Nation- यूपी में SIR से प्रभावित परिवारों के लिए सपा की बड़ी पहल, नोएडा में जारी किया हेल्पलाइन नंबर- #NA

SIR और समाजवादी पार्टी.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर लगातार आरोप लग रहे हैं. ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. इसके साथ ही मैपिंग में मिलान नहीं होने की वजह से उन्हें नोटिस जारी किया गया है. नोएडा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. चुनाव आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट लिस्ट में मृतकों के नाम शामिल हैं, वहीं जिंदा लोगों के नाम काट दिए गए हैं.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर नोएडा विधानसभा क्षेत्र में महानगर अध्यक्ष डॉ आश्रय गुप्ता ने हेल्पलाइन नंबर 9810735584 जारी किया है. इस नंबर पर कोई भी मतदाता अपनी परेशानी बता सकता है.
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा शुरुआत की है. कोई भी मतदाता चुनाव आयोग के ऐप या पोर्टल पर अपना रिक्वेस्ट दर्ज करा सकता. रिक्वेस्ट दर्ज होने के 48 घंटे के अंदर संबंधित बीएलओ मतदाता की फोन पर मदद करेंगे.
सपा का वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी SIR प्रोसेस के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर करना चाहती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी फिर से नकली वोट बनाने में लगी है और प्रजातांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होना चाहिए, घर-घर जाना चाहिए और लोगों से संपर्क करके उन्हें पार्टी की पॉलिसी और प्रोग्राम के बारे में बताना चाहिए.
अखिलेश यादव ने कहा कि वोटर लिस्ट के लिए जो SIR हो रही है, वह असल में NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स) है. जो काम गृह मंत्रालय का था, वह बीजेपी सरकार चुनाव आयोग के जरिए कर रही है.
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर बोला हमला
उन्होंने कहा कि SIR के बाद भी वोटर लिस्ट में कई कमियां सामने आ रही हैं. मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि चार करोड़ वोट हटाए जा रहे हैं. बीजेपी वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है. वोटर लिस्ट को लेकर केंद्र और राज्य चुनाव आयोगों के आंकड़ों में बहुत बड़ा अंतर है.
उन्होंने कहा कि सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के अनुसार, वोटर लिस्ट में 12.56 करोड़ वोटर हैं, जबकि स्टेट इलेक्शन कमीशन की वोटर लिस्ट में अकेले ग्रामीण इलाकों में 12.69 करोड़ वोटर दिखाए गए हैं. इस आंकड़े में शहरी वोटरों की संख्या जोड़ने पर कुल वोटरों की संख्या 17 करोड़ से ज्यादा हो जाती है. यह कैसे हो सकता है कि वोटरों की संख्या अलग-अलग हो, जबकि वोटर लिस्ट तैयार करने के लिए वही BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) और दूसरे अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार हैं?
ये भी पढ़ें- यूपी BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया सपा की PDA का मतलब, अखिलेश यादव को क्यों कहा कंफ्यूज?
यूपी में SIR से प्रभावित परिवारों के लिए सपा की बड़ी पहल, नोएडा में जारी किया हेल्पलाइन नंबर
[ad_2]
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1]
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,




.webp)

.webp)

.webp)

