया गांव का नामोनिशान मिट गया है. लोगों ने बताया कि बाढ़ तो हर साल आती है पर इस बार कटान इतना ज्यादा था कि सब कुछ बह गया. 350 से ज्यादा घर पानी में समा चुके हैं. विरेंद्र पासवान ने बताया कि बर्बादी का कोई हिसाब नहीं है, सारा सामान बह गया. अब दोबारा जीवनयापन के लिए जीरो से शुरुआत करनी होगी.

सिर्फ घर नहीं, सपने भी बह गए

एक और स्थानीय निवासी ने बताया कि मकान गिरने के दौरान कई लोग घायल भी हुए हैं. ये घायल लोग भी जिंदगी भर कुछ काम नहीं कर पाएंगे. अब ये लोग अधमरे होकर रह गए हैं. इस तबाही से हम लोग 25 साल पीछे हो गए हैं. न खाने का मन करता है, न सोने का.

जंगली जानवर और बीमारी का खतरा बढ़ा

टीवी 9 भारतवर्ष की टीम को कुछ महिलाओं ने बताया कि यहां सांप का भी खतरा है. मवेशी भी यहीं बंधे हैं. यहां जंगली जानवरों के साथ कई बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ा है. महिलाओं ने बताया कि गांव से 2 किमी दूर बांध पर लोग रहने को मजबूर हैं. उनका कहना है उन्हें अब तक सरकार की तरफ से मुआवजा भी नहीं मिला है.

पढ़ें- आकाश वत्स की रिपोर्ट.

खो गया बिहार के जवइनिया गांव का अस्तित्व… न सपने बचे, न अपने

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