Nation- साधु यादव ने तेज प्रताप का न्योता स्वीकारा, तेजस्वी को सलाह- बाहर के लोगों को बेदखल करें- #NA

बिहार की सियासत में मकर संक्रांति के मौके पर होने वाला दही-चूड़ा भोज हमेशा सुर्खियों में रहता है. इसी कड़ी में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने 14 जनवरी को दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है. राजनीति के लिहाज से ये भोज काफी अहम माना जा रहा है. इसके लिए तेजप्रताप सभी को आमंत्रण पत्र भी दे रहे हैं.
खास बात ये है कि तेज प्रताप खुद विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी दोनों के नेताओं को न्योता दे रहे हैं. इसी सिलसिले में तेज प्रताप ने अपने मामा और पूर्व सांसद साधु यादव को भी उनके घर जाक भोज के लिए न्योता दिया. जिसे साधु यादव ने स्वीकार भी कर लिया है. दोनों नेताओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
तेज प्रताप के दही चूड़ा भोज में जाएंगे साधु यादव
इस बीच पूर्व सांसद साधु यादव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा है कि तेज प्रताप यादव के द्वारा दही चूड़ा भोज का आमंत्रण मिलने के बाद वह जरूर जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव के पास अभी संभलने का मौका है. उन्होंने पहले ही इस बात की भविष्यवाणी कर दी थी कि अगर आरजेडी नहीं संभलेगी तो उसका हाल बहुत बुरा होगा.
‘मकर संक्रांति पर हर पार्टी भोज का आयोजन करती है’
TV9 डिजिटल से बात करते हुए साधु यादव ने कहा कि मकर संक्रांति के मौके पर हर पार्टी भोज का आयोजन करती है. हर पार्टी के लोग उसमें शामिल होते हैं. यह अच्छी बात है. मेरी शुभकामनाएं हैं. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव जब राजनीति में एक्टिव थे तो बढ़िया भोज होता था और सब कोई शामिल होता था. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में भी भोज का आयोजन हुआ था. उन्होंने कहा ‘मैं खुद दही चूड़ा भोज मनाता हूं. मैं किसी को नहीं बुलाता हूं’ जनता आती है, खा के चली जाती है. हम भी करीब 50 लोगों को बुलाते हैं और खिलाते हैं’. उन्होंने कहा कि मैं कल तेज प्रताप यादव के भोज में जाऊंगा.
‘तेज प्रताप अपनी पार्टी को संभाल रहे हैं’
वहीं तेज प्रताप यादव के राजनीति में एक्टिव रहने पर साधु यादव ने कहा कि तेज प्रताप के पास कोई जिम्मेदारी नहीं है. वह अपनी एक पार्टी बनाकर उसे संभाल रहे हैं. वहीं विरोधी दल की जिम्मेदारी तेजस्वी यादव के पास है और वह अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.
RJD के चुनाव हारने पर कही ये बात
इधर बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी शिस्त पर साधु यादव ने कहा कि 2022 में उपचुनाव हुआ था. तब ही उन्होंने बोला था कि ये सुधरेंगे तो बिहार सुधरेगा और नहीं सुधरेंगे तो 2025 में पार्टी का सफाया हो जाएगा और सफाया हो गया. उन्होंने कहा कि ये लोग नहीं सुधर पाए तो हम क्या कर सकते हैं? जब वह नहीं समझ पा रहे हैं.
तेजस्वी को साधु यादव की सलाह
तेजस्वी यादव को लेकर उन्होंने कहा किउनके पास उम्र है. 2030 में छलांग लगाने की उम्र है, लेकिन अगर वह सुधारना चाहेंगे तब. उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी को आगे बढ़ाना है तो बाहरी व्यक्तियों को भगाना होगा. बिहार के लोग ही आगे पीछे रहेंगे, वही काम को देखेंगे तभी कुछ होगा. उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के आगे पीछे रहने से कोई फायदा नहीं है. वो सिर्फ फायदा उठाने वाले हैं.
‘बाहर के लोग बिहार की मिट्टी में काम नहीं कर सकते’
साधु यादव ने कहा कि बाहरी लोगों का बिहार और बिहार के लोगों से कुछ लेना देना नहीं है. बाहर के लोग बिहार की मिट्टी में काम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि लाभ लेने वाले लाभ ले लिया, लेकिन बिहार का और बिहार की मिट्टी का खेल बिगड़ गया. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा कहता हूं, इन सभी को भगा दें नहीं तो प्रगति संभव नहीं है.
लालू यादव पर कही ये बात
इसके साथ ही आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर आईआरसीटीसी मामले में आरोप तय किए जाने के मामले पर भी साधु यादव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस पर कहीं कोई बात नहीं आई है. कुछ नहीं आया है. उन्होंने कहा कि यह सब मीडिया की उपज है. जब कुछ होगा तो देखा जाएगा. अभी तक कुछ नहीं हुआ है.
‘सीएम किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं करते’
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की निकलने वाली समृद्धि यात्रा पर साधु यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के बारे में हमने सुना था कि उनको कोई जानकारी ही नहीं है. वह कुछ नहीं जानते हैं. उन्होंने कहा कि पता चला है कि कोई दीपक नाम का आदमी है, वही हस्ताक्षर करता है. उन्होंने कहा कि सीएम किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि इस यात्रा का क्या मतलब है? जब उनको मालूम नहीं है तो यात्रा किस बात की है?.
साधु यादव ने तेज प्रताप का न्योता स्वीकारा, तेजस्वी को सलाह- बाहर के लोगों को बेदखल करें
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