Nation- एक सवाल और सस्पेंड… जानें जामिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ने ऐसा क्या पूछा था?- #NA

जामिया मिलिया इस्लामिया
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सोशल वर्क विभाग में सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्न-पत्र को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. इस प्रश्न-पत्र में सवाल पूछा गया था कि भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों पर उचित उदाहरणों के साथ चर्चा करें. यह सवाल BA (Honours) सोशल वर्क के सेमस्टर 1 के एग्जाम में पूछा गया था.
इस सवाल के बाद विवाद खड़ा हो गया था. जिसके बाद इस मामले में विश्वविद्यालय ने संज्ञान लेते हुए इंटरनल जांच कमेटी बनाई है. इस कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है. वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पेपर बनाने वाले प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शाहरे को फिलहाल सस्पेंड कर दिया है.
जामिया प्रशासन ने बनाई जांच कमेटी
प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शाहरे सोशल वर्क विभाग से जुड़े हैं. इस मामले में जामिया प्रशासन ने जांच कमेटी बना दी है और जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक प्रोफेसर सस्पेंड रहेंगे. विश्वविद्यालय का कहना है कि जांच कमेटी की जांच पूरी होने तक और उनकी रिपोर्ट आने तक पेपर बनाने वाले प्रोफेसर निलंबित रहेंगे. विश्वविद्यालय का कहना है कि इस पूरे मामले पर सख्त रूख अपनाया गया है.
अनुमति के बिना शहर छोड़ने की मनाही
विश्वविद्यालय ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रश्न पत्र तैयार करने में हुई लापरवाही और असावधानी को गंभीरता से लिया है और इस कृत्य को अशोभनीय बताया है. आदेश में कहा गया है कि जांच शुरू कर दी गई है और नियमों के अनुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी. रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, ‘सोशल प्रॉब्लम्स इन इंडिया’ के पेपर सेटर रहे प्रोफेसर शाहारे जांच लंबित रहने तक निलंबित रहेंगे. इस दौरान उनका मुख्यालय नई दिल्ली में निर्धारित किया गया है और उन्हें सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना शहर छोड़ने की मनाही है.
परीक्षा में पूछा गया था विवादित सवाल
दरअसल, BA (Honours) सोशल वर्क के सेमेस्टर-1 की परीक्षा में एक सवाल पूछा गया था कि भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों पर उचित उदाहरणों के साथ चर्चा करें . 21 दिसंबर (रविवार )को हुई परीक्षा हुई थी, जिसके बाद यह सवाल विवादों में आ गया. वहीं पेपर की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई. जिसके बाद कई लोगों ने इसको लेकर सवाल खड़े किए. जिसके बाद जामिया प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जांच कमेटी बनाई और जांच रिपोर्ट आने तक प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया.
कौन हैं प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे
महाराष्ट्र के रहने वाले प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से PHD और M.Phil किया है. TISS से उन्होंने MA किया. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के समीक्षक रहे हैं. उनके पास शिक्षण और अनुसंधान में 22 सालों से ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने दो किताबें Practice of Social Work Emerging Concerns और NGOs and Dalit Development भी लिखी हैं. उनके कई आर्टिकल किताबों में पब्लिश हो चुके हैं.
एक सवाल और सस्पेंड… जानें जामिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ने ऐसा क्या पूछा था?
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