Nation- सांप ने काटा, बिजली गिरी और बाढ़ में बहे… झारखंड में 3 महीने में 431 लोगों की ‘आपदा’ में मौत- #NA

सांप ने काटा, बिजली गिरी और बाढ़ में बहे... झारखंड में 3 महीने में 431 लोगों की 'आपदा' में मौत

सांकेतिक तस्वीर

झारखंड में हो रही भारी बारिश की वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है. शहर हो या गांव, हर जगह लोग बारिश की मार झेल रहे हैं. सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं. रिहायशी मोहल्ले में भी बाढ़ जैसी स्थिति है. भारी से हर तरफ लोग परेशान हैं. वहीं व्रजपात के कारण 6 अगस्त को सात लोगों की मौत हो गई, जिसमें पलामू जिला के चार, खूंटी जिला के तोरपा के रहने वाले दो, जबकि चाईबासा के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हुई है.

आकाशीय कहर की पहली घटना राज्य के पलामू जिले के पांकी प्रखंड के केकरगढ़ जोलहबीघा गांव से सामने आई, जहां खेत में धान रोपाई करने गईं एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गई. बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरी और तीनों महिलाओं को अपनी आगोश में ले लिया. मृतकों में ओकीदा खातून, रेशमी बीवी और राजवी बीवी शामिल है.

कई लोगों की गई जान

वहीं चौथा मृतक पलामू जिला के पाटन थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव का रहने वाला निरंजन मेहता है जो अपने खेत में काम कर रहा था. उसी दौरान अचानक व्रजपात की चपेट में आने के कारण उसकी मौत हो गई.

वहीं 6 अगस्त को राज्य के खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड के इच्छाओगा टोली गांव के रहने वाले लगभग 35 वर्षीय फिलिप आइन्ड और उनका ढाई साल का बेटा अमन आइन्ड खेतों की तरफ गए थे, जोरदार बारिश होने के कारण वो एक पेड़ के समीप छुपाने के लिए चले गए. इसी दौरान व्रजपात होने से दोनों बाप-बेटे की मौत हो गई है.

अलग-अलग हादसों का हुए शिकार

1 मई से 31 जुलाई के बीच राज्य में अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें आकाशीय बिजली यानी व्रजपात की चपेट में आने के कारण करीब 180 लोगों की मौत हुई है, जबकि विषैले सांपों के काटने के कारण 100 लोगों की मौत हुई है. भारी बारिश के कारण नदी, तालाब में डूबने और कच्चे मकानों के गिरने और उसमें दबने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.

सांप ने काटा, बिजली गिरी और बाढ़ में बहे… झारखंड में 3 महीने में 431 लोगों की ‘आपदा’ में मौत

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