Nation- अंबरनाथ में सत्ता संघर्ष: शिवसेना-NCP ने छीनी बाजी, BJP की चाल नाकाम, जोरदार हंगामा- #NA

एकनाथ शिंदे और देवेन्द्र फडणवीस.
महाराष्ट्र के अंबरनाथ में सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंच गया है. नगरपरिषद के उपाध्यक्ष पद के चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चार नगरसेवकों के समर्थन से सत्ता स्थापित कर ली है. सदन में हाथ उठाकर कराए गए मतदान में सदाशिव (सदा मामा) पाटील उपाध्यक्ष चुने गए.
चुनाव से पहले एनसीपी गटनेता अभिजीत करंजुले ने चारों नगरसेवकों को सख्त व्हीप जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि उल्लंघन की स्थिति में उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है. इसके बावजूद मतदान में उन्होंने शिवसेना के पक्ष में समर्थन दिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई.
बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया पर जताई आपत्ति
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया है और मामले को कोर्ट तक ले जाने का संकेत दिया है. चुनाव के दौरान सभागृह में भारी हंगामा देखने को मिला. नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने
मतदान में शिवसेना-महायुति विकास आघाड़ी को 32 वोट मिले, जबकि अंबरनाथ विकास आघाड़ी को 28 वोट प्राप्त हुए. नतीजों के बाद एक बार फिर बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. अंबरनाथ की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद आगे क्या कानूनी मोड़ आएगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
एनसीपी पार्षद ने उपाध्यक्ष का पद हासिल किया
यहां एक सप्ताह तक जारी रहे सियासी ड्रामे के बाद आखिरकार शिवसेना समर्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षद सदाशिव हेंडर पाटिल सोमवार को महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद (एएमसी) का उपाध्यक्ष चुन लिया गया.परिषद की आम सभा की बैठक के दौरान हुए चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना पार्षदों के बीच हंगामा हुआ.इस मुकाबले में सदाशिव पाटिल ने 32 वोट हासिल करके पद पर कब्जा जमाया, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार प्रदीप पाटिल को 28 वोट मिले.
आम सभा की बैठक में अफरा-तफरी
शिवसेना समर्थित एनसीपी के प्रतिनिधि सदाशिव पाटिल की जीत ने ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में बीजेपी को एक बड़ा झटका दिया है.उपाध्यक्ष पद के अलावा, परिषद के लिए पांच लोगों को नामित सदस्यों के रूप में चुना गया.इससे पहले, एएमसी उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान बीजेपी और शिवसेना के पार्षदों के बीच तीखी बहस होने से आम सभा की बैठक में अफरा-तफरी मच गई.
बीजेपी के नाराज पार्षदों ने लहराई चप्पलें
बीजेपी के नाराज पार्षदों को चप्पलें लहराते और उपाध्यक्ष पद के लिए शिवसेना के उम्मीदवार पर चिल्लाते हुए देखा गया.शिवसेना के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को चुनौती देने के लिए हाल ही में बीजेपी, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और स्थानीय कांग्रेस सदस्यों को मिलाकर अंबरनाथ विकास आघाडी (एवीए) नाम से गठबंधन किया गया तथा कांग्रेस के 12 पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रतिद्वंद्विता और भी बढ़ गई.बाद में, एनसीपी ने शिवसेना से हाथ मिलाकर परिषद में बहुमत हासिल किया.
राज्य सरकार में सहयोगी दल
पिछले महीने हुए एएमसी चुनावों के बाद से नगर परिषद में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सत्ता संघर्ष जारी रहा, ये दोनों ही राज्य सरकार में सहयोगी दल हैं.पिछले महीने हुए चुनावों में बीजेपी ने अपनी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल को एएमसी अध्यक्ष चुना, वहीं उपाध्यक्ष पद के चुनाव ने दोनों पार्टियों के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया. वर्तमान में 60 सदस्यीय परिषद में शिवसेना के 27 पार्षद, बीजेपी के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के चार और दो निर्दलीय पार्षद हैं.
अंबरनाथ में सत्ता संघर्ष: शिवसेना-NCP ने छीनी बाजी, BJP की चाल नाकाम, जोरदार हंगामा
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