Nation- प्रशांत किशोर NDA में चिराग को सीएम बनाने का रास्ता कर रहे आसान! आखिर क्या पक रही खिचड़ी?- #NA

प्रशांत किशोर NDA में चिराग को सीएम बनाने का रास्ता कर रहे आसान! आखिर क्या पक रही खिचड़ी?

चिराग पासवान का समर्थन कर रहे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर यानी PK राजनीति के नए चाणक्य माने जाते हैं ये उनके विरोधी भी स्वीकार करते हैं. लेकिन बिहार की राजनीति में कूद चुके प्रशांत किशोर चाणक्य के तौर पर एनडीए में चंद्रगुप्त भी तलाश चुके हैं और ये खुले तौर पर दिखने भी लगा है. पीके का चिराग प्रेम तो सबको पता है, लेकिन एनडीए की सरकार में सीएम चिराग बनें ये खुलासा जन सुराज पार्टी ने खुलेआम टीवी9 डिजिटल के ‘बिहार बैठक’ में ही कर दिया था. जाहिर है कि बीजेपी के कई नेताओं को दागदार बता प्रशांत किशोर एनडीए में चिराग पासवान के लिए रास्ता आसान कर रहे हैं, इस बात से अब कौन इनकार कर सकता है.

बिहार में अगर एनडीए की सरकार बनती तो चिराग ही मुख्यमंत्री बनें, यह चीज जनसुराज पार्टी ने टीवी9 पर स्वीकार कर लिया. चिराग के लिए जनसुराज का प्रेम छुपाए छुप नहीं रहा है. पीके की पार्टी चिराग को एनडीए में सबसे सुयोग्य नेता मानती है, इसलिए सरकार बनने पर उन्हें सीएम के रूप में देखना चाहती है.

एनडीए में CM को लेकर कयासों का दौर

टीवी9 के डिजिटल बैठक के गयाजी संस्करण के दौरान जीतन राम मांझी ने साफ कर दिया था कि एनडीए में सीएम पद की कोई वैकेंसी नहीं है, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) चिराग को ही सीएम बनाने के लिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से पूरी तैयारी करने में जुट गई है. पार्टी के प्रवक्ता विनीत कुमार का कहना है कि चिराग बेदाग और सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं ये बात किसी से छिपी नहीं है. लेकिन चिराग को सीएम बनाए जाने के लिए जनसुराज की मदद की दरकार नहीं है.

कैमरे पर पार्टी के प्रवक्ता चाहे जो भी बयान दें लेकिन अंदरखाने बीजेपी और जेडीयू के बड़े चेहरों पर कीचड़ उछालने के साथ ही प्रशांत किशोर चिराग के लिए सीएम बनने का रास्ता आसान करते जा रहे हैं, ये चिराग की पार्टी के नेता ऑफ द रिकॉर्ड स्वीकर भी कर रहे हैं.

जाहिर है आपदा में अवसर तलाशने का मूलमंत्र जो पीएम मोदी ने अपनी पार्टी और घटक दलों को दिया था उसे अपने सपनों को साकार बनाने के लिए चिराग की टीम पूरी तरह अपनाकर अवसर के तलाश में जुटी है.

पीके कैसे कर रहे चिराग का रास्ता आसान?

प्रशांत किशोर बीजेपी के बड़े नेताओं पर आरोपों की झड़ी लगाकर नीतीश सरकार को भ्रष्टतम सरकार करार देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. पीके नीतीश सरकार में वर्तमान मंगल पांडे, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, प्रदेश इकाई के सबसे बड़े चेहरे सम्राट किशोर और पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल सहित जेडीयू के कद्दावर नेता अशोक चौधरी के खिलाफ भी आरोपों की झड़ी लगा कर मोर्चा खोल चुके हैं.

टीवी9 डिजिटल के साथ साक्षात्कार में पीके नीतीश कुमार को क्लीनचिट देते नजर आते हैं लेकिन उनकी सरकार को भ्रष्टतम करार देकर कई नेताओं के काले कारनामों का आरोप लगाकर पर्दाफाश भी करते हैं. जाहिर है बड़े नेताओं को सवालों के घेरे में खड़ाकर प्रशांत किशोर साफ तौर पर एनडीए को दागदार नेताओं की पार्टी घोषित करने का कोई मौका नहीं गंवा रहे हैं. जबकि प्रशांत किशोर चिराग पासवान को दोस्त और जाति तथा धर्म से ऊपर उठकर राजनीति करने की बात कह उन्हें सुयोग्य नेता भी करार देते हैं.

PK के हमले से बीजेपी और जेडीयू असमंजस में

प्रशांत किशोर ने चिराग को एनडीए में सबसे बेहतर और प्रोग्रेसिव नेता करार देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं. इसलिए जनसुराज के प्रवक्ता द्वारा एनडीए का सीएम चिराग हो कह देने से पीके की गूढ़ राजनीति से भी पर्दा उठने लगा है.

इसी तरह एलजेपी (आर) के बिहार प्रभारी और सांसद अरुण भारती ने टीवी9 के डिजिटल बिहार बैठक में चिराग को सीएम बनाने को लेकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी, लेकिन 2025 में चिराग नीतीश कुमार के रहते सीएम बन सकेंगे, इस पर चिराग के करीबी सांसद और नेता गोलमोल जवाब देते सुने गए. बीजेपी और जेडीयू में बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार और हत्या के आरोप लगने के बाद बीजेपी और जेडीयू दो फाड़ दिख रही है. बीजेपी में पूर्व मंत्री आरके सिंह और जेडीयू के भीतर नीरज कुमार, अशोक चौधरी समेत सभी नेताओं के ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने की मांग कर पार्टी को असमंजस में डाल रहे हैं.

चिराग के CM को लेकर LJP में क्यों बढ़ गई उम्मीदें

लेकिन चिराग की पार्टी के लिए एनडीए के घटक दल के बावजूद अपने नेता के लिए एक बड़े अवसर के तौर पर देखा जा रहा है. चिराग के समर्थकों में खुशी है कि बिहार में बीजेपी के बड़े चेहरों पर पीके की ओर से किए जा रहे करारे प्रहार से चिराग का सीएम बनने का रास्ता आसान हो गया है. चिराग की एनडीए में बेदाग और सर्वाधिक लोकप्रिय नेता की छवी को पार्टी भुनाना चाह रही है.इसलिए सीएम बनने के अवसर को एलजेपी अपने हाथ से जाने नहीं देगी.

एनडीए में औपचारिक तौर पर सीएम पद को लेकर कोई वेकैंसी नहीं है, ये अभी तक कहा जा रहा है, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद अवसर मिलने पर प्रमुख दावेदार के तौर पर चिराग का नाम आगे रखा जाएगा इसकी योजना चिराग की कोर कमेटी ने तय कर ली है. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक चिराग पासवान दलित हैं और बीजेपी एलजेपी के दलित कार्ड के आगे घुटने टेक देगी ऐसा पार्टी मान कर चल रही है.

जाहिर है चिराग भी पहले कह चुके हैं कि जो गलती उनके पिता रामविलास पासवान ने की थी अब वो नहीं करेंगे, इसलिए पूरी पार्टी ही चिराग को सीएम बनाने की रणनीति में जुट गई है.

2020 में नीतीश का ‘खेल’ खराब कर चुके हैं चिराग

दरअसल, नीतीश कुमार के रहते मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है, ये चिराग भी समझ चुके हैं. इसलिए जेडीयू के साथ बेहतर रिश्ते कायम करने को लेकर चिराग पिछले कुछ समय से प्रयासरत दिखे हैं. साल 2020 के विधानसभा चुनाव के दरमियान चिराग ने खुलेआम जेडीयू के खिलाफ बगावत कर तीसरे नंबर की पार्टी बनाने में अहम किरदार अदा की थी, लेकिन इसकी भारी कीमत एलजेपी को चुकानी पड़ी थी.

हालांकि चिराग अब समय के साथ परिपक्व दिखाई पड़ रहे हैं. इसलिए नीतीश के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर अपने सपने को साकार करने की कवायद में आगे बढ़ रहे हैं. वैसे एलजेपी जानती है कि नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है. इसलिए अपने पत्ते भी सावधानी से फेंक रही है. बिहार में इस परसेप्शन को दूर करने का प्रयास एनडीए कर रही है कि नीतीश बीमार हैं और साल 2025 से 2030 तक नहीं चल सकेंगे. लेकिन अंदरखाने इस बात की तैयारी भी जोरों पर है कि नीतीश किसी वजह से सीएम पद पर नहीं रहे तो इस अवसर का लाभ उठाने में कोई परहेज नहीं करना है.


एलजेपी की तैयारी इस बाबत पहले से चल रही है. कुछ-कुछ मुद्दों पर चिराग का अलग स्वर एनडीए में उनकी अलग पहचान कायम रखने में कामयाब रही है. कोटे में कोटा का विरोध हो या यूपी में जाति के नाम की रैली पर रोक का मसला हो चिराग एनडीए में अलग राय रख अलग पहचान कायम रखने की रणनीति पर काम करते देखे गए हैं.

यही वजह है कि इन दिनों चिराग बिहार की राजनीति में अजातशत्रु के रूप में नजर आ रहे हैं और ये सीख चिराग ने नीतीश कुमार से ली है, ऐसा कहा जा सकता है. एक तरफ पीएम मोदी का हनुमान खुद को बताकर पीएम मोदी के प्रति समर्पण का भाव प्रेषित करते हैं तो वहीं प्रशांत किशोर समेत कांग्रेस के नेताओं से बेहतर संबंध कायम रख चिराग बिहार की सत्ता के शिखर पर पहुंचने की तैयारी में लगे हैं. चिराग की इसी कोशिश में पीके की भूमिका भी अहम होगी इसे सिरे से खारिज कौन कर सकता है?

प्रशांत किशोर NDA में चिराग को सीएम बनाने का रास्ता कर रहे आसान! आखिर क्या पक रही खिचड़ी?

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