Nation- फार्मासिस्ट बहाली को सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी, सिर्फ डिप्लोमा फार्मेसी वालों को मिलेगी नौकरी- #NA

सांकेतिक तस्वीर.
बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर नियमित नियुक्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अहम फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने बी-फ़ार्मा, एम फार्मा एवं फार्म डी डिग्रीधारियों की ओर से बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली को चुनौती देने वाली सभी अपीलों को खारिज करते हुए पटना हाई कोर्ट द्वारा 72 पन्नों के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इंकार कर दिया.
नियमावली के अनुसार फार्मासिस्ट की बहाली में आवश्यक शैक्षणिक अहर्ता इंटरमीडिएट विज्ञान में उत्तीर्ण, राज्य के फार्मेसी संस्थान से डिप्लोमा इन फार्मेसी की योग्यता एवं बिहार फार्मेसी काउंसिल से रजिस्ट्रीकृत होना अनिवार्य निर्धारित किया गया है.
न्यूनतम योग्यता के रूप में ‘फार्मेसी डिप्लोमा’ अनिवार्य
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि योग्यता की प्रासंगिकता और उपयुक्तता का निर्धारण करना नियोक्ता का काम है. इसके साथ ही न्यायालय ने बिहार फार्मासिस्ट कैडर नियमावली, 2014 के उस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जिसमें राज्य में फार्मासिस्ट के पद पर भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में ‘फार्मेसी डिप्लोमा’ अनिवार्य किया गया है.
राज्य का निर्णय मनमाना नहीं
न्यायालय ने कहा कि राज्य द्वारा फार्मेसी में डिप्लोमा के साथ 10 जमा 2 की पात्रता मानदंड निर्धारित करना मनमाना या तर्कहीन नहीं कहा जा सकता है. इसने कहा कि राज्य ने पाठ्यक्रम संरचना में अंतर और डिप्लोमा धारकों के लिए उपलब्ध रोजगार के अपेक्षाकृत सीमित अवसरों का हवाला देते हुए अपने तर्क को स्पष्ट किया है. इसलिए, नियुक्ति के लिए डिप्लोमा को अनिवार्य योग्यता बनाने का राज्य का निर्णय मनमाना नहीं कहा जा सकता.
न्यायिक समीक्षा का दायरा
पीठ ने कहा कि राज्य ने पंजीकृत फार्मासिस्टों के विशाल समूह में से केवल उन उम्मीदवारों का एक छोटा समूह चुना है, जिन्हें वह किसी विशेष उद्देश्य के लिए सबसे उपयुक्त मानता है. सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि सार्वजनिक रोजगार के मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा किसी सार्वजनिक पद के लिए न्यूनतम पात्रता आवश्यकताओं को निर्धारित करने में राज्य की बुद्धिमत्ता या नीति पर सवाल उठाने तक विस्तारित नहीं होता है. शीर्ष अदालत ने कहा कि फार्मासिस्ट सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
- फार्मासिस्ट पद पर सिर्फ डिप्लोमा इन फार्मेसी होल्डर की ही होगी नियुक्ति.
- बिहार फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में सिर्फ डिप्लोमा इन फार्मेसी योग्यता अनिवार्य करना हाईकोर्ट का सही निर्णय.
- पटना हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार.
- बी-फार्म, एम फार्म एवं फार्म डी डिग्रीधारी की ओर दायर 130 याचिकाकर्ताों को लगा झटका, कुल 6 याचिकाएं हुई खारिज.
- राज्य सरकार को भर्ती नियमावली बनाने एवं फार्मासिस्ट पद का अहर्ता तय करने का अधिकार.
- फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को राज्य सरकार के भर्ती में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं.
फार्मासिस्ट बहाली को सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी, सिर्फ डिप्लोमा फार्मेसी वालों को मिलेगी नौकरी
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