Nation- महाराष्ट्रः डॉक्टर कल करेंगे 24 घंटे की हड़ताल, होम्योपैथिक डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन कराने पर भड़के- #NA

महाराष्ट्र में डॉक्टरों की हड़ताल.
आईएमए के डॉक्टरों ने 18 सितंबर को सुबह 8 बजे से महाराष्ट्र में 24 घंटे की हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की महाराष्ट्र इकाई ने आधुनिक औषध विज्ञान में सर्टिफिकेट कोर्स पूरा करने वाले होम्योपैथिक डॉक्टरों के पंजीकरण की अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में 18 सितंबर से 24 घंटे की हड़ताल पर जाने की धमकी दी है,
आईएमए महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम ने बुधवार को बताया कि राज्य भर के लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल होंगे.
इस साल की शुरुआत में, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) को आधुनिक औषध विज्ञान में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स (सीसीएमपी) पूरा करने वाले होम्योपैथों का पंजीकरण करने का निर्देश दिया था ताकि उन्हें चुनिंदा मामलों में मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति मिल सके.
कल सुबह आठ बजे से डॉक्टरों की हड़ताल
इस संबंध में 5 सितंबर को एक नया सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया गया, जिससे एलोपैथिक चिकित्सक परेशान हो गए. कदम ने पीटीआई-भाषा को बताया, “हमारे प्रतिनिधियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें अपनी शिकायतों का एक ज्ञापन सौंपा. हम 24 घंटे की हड़ताल पर जा रहे हैं, जो 18 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी. राज्य भर के सरकारी और निजी अस्पतालों के सभी डॉक्टर, छात्र इस हड़ताल में भाग लेंगे.”
हालांकि, उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं चालू रहेंगी.आईएमए ने 5 सितंबर के जीआर को तत्काल वापस लेने की मांग की है.
कदम ने कहा कि सरकारी और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन, सेंट्रल एमएआरडी (महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) और बीएमसी एमएआरडी ने इस कदम का विरोध किया है और हड़ताल में भाग लेने का संकल्प लिया है. 17 सितंबर से, सरकार एमएमसी में होम्योपैथों का अलग पंजीकरण शुरू करेगी, जिससे सीसीएमपी कोर्स पूरा करने वाले होम्योपैथ चुनिंदा मामलों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे.
डॉक्टरों ने देशव्यापी आंदोलन की दी धमकी
अखिल भारतीय चिकित्सा संघों के महासंघ के अध्यक्ष डॉ अक्षय डोंगरदिवे ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तो डॉक्टर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे, यहां तक कि सड़कों पर उतरकर जनता को “जोखिमों” के बारे में बताएंगे.
मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, आईएमए की महाराष्ट्र इकाई ने तर्क दिया था कि इस फैसले से “अपर्याप्त” प्रशिक्षित व्यक्तियों को मरीजों का इलाज करने की अनुमति मिल जाएगी और इससे गलत निदान, प्रतिकूल प्रतिक्रिया, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और खासकर ग्रामीण इलाकों में मरीजों की मौत हो सकती है.
इसके अलावा, सीसीएमपी (होम्योपैथिक) डॉक्टरों को परिषद में पंजीकरण की अनुमति देने से अन्य वैकल्पिक चिकित्सा चिकित्सकों के लिए भी इसी तरह की मान्यता की मांग करने का एक उदाहरण स्थापित होगा, जिससे “स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अराजकता और जनता के विश्वास में कमी” आएगी, एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया है.
एमएमसी एक सरकारी निकाय है जो महाराष्ट्र में चिकित्सकों के पंजीकरण, विनियमन और नैतिक आचरण के लिए जिम्मेदार है.
महाराष्ट्रः डॉक्टर कल करेंगे 24 घंटे की हड़ताल, होम्योपैथिक डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन कराने पर भड़के
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