Nation- 2000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, 3 लाख यात्री परेशान, सवालों के घेरे में इंडिगो एयरलाइन का ‘मनी मॉडल’- #NA

2000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, 3 लाख यात्री परेशान, सवालों के घेरे में इंडिगो एयरलाइन का 'मनी मॉडल'

इंडिगो संकट.

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो एक बड़े संकट से गुजर रही है. शनिवार को भी देशभर में 850 उड़ानें रद्द हुई हैं. ऐसे में बीते करीब 4 दिनों में 2000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं. इससे करीब 3 लाख से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हालात में परेशान नजर आए. इस व्यवस्था को लेकर इंडिगो एयरलाइन ने सॉरी बोलकर पल्ला झाड़ लिया है. लेकिन लोगों के सवाल अभी भी जारी हैं. एयरपोर्ट से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इंडिगो की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

बताया जाता है कि ने सरकार के नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियम 5 महीने पहले जारी किए गए थे, ताकि पायलटों के कार्य-घंटे कम हों और सुरक्षा बेहतर हो. लेकिन आरोप है कि इंडिगो ने समय रहते स्टाफ की भर्ती नहीं की. जिसके बाद पायलटों का वर्कलोड बढ़ता गया. एकाएक वर्कलोड बढ़ने और अचानक नए नियम लागू होने पर रोस्टर संकट खड़ा हो गया. नतीजा यह हुआ कि हजारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे और एयरलाइन ने धीरे-धीरे परेशानी को पहले तकनीकी दिक्कत बताया. फिर मौसम का बहाना बनाया और अंत में पायलटों की कमी बताकर सॉरी बोल दिया.

क्या इंडिगो ने सरकार पर दबाव बनाया?

एयरलाइन सेक्टर में यह चर्चा जोरों पर है कि इंडिगो ने जानबूझकर संकट गहराने दिया ताकि सरकार पर नए नियमों को ढीला करने का दबाव बने. इस शक को और गहरा करती है घटना की टाइमिंग. दरअसल यह सब तब हुआ जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत यात्रा पर थे और विश्व मीडिया भारत की एयरपोर्ट क्राइसिस को प्रमुखता से दिखा रहा था. इंडिगो की इस हरकत से तंग आकर सरकार ने नियम छूट देते हुए इंडिगो पर जांच भी बैठा दी है. वैसे अभी तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं. यह संकेत है कि संकट केवल अस्थायी नहीं, बल्कि गहरे स्तर पर प्रबंधन की खामियों से जुड़ा हुआ है.

इंडिगो का मनी मॉडल, कम टर्न-अराउंड टाइम, ज्यादा प्रेशर

इंडिगो अपने बिजनेस मॉडल के लिए मशहूर है. विमान का टर्न-अराउंड टाइम केवल 20-25 मिनट रखना है. जबकि देखा जाए तो नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) मानक लगभग 40 मिनट का सुझाव देता है. इन 20-25 मिनट में डिबोर्डिंग, बोर्डिंग, सफाई, कार्गो लोडिंग, फ्यूलिंग, भोजन, इंजीनियरिंग चेक आदि प्रक्रिया को निपटाया जाता है. इससे साल में 200 से ज्यादा अतिरिक्त उड़ानें निकलती हैं, लेकिन स्टाफ पर इससे बेहद दबाव बनता है. पायलट यूनियन ने जनवरी 2024 में अदालत में याचिका दायर की थी कि अधिक कार्य-घंटों के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ रहा है इन्हीं शिकायतों के आधार पर FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियम को लागू किया गया.

सरकार सख्त, एक्शन की तैयारी

केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को लेकर बेहद रूख अपनाया है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यात्रियों पर आए इस संकट के लिए इंडिगो जिम्मेदार है. एयरलाइन पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा. फिलहाल किराए में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी गई है. 500 किमी तक अधिकतम किराया ₹7,500 तय किया गया है. DGCA ने किराए की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन पर भी कार्रवाई संभव है. यानी इंडिगो के सीईओ को हटाने की तैयारी चल रही है. आने वाले दिनों में सरकार का बड़ा एक्शन देखने को मिल सकता है.

क्यों सिर्फ इंडिगो पर इतना असर?

दरअसल भारत के घरेलू एविएशन मार्केट में इंडिगो की हिस्सेदारी 65% के आसपास है. यह रोज 23002500 उड़ानें ऑपरेट करती है. ऐसे में रोस्टर गड़बड़ होने का सबसे बड़ा असर उसी पर पड़ा है. माना जाता है कि FDTL (Flight Duty Time Limitation) के नियमों को इंडिगो ने शुरुआत में नहीं अपनाया. जबकि इस नियम के तहत के पायलट्स की संख्या में इजाफा करना था. लेकिन इंडिगो ने नियम को पूरी तरह से अनदेखा किया है. इसका असर यह हुआ कि धीरे-धीरे इंडिगो के हालात बिगड़ने लगे, जो बाद में बड़े संकट में बदल गए.

15 दिसंबर तक हालात सामान्य होने के आसार

वहीं, इंडिगो का दावा है कि 15 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी. लेकिन यात्रियों के अनुभव और फ्लाइट रद्द होने की गति देखकर विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति पूरी तरह स्थिर होने में समय लग सकता है. बताया जा रहा है कि हालात को पूरी तरह से सामान्य होने में एक महीने से अधिक का समय लग सकता है. ऐसे में इंडिगो द्वारा सामान्य स्थिति को किया जा रहा दावा गलत है. वहीं इस पूरे मामले में सरकार ने अब इंडिगो के साथ-साथ अन्य एयरलाइन कंपनियों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है. सरकार अब ऐसे हालात दोबारा नहीं चाहती है. इसी वजह से सरकार ने डीजीसीए के तमाम अधिकारियों को एयरलाइन कंपनियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है.

2000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, 3 लाख यात्री परेशान, सवालों के घेरे में इंडिगो एयरलाइन का ‘मनी मॉडल’

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