Nation- पंजाबः AAP की मान सरकार ने हटाए BJP के कैंप, हिरासत में लिए गए कई नेता, राज्यपाल से मिला विपक्ष- #NA
पंजाब में AAP और BJP नेताओं के बीच तकरार
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राज्य सरकार आमने-सामने आ गए हैं. बीजेपी के मेगा आउटरीच प्रोग्राम के तहत लगाए जा रहे जागरूकता शिविरों को लेकर हंगामा मचा हुआ है. पंजाब सरकार ने पुलिस की मदद से सभी शिविर हटवा दिया और बीजेपी पर लोगों का पर्सनल डाटा चोरी करने का आरोप लगाया. साथ ही शिविर लगा रहे बीजेपी के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, इसके विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस थानों के बाहर जमकर हंगामा काटा और राज्यपाल से इस मुद्दे पर मुलाकात भी की.
राज्य में कल बुधवार से ही लगातार भारी राजनीतिक हंगामा मचा हुआ है. भगवंत मान सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में चलाए जा रहे भारतीय जनता पार्टी के मेगा आउटरीच कार्यक्रम ‘भाजपा दे सेवादार, आ गए तुहाड़े द्वार’ पर कार्रवाई शुरू की. लेकिन यह राज्य सरकार को रास नहीं आ रहा है. बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, पूर्व विधायक केडी भंडारी, पूर्व सांसद सुशील रिंकू, पूर्व विधायक हरजोत कमल सहित कई पार्टी नेताओं को राज्य के अलग-अलग शिविरों से हिरासत में ले लिया गया है.
ज्यादातर ग्रामीण इलाके में लगे थे कैंप
आयुष्मान भारत और पीएम-किसान निधि जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं में निवासियों को नामांकित करने के लिए बीजेपी द्वारा दो दिन से लगातार कई निर्वाचन क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों को स्थानीय प्रशासन की टीमों ने पंजाब पुलिस के साथ बंद करवा दिया. बीजेपी जिन इलाकों में कैंप लगा रही है वो ज्यादातर ग्रामीण इलाके हैं और ऐसा करके बीजेपी इन ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाना चाहती है और पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाना चाहती है.
दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ये कार्रवाई विश्वसनीय रिपोर्टों के बाद की गई है कि निजी ऑपरेटर स्थानीय निवासियों का व्यक्तिगत डेटा अवैध रूप से एकत्र कर रहे थे. सरकार को विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि कुछ निजी ऑपरेटर कथित तौर पर स्थानीय निवासियों का व्यक्तिगत डेटा अवैध रूप से राजनीतिक दलों के लिए एकत्र कर रहे हैं.
राजभवन पहुंचा मामला
बयान में कहा गया, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (डीपीडीपी एक्ट) के तहत, बिना सहमति के व्यक्तिगत डेटा का कोई भी संग्रह या उपयोग दंडनीय अपराध है. स्थानीय पुलिस को ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
बीजेपी के शिविरों पर पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई का मुद्दा राजभवन भी पहुंच गया. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ इस संबंध में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक मांग पत्र भी सौंपा. राज्यपाल को मांग पत्र सौंपने के बाद अश्वनी शर्मा ने कहा, “AAP सरकार दलित, गरीब, किसानों और जरूरतमंद लोगों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने से रोक रही है. यह योजना मई महीने से चल रही है. बीजेपी कार्यकर्ता केवल जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं और उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर पर लेकर जा रहे हैं.”
AAP और BJP आमने-सामने
अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती देते हुए कहा कि अब सड़क की लड़ाई सड़क पर ही लड़ी जाएगी. मुख्यमंत्री मान के राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात बना रहे हैं. पंजाब पुलिस द्वारा कैंप के जरिए डाटा चोरी के लगाए जा रहे आरोप के संबंध में कार्यकारी प्रधान ने कहा, “डाटा चोरी तो तब हुआ था जब AAP ने 1000 रुपये मासिक देने के नाम पर 50 लाख महिलाओं के फॉर्म भरवाए थे. बीजेपी तो लोगों को सुविधा दिलवाने का काम कर रही है.
हालांकि आज गुरुवार को इस मामले को लेकर टकराव तब और बढ़ गया जब बीजेपी के कई नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से हिरासत में ले लिया और उन्हें शिविर लगाने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कई पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन किया.
इस पूरे मामले पर सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी पर पलटवार किया. पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को करप्शन फ्री सिस्टम पसंद नहीं है. केंद्र सरकार की स्कीम राज्य सरकार को लागू करनी होती है. कोई भी पार्टी उसे राज्य में लागू नहीं कर सकती. आम आदमी पार्टी किसी भी विपक्षी पार्टी को अपनी गतिविधियां करने से नहीं रोकती. लेकिन किसी को भी बिना अनुमति लोगों का निजी डेटा इकट्ठा करने नहीं दिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की योजना राज्य सरकार के जरिए ही प्रदेश में लागू होती है और इस तरह से राजनीतिक फायदे के लिए आम लोगों को बरगलाकर उनका पर्सनल डाटा इकट्ठा करना अवैध है.
पंजाबः AAP की मान सरकार ने हटाए BJP के कैंप, हिरासत में लिए गए कई नेता, राज्यपाल से मिला विपक्ष
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