Nation- Operation Mahadev: एक मिशन, एक सिग्नल और 3 आतंकी… 98वें दिन बाद पहलगाम का बदला- #NA

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला आखिरकार सुरक्षाबलों ने ले लिया. श्रीनगर में के बाहरी इलाके में हरवान के पास लिडवास के जंगली इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान सेना के जवानों ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा समेत तीन आतंकियों को मार गिराया. इस एनकाउंटर को ऑपरेशन महादेवनाम दिया गया था.

इस बीच सेना के ऑपरेशन महादेव को लेकर बताया जा रहा है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आतंकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुई थीं. बीते 22 जुलाई को आतंकियों के सुराग इसी कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए मिले थे.

चाइनीज अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन एक्टिव होने के सुराग

इसी दौरान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को चाइनीज अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन एक्टिव होने के पुख्ता सुराग मिले, जैसे ही चाइनीज अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन एक्टिव होने के सुराग मिले, सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आईं और ऑपरेशन महादेव लॉन्च किया गया. लश्कर-ए-तैयबा एनक्रिप्टेड मेसेज के लिए इस चाइनीज अल्ट्रा रेडियो का इस्तेमाल करता है. 2016 में इसे WY SMS भी कहते थे.

‘अल्ट्रा सेट एक कंट्रोल स्टेशन से जुड़ा होता है जो सीमा पार स्थित होता है. जानकारी के मुताबिक दो अलग-अलग अल्ट्रा सेट आपस में सीधे संपर्क नहीं कर सकते. अधिकारियों के अनुसार, इन संदेशों को हैंडसेट से पाकिस्तान में मौजूद मास्टर सर्वर तक पहुंचाने के लिए चीनी सैटेलाइट का इस्तेमाल किया जाता है. ये संदेश बहुत छोटे-छोटे बाइट्स में बदलकर भेजे जाते हैं.

चीन ने पाक आर्मी के लिए बनाया था कम्युनिकेशन सिस्टम

ये मैसेज भेजने और पाने के लिए रेडियो तरंगों (वेव्स) का इस्तेमाल करते हैं. आम मोबाइल टेक्नोलॉजी जैसे GSM या CDMA से अलग, ये एक अलग तरह की खास कम्युनिकेशन तकनीक पर काम करते हैं. अल्ट्रा सेट एक तरह का unique communication mechanism होता है. दरअसल ये कम्युनिकेशन सिस्टम चाइना ने पाक आर्मी के लिए बनाया था, लेकिन सीमा पार से आए आतंकी सबसे ज्यादा लश्कर आतंकी इसका इस्तेमाल करते हैं. पिछले साल भी पुंछ में जुलाई महीने में एनकाउंटर के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से चाइनीज अल्ट्रा सेट रेडियो कम्युनिकेशन घाटी में बरामद हुआ था.

लगातार ठिकाना बदलते रहे आतंकी

बताया जा रहा है कि मारे गए आतंकी अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की फिराक में थे. सुरक्षा एजेंसियों को पहले से इनपुट मिला था कि आतंकी गांदरबल के जंगलों में छिपे हैं. ये वही रास्ता है जहां से अमरनाथ यात्रा गुजरती है. 5 जुलाई से ऑपरेशन शुरू हुआ, जिसमें आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF और BSF शामिल थे. इस दौरान आतंकी लगातार ठिकाने बदलते रहे, लेकिन सुरक्षा बल उन्हें ट्रैक करते रहे.

इलाके में जारी है तलाशी अभियान

लगातार तलाश के बाद आखिरकार रविवार (28 जुलाई) की देर रात सुरक्षा एजेंसियों को टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस से इनपुट मिला कि आतंकी मुलनार गांव के पास महादेव पहाड़ियों में छिपे हैं. सोमवार सुबह करीब 10 बजे सुरक्षाबलों ने आतंकियों को पहाड़ों में घेर लिया गया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इस दौरान आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है. जिससे साफ जाहिर है कि ये आतंकी बड़ा हमला करने की कोशिश में थे. फिलहाल ऑपरेशन अब भी जारी है और इलाके में सघन तलाशी की जा रही है.

Operation Mahadev: एक मिशन, एक सिग्नल और 3 आतंकी… 98वें दिन बाद पहलगाम का बदला

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button