Nation- नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनें… जानें नई सरकार में शामिल होने पर क्या बोले चिराग पासवान- #NA

नीतीश कुमार और चिराग पासवान.
बिहार चुनाव परिणाम से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उत्साहित हैं. शनिवार को उनकी पार्टी एलजीपी (रामविलास) के प्रतिनिधियों ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी नीतीश कुमार सरकार में शामिल होने के लिए उत्सुक है और वह निजी रूप से चाहते हैं कि नीतीश कुमार को मुख्यमत्री बने रहने चाहिए.
बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 सीटों पर जीत हासिल की हैं विधानसभा चुनावों में जीत के एक दिन बाद शनिवार को चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत करते विपक्ष पर “झूठा बयान” गढ़ने का भी आरोप लगाया कि बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के साथ उनके अच्छे संबंध नहीं हैं.
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों ने शनिवार को नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें जीत की बधाई दी.
नई सरकार में शामिल होने की जताई इच्छा
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं. पहले हम कहते थे कि हम सरकार का समर्थन करते हैं, लेकिन उसका हिस्सा नहीं हैं. ऐसा इसलिए था क्योंकि राज्य विधानमंडल में हमारा कोई प्रतिनिधित्व नहीं था.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “यह विधायकों को तय करना है कि अगला मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री कौन होना चाहिए. मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि नीतीश कुमार को सरकार का नेतृत्व करते रहना चाहिए.”
बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की जदयू ने 85 सीटें जीती हैं, जो भाजपा से चार कम हैं. 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद यह दूसरा मौका है जब मुख्यमंत्री की पार्टी को अपने सहयोगी दल से बेहतर प्रदर्शन करना पड़ा है.
चिराग पासवान ने आरजेडी पर साधा निशाना
चिराग पासवान को नीतीश कुमार का विरोधी माना जाता था. उन्होंने कहा कि 2020 का विधानसभा चुनाव एनडीए के सहयोगी के रूप में नहीं लड़ा था, जिससे आरजेडी को फायदा हुआ और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी.
उन्होंने कहा कि लेकिन, आरजेडी यह सोचकर अहंकारी हो गई कि जनता ने उस पार्टी पर भरोसा जताया है. पार्टी इसी अहंकार में डूब गई.बिहार की जनता ने आरजेडी और उसके जंगल राज को बहुत पहले ही नकार दिया था. 2010 में, पार्टी का सफाया हो गया था. 2015 में इसने परिस्थितियों के कारण ही बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि नीतीश कुमार उनके साथ आ गए थे और 2020 में उन्हें फ़ायदा हुआ क्योंकि हम एनडीए का हिस्सा नहीं थे.
उन्होंने एलजेपीआरवी को 29 सीटें देने के लिए “हमारे गठबंधन के केंद्रीय नेतृत्व” का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा किया, “भले ही निवर्तमान विधानसभा में हमारा एक भी विधायक नहीं था.”
चुनाव में जीत से उत्साहित चिराग पासवान
पासवान ने कहा, “हमें खारिज कर दिया गया. लोग कह रहे थे कि हमें चुनौतीपूर्ण सीटें इसलिए दी गई हैं ताकि मेरी पार्टी खराब प्रदर्शन करे और मेरी छवि धूमिल हो. एग्जिट पोल लगातार भविष्यवाणी कर रहे थे कि हम एकल अंकों में ही जीतेंगे.”
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी रगों में वही खून बह रहा है जो मेरे दिवंगत पिता रामविलास पासवान का था, जिन्होंने 2014 में पार्टी को पुनर्जीवित किया था.
दिवंगत पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को 2009 के लोकसभा चुनावों में झटका लगा था, जब वह एक भी सीट नहीं जीत पाई थी और संस्थापक अध्यक्ष खुद हाजीपुर जैसी सीट हार गए थे. एक साल बाद, विधानसभा चुनावों में भी पार्टी का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा, जो उसने राजद के साथ गठबंधन में लड़ा था. लोजपा को केवल तीन सीटें मिलीं और उसके दो विधायक जदयू में शामिल हो गए.
2014 में, स्वर्गीय पासवान एनडीए में शामिल हो गए और लोजपा ने “मोदी लहर” पर सवार होकर वापसी की और जिन सात सीटों पर चुनाव लड़ा था उनमें से छह पर जीत हासिल की और इसके संस्थापक को लंबे समय के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली.
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनें… जानें नई सरकार में शामिल होने पर क्या बोले चिराग पासवान
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