Nation- पीएम मोदी की आज दुर्गापुर में सभा, 50 हजार करोड़ की परियोजना की देंगे सौगत, जानें सियासी रूप से भी कैसे है खास- #NA

PM नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर का दौरा करेंगे. पीएम मोदी दुर्गापुर में दो कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. पहले कार्यक्रम में पीएम मोदी अपराह्न तीन बजे 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात देंगे. इसके 45 मिनट के बाद दूसरे कार्यक्रम में पीएम मोदी दुर्गापुर के नेहरू स्टेडियम में परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करेंगे. यह सभाराजनीतिक रूप से भी यह सभा भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा है. राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की 21 जुलाई को होने वाली वार्षिक ‘शहीद दिवस’ मेगा रैली से कुछ दिन पहले पीएम मोदी की यह रैली हो रही है. इस कारण इस सभा का विशेष सियासी महत्व है. यह सभा 2026 विधानसभा चुनावों के पहले यह सियासी प्रचार का शंखनाद माना जा रहा है.
हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री का राज्य का दूसरा दौरा है. इससे पहले उन्होंने 29 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलीपुरद्वार में भाषण दिया था. विश्लेषक उनके भाषण पर उत्सुकता से नजर रखेंगे, खासकर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली प्रवासियों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के चल रहे अभियान के मद्देनजर पीएम के भाषण पर सभी की नजर होगी. ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर बांग्ला भाषियों के साथ पक्षपातपूर्ण करने का आरोप लगाती रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्ला बोलने पर ही बंगालियों को बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है.
इस कार्यक्रम में भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें नवनियुक्त राज्य पार्टी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और अभिनेता से राजनेता बने मिथुन चक्रवर्ती शामिल हैं.
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष, जो हाल ही में पार्टी कार्यक्रमों में कम दिखाई दिए हैं, के भी उपस्थित रहने की पुष्टि हुई है. भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि वे कल एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे.
करोड़ों की परियोजना की देंगे सौगात
प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों में कई परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिनका कुल मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है. इन पहलों में तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल अवसंरचना शामिल हैं.
इन परियोजनाओं में प्रमुख है बांकुड़ा और पुरुलिया जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना का शिलान्यास, जिस पर लगभग 1,950 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इस परियोजना का उद्देश्य घरों, व्यवसायों और उद्योगों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाना, सीएनजी खुदरा दुकानें स्थापित करना और रोजगार सृजन करना है.
प्रधानमंत्री दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन की परियोजनाओं के कुछ हिस्से का उद्धाटन करेंगे. वह 132 किलोमीटर लंबे दुर्गापुर-कोलकाता खंड का उद्धाटन करेंगे यह जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन का एक अंश है.
परियोजनाओं से बंगाल के इन इलाकों को मिलेगा लाभ
1,190 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला यह खंड पूर्व बर्धमान, हुगली और नादिया जिलों से होकर गुजरता है, जिससे घरों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और इसके निर्माण के दौरान रोजगार सृजन भी होगा.
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री मोदी दामोदर घाटी निगम के दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन और रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन में रेट्रोफिटिंग प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली – फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) प्रणाली को भी समर्पित करेंगे. 1,457 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में मदद मिलेगी तथा रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
पुरुलिया में दोहरीकृत पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन (36 किलोमीटर) के लोकार्पण से रेल अवसंरचना को भी बढ़ावा मिलेगा. इस परियोजना की लागत 390 करोड़ रुपये से अधिक है. इस उन्नयन से जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद के उद्योगों के लिए रांची और कोलकाता के साथ रेल संपर्क बढ़ेगा, माल की आवाजाही सुव्यवस्थित होगी और यात्रा का समय कम होगा.
कैसे राजनीतिक रूप से अहम है पीएम की सभा
पीएम मोदी द्वारा घोषित परियोजनाओं से मूलतः पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, पुरुलिया, दुर्गापुर और आसनसोल इलाके को लाभ मिलेगा. ये क्षेत्र जहां एक ओर जंगलमहल की आदिवासी राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक और खनन क्षेत्रों के कारण श्रमिक वर्ग की राजनीति का भी केंद्र बने हुए हैं.
पीएम मोदी दुर्गापुर के नेहरू स्टेडियम में परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करेंगे. इस सभा से पीएम मोदी बंगाल में परिवर्तन का आह्वान करेंगे. पीएम मोदी के ममता बनर्जी की सरकार पर इस सभा से हमला बोलने की संभावना है और राज्य में परिवर्तन का भी आह्वान करेंगे.
बांकुड़ा लोकसभा सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां तृणमूल को पछाड़ते हुए बड़ी जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने अपनी पकड़ फिर से मजबूत की. इलाके में जल संकट, आदिवासी कल्याण योजनाएं और आधारभूत ढांचे का विकास मुख्य चुनावी मुद्दे बने हुए हैं.
झारखंड सीमा से लगे इस जिले में आदिवासी बहुल आबादी के बीच राजनीतिक जागरूकता तेजी से बढ़ी है. 2019 में बीजेपी ने इस जिले में भी लोकसभा की सीट जीतकर टीएमसी को करारा झटका दिया था. हालांकि, विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने कुछ रिकवरी करते हुए भाजपा की लहर को थामने का प्रयास किया. यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संकट और आदिवासी अधिकार जैसे मुद्दों पर चुनावी समीकरण बन रहे हैं.
जंगलमहल इलाके में सियासी बढ़त की कोशिश
देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल दुर्गापुर की राजनीति मजदूर वर्ग और शहरी मतदाताओं पर आधारित है. टीएमसी का स्थानीय निकायों पर मजबूत नियंत्रण है, लेकिन बीजेपी ने भी हाल के वर्षों में विधानसभा स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. दुर्गापुर पश्चिम से बीजेपी विधायक की जीत ने संकेत दिया कि यहां पार्टी की जड़ें मजबूत हो रही हैं.
आसनसोल, बंगाल की दूसरी सबसे बड़ी नगरी, खनन और मिश्रित जनसंख्या के कारण सियासी रूप से बेहद संवेदनशील बन चुकी है. 2014 और 2019 में बीजेपी के बाबुल सुप्रियो ने यहां लोकसभा चुनाव जीते थे, लेकिन 2022 के उपचुनाव में टीएमसी ने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को मैदान में उतारकर जीत दर्ज की. हिंदीभाषी और आदिवासी मतदाताओं का रुझान यहां चुनावी नतीजों को निर्णायक बना सकता है.
पीएम मोदी की आज दुर्गापुर में सभा, 50 हजार करोड़ की परियोजना की देंगे सौगत, जानें सियासी रूप से भी कैसे है खास
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