Nation- Maharashtra Nikay Chunav: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग आज, MVA-महायुति के बीच कड़ा मुकाबला- #NA

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस.
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले महायुति सरकार की एक योजना पर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है. नाम है लाडकी बहन योजना. इसे लेकर बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP में क्रेडिट वॉर चल रहा है. इसी एपिसोड में नया सियासी डायलॉग सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे का आया. जयकुमार ने क्या कहा, इससे पहले आइए एक नजर डालते हैं आज होने वाले मतदान पर.
चुनाव में मुख्य रूप से मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के बीच है. चुनाव में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए आज मतदान होगा. अलग-अलग जिलों में होने वाले इन चुनावों में EVM का इस्तेमाल किया जाएगा. ये चुनाव स्थानीय निकायों (नगर परिषद और नगर पंचायत) के 6705 सदस्यों और 264 अध्यक्षों के भाग्य का फैसला करेंगे. वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी. राज्य में 24 स्थानीय निकायों के अलावा 76 अन्य स्थानीय निकायों की 154 वार्ड सीट के लिए भी मंगलवार को मतदान नहीं होगा.
वोटिंग से जुड़ी खास बातें
- निकाय चुनाव का पहला चरण आज होगा. इसमें 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए वोटिंग होगी.
- एक करोड़ मतदाता पहले चरण में मतदान करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी की जानी है.
- चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा. मतगणना तीन दिसंबर को होगी.
- ये चुनाव स्थानीय निकायों के 6,705 सदस्यों और 264 अध्यक्षों की किस्मत का फैसला करेंगे.
- राज्य में 24 स्थानीय निकायों के अलावा 76 अन्य स्थानीय निकायों की 154 वार्ड सीट के लिए मंगलवार को मतदान नहीं होगा.
जयकुमार गोरे ने क्या कहा?
जयकुमार गोरे ने सोलापुर की एक रैली में महिलाओं को संबोधित करते हुए ये कह दिया कि पति भी आपको 100 रुपए नहीं देते लेकिन देवा भाऊ ने आपको 1500 रुपये दिए हैं. इसीलिए वोट सिर्फ बीजेपी को ही देना है. देवेंद्र फडणवीस को उनके फैंस देवा भाऊ भी कहते हैं. बीजेपी नेता और सरकार में मंत्री जयकुमार गोरे सीएम फडणवीस के करीबी हैं. इस बयान से विरोधियों का पारा चढ़ा है. विपक्ष ने इसे महिलाओं को अपमान बता दिया.
जयकुमार गोरे ने कहा, आपका पति भी आपको 100 रुपये नहीं देता लेकिन देवा भाऊ ने 1500 रुपये आपके खाते में भेजे हैं. इसके लिए थोड़ा आभार तो दिखाएं. विपक्ष का परेशान होना लाजिमी है लेकिन किसी योजना पर महायुति सरकार में विवाद क्यों हैं? तो जवाब है निकाय चुनाव में गठबंधन ना होना. इसीलिए महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में बीजेपी बनाम शिवसेना हो रहा है. लाडकी बहिन योजना पर जंग चालू आहे !
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सिर्फ पार्टियों के नेता और अलग-अलग गुट के मंत्री ही नहीं बल्कि बड़े नेता भी आमने-सामने हैं. इनमें एक तरफ हैं खुद फडणवीस तो दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे. बीजेपी इस योजना को देवा भाऊ यानी फडणवीस की उपलब्धि बता रही है. तो शिंदे सेना एकनाथ शिंदे को क्रेडिट दे रही है. एनसीपी का तर्क है योजना के वक्त वित्त मंत्री तो अजित पवार ही थे. इसीलिए क्रेडिट उनका है.
किसने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, लाडकी बहिन योजना मेरे मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी. ये योजना महायुति सरकार ने शुरू की थी. मैं मुख्यमंत्री था और दोनों उपमुख्यमंत्री थे. हमने इसे टीम के रूप में लॉन्च किया था. मुझे पता है मेरे मुख्यमंत्री रहते इस योजना को कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ा लेकिन हमने इसे जारी रखने का फैसला किया. हमने लाडकी बहिन को भरोसा दिलाया था कि कोई कितना भी कहे लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, जब तक आपका देवाभाऊ मुख्यमंत्री है, कोई भी लाडकी बहिन योजना के पैसे रोक नहीं सकता. वो पैसा आता ही रहेगा. जो निर्णय हम करते हैं वो सिर्फ चुनाव के लिए निर्णय करने वाले लोग हम नहीं हैं. क्योंकि हमें बार बार आपके पास आना है. हम एक बार आकर भागने वालों में से नहीं हैं.
ब्यूरो रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष.
Maharashtra Nikay Chunav: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग आज, MVA-महायुति के बीच कड़ा मुकाबला
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