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स्कूल फीस बिल से पैरेंट्स की कटेगी जेब, निजी स्कूलों की मनेगी दिवाली...सौरभ भारद्वाज का BJP पर बड़ा आरोप

सौरभ भारद्वाज

सोमवार से शुरू होने जा रहे दिल्ली विधानसभा सत्र में दिल्ली सरकार निजी स्कूलों की फीस रेगुलेशन से जुड़ा बिल पेश करेगी. दिल्ली सरकार का दावा है कि इससे निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी. लेकिन आम आदमी पार्टी का आरोप है कि इस बिल से आम आदमी की जेब कटेगी और प्राइवेट स्कूलों को फायदा होगा.

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फरवरी में BJP की सरकार बनी और 1 अप्रैल को जब स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ तो लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने फीस बढ़ा दी. कुछ स्कूलों ने तो 80 से 82 फीसदी तक फीस बढ़ा दी. पूरी दिल्ली ने देखा कि DPS द्वारका के बाहर पैरेंट्स ने कई दिनों तक धरना दिया और स्कूल के खिलाफ नारेबाजी की. बढ़ी फीस नहीं जमा करने वाले बच्चों को प्रताड़ित किया गया, क्लास में नहीं जाने दिया गया, उनको लाइब्रेरी में बैठा कर रखा गया. स्कूलों के बाहर बाउंसर लगाए गए.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मंत्री ने कहा था कि BJP सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूलों की ऑडिट कराई है. मंत्री के कहने का मतलब सरकार ने ये बात कही और खूब ढोल पीटा गया. यह भी कहा गया कि सरकार सभी स्कूलों के ऑडिट को सार्वजनिक करेगी. मंत्री द्वारा कही गई इस बात को करीब 4 महीने हो गए हैं. हम BJP सरकार से जानना चाहते हैं कि इस ऑडिट को कब सार्वजनिक किया जाएगा.

सौरभ भारद्वाज का भाजपा सरकार पर हमला

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इसके बाद दिल्ली सरकार ने कहा कि वह नया कानून ला रही है. कानून विधानसभा के जरिए लाया जाएगा. कानून को लोगों की राय लेने के लिए सार्वजनिक नहीं करने पर AAP ने सवाल उठाया. इसके बाद सरकार द्वारा कहा गया कि कानून लाने की बहुत जल्दी है. उन्होंने कहा कि इस कारण से अध्यादेश के माध्यम से लाए जाएंगे. कानून को केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को भेज दिया. अभी तक वह अध्यादेश भी नहीं आया.

स्कूल फीस बिल से पैरेंट्स की कटेगी जेब

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि BJP सरकार अब मानसून सत्र में वह कानून ला रही है. कानून के प्रावधान को पढ़ने के बाद विधायकों में चिंता है. कानून में वही बातें सामने आ रही हैं, जिसका आम आदमी पार्टी को डर था. 1973 के कानून में प्रावधान था कि अगर किसी एक पैरेंट्स को भी लगता था कि गलत तरीके से फीस बढ़ी है तो वह शिक्षा निदेशक से शिकायत करता था.

स्कूल फीस बिल के पीछे मंशा क्या है? भारद्वाज का सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने नए कानून में यह प्रावधान हटाकर दिया है. नए कानून में प्रावधान है कि बढ़ी फीस की शिकायत करने के लिए कम से कम 15% पैरेंट्स की जरूरत होगी. अगर किसी विद्यालय में 3000 विद्यार्थी हैं तो 450 पैरेंट्स की आवश्यकता होगी. इतने पैरेंट्स को कौन ढूंढेगा? अब 450 पैरेंट्स के हस्ताक्षर होंगे तभी बढ़ी फीस की शिकायत हो सकेगी.

सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि दिल्ली सरकार का इसके पीछे क्या मंशा है? प्राइवेट स्कूल के पैरेंट्स रोज तो मिलते नहीं हैं. कौन पैरेंट्स 450 पैरेंट्स के घर जाकर उनको समझा कर एकजुट करेगा? यह सीधे तौर पर एक षड़यंत्र है कि पैरेंट्स शिकायत ही नहीं कर पाए.

स्कूल फीस बिल से पैरेंट्स की कटेगी जेब, निजी स्कूलों की मनेगी दिवाली…सौरभ भारद्वाज का BJP पर बड़ा आरोप

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