Nation- एक आंख, 48 घंटे में दो बार ऑपरेशन और 3 लेंस… फिर भी नहीं बची रोशनी; नोएडा के अस्पताल पर गंभीर आरोप- #NA

एक आंख, 48 घंटे में दो बार ऑपरेशन और 3 लेंस... फिर भी नहीं बची रोशनी; नोएडा के अस्पताल पर गंभीर आरोप

पीड़ित मरीज स्वराज सिंह.

नोएडा के जिला अस्पताल से एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. आंख के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक पीड़ित मरीज ने अस्पताल के डॉक्टर पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं. मरीज का कहना है कि उसकी एक ही आंख का दो बार ऑपरेशन कर दिया गया और जब तीसरी बार दिखाया गया तो डॉक्टर ने साफ कह दिया कि अब यह आंख कभी ठीक नहीं हो सकती. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

पीड़ित मरीज स्वराज सिंह के अनुसार 18 और 19 नवंबर को एक ही आंख का दो बार ऑपरेशन किया गया. वह आंख में धुंधलापन और रोशनी कम होने की समस्या को लेकर नोएडा जिला अस्पताल पहुंचा था. डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी. स्वराज सिंह का आरोप है कि 18 नवंबर को पहली बार आंख का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन समस्या ठीक नहीं हुई. इसके बाद 19 नवंबर को उसी आंख का दोबारा ऑपरेशन कर दिया गया. पीड़िता मरीज का कहना है कि उसे यह तक नहीं बताया गया कि पहले ऑपरेशन में क्या खामी रह गई थी.

डॉक्टर ने कहा- अब नहीं ठीक हो सकती आंख

पीड़ित का आरोप है कि दो बार ऑपरेशन के बाद भी जब आंख की हालत नहीं सुधरी तो वह दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचा. इस पर डॉक्टर ने कथित तौर पर कह दिया कि अब इस आंख में रोशनी आना मुश्किल है. कुछ नहीं किया जा सकता. इसके बाद मरीज और उसका परिवार मानसिक रूप से टूट गया. स्वराज सिंह ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन के लिए बाहर से लेंस खरीदने को कहा गया. सरकारी अस्पताल में रहते हुए भी निजी खर्च कराया गया. मरीज का कहना है कि उसने डॉक्टर की सलाह पर बाहर से लेंस खरीदकर दिया इसके बावजूद आंख की स्थिति बिगड़ती चली गई.

प्राइवेट अस्पताल में खुला बड़ा राज, आंख से निकले 3 लेंस

सरकारी अस्पताल से निराश होकर पीड़ित ने एक निजी अस्पताल में इलाज कराया, जहां जांच और ऑपरेशन के दौरान जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया. पीड़ित का दावा है कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान उसकी आंख से 3 लेंस निकाले गए. डॉक्टरों ने बताया कि एक ही आंख में कई लेंस होना गंभीर लापरवाही का संकेत है और इससे आंख को स्थायी नुकसान हो सकता है.

CMS ने बनाई जांच कमेटी

मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल की CMS डॉ. अजय राणा ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि मरीज की शिकायत प्राप्त हुई है. मरीज का पहले AIIMS में भी इलाज चल चुका है. पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

पीड़ित ने की सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित स्वराज सिंह का कहना है कि उसकी आंख की रोशनी लगभग खत्म हो चुकी है. सरकारी अस्पताल की लापरवाही ने उसकी जिंदगी बदल दी. उसने प्रशासन से मांग की है कि दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई हो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में किसी और मरीज के साथ ऐसा न हो. यह पहला मामला नहीं है, जब नोएडा जिला अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगे हो. इससे पहले भी गलत इलाज, देरी और संसाधनों की कमी जैसे मामलों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं.

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

पूरा मामला जांच कमेटी के पास है. अब देखना यह होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं, क्या मरीज को न्याय मिलता है और क्या जिम्मेदारों पर वास्तव में कार्रवाई होती है या मामला फाइलों में दबकर रह जाता है. यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.

एक आंख, 48 घंटे में दो बार ऑपरेशन और 3 लेंस… फिर भी नहीं बची रोशनी; नोएडा के अस्पताल पर गंभीर आरोप

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