Nation- पलायन को मजबूर लोग… उत्तरकाशी में जहां आया था प्रलय, अभी वहां कैसे हैं हालात?- #NA

अब कैसे हैं धराली के हालात
5 अगस्त 2025…उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ये तारीख तबाही लेकर आई, जब दोपहर बाद बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई. धराली गांव और आसपास के इलाकों में अचानक आए पानी और मलबे के सैलाब ने ऐसा खौफनाक मंजर पैदा कर दिया, जिसे देखकर हर कोई सहम गया. तेज बहाव में कई घर, होटल और सड़कें बह गईं, जबकि बाढ़ की चपेट में आने से कई लोगों की जान चली गई और कई लोग लापता हो गए.
हालात इतने भयावह थे कि चार महीने बाद भी 52 लोग अपने परिवारों के पास वापस नहीं लौट सके और अब तक लापता हैं. अब इन लोगों के जिंदा रहने की उम्मीदें भी खत्म सी हो गई हैं. ऐसे में प्रशासन की ओर से इस आपदा में लापता हुए लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इस आपदा ने सैकड़ों परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए.
धराली के 12 लापता लोगों को मृत घोषित
इस आपदा में लाखों की लागत से बने भवनों को पलभर में तबाह कर दिया था. धराली गांव पर आई उस भीषण आपदा के बाद अपनों के लौटने के इंतजार में जी रहे परिवारों के लिए यह फैसला बेहद भारी मन से लिया गया. प्रशासन ने धराली के 8 लोगों समेत कुल 12 लापता लोगों को मृत घोषित करते हुए उनके परिजन को मृत्यु प्रमाण पत्र (death certificate) से जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं.
प्रशासनिक रिकॉर्ड में वह अब भी लापता
भटवाड़ी की एसडीएम शालिनी नेगी ने बताया कि लंबे समय तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब कानूनी प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाना पड़ा. कागजो में उन्हें मृत घोषित किया गया है, लेकिन प्रशासनिक रिकॉर्ड में वह अब भी लापता ही माने जाएंगे. अन्य राज्यों से जुड़े लापता लोगों के मामलों में संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है, जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके लिए यह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उम्मीद और दर्द के बीच लिया गया, सबसे मुश्किल फैसला है.
12 लापता मजदूर विदेशी नागरिक
उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि जितने लोग अभी भी लापता है. उन्हें मृत घोषित करने की कार्रवाई की जा रही है, जो दूसरे राज्यों के लोग हैं. उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. इनमें 12 मजदूर विदेशी नागरिक हैं, इसलिए भारत सरकार और संबंधित देश के विदेश मंत्रालय से औपचारिक पुष्टि के बिना उन्हें मृत घोषित करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार आपदा के बाद धराली में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि कई स्थानीय युवा पलायन को मजबूर हो चुके हैं. गांव में आजीविका के साधन लगभग खत्म हो गए हैं और रोजगार न होने के कारण अधिकांश लोग उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. इस बीच क्षेत्र के विधायक ने 10 जनवरी तक जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. यानी अभी जिस इलाके में प्रलय जैसी आपदा आई थी, वहां हालात अभी पटरी पर नहीं लौटे हैं.
पलायन को मजबूर लोग… उत्तरकाशी में जहां आया था प्रलय, अभी वहां कैसे हैं हालात?
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