Nation- ‘एक लाख दो, 10 लाख के नोट लो’… उज्जैन में मिली नोट छापने की मशीन, इंदौर तक फैला रखा था नकली करेंसी का नेटवर्क- #NA

'एक लाख दो, 10 लाख के नोट लो'... उज्जैन में मिली नोट छापने की मशीन, इंदौर तक फैला रखा था नकली करेंसी का नेटवर्क

उज्जैन में पुलिस ने जब्त किए नकली नोट

मध्य प्रदेश के उज्जैन में नकली नोटों को बाजार में खपाये जाने की सूचना तो पुलिस को काफी समय से मिल रही थी. पुलिस ने उज्जैन और इंदौर में नकली नोट की तस्करी करने वाले रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है. नकली नोट वाले रैकेट के सदस्य 1 लाख के असली नोट लेकर 10 लाख रुपए के नकली नोट देते थे. इन आरोपियों को पुलिस ने जब नकली नोट की तस्करी करते हुए पकड़ा. इसके बाद आरोपियों के पास से मिले नकली नोट छापने की सामग्री को देखकर पुलिस दंग रह गई.

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि चिमनगंज मंडी थाना और क्राइम पुलिस टीम ने राज रॉयल कॉलोनी एवं पांडया खेड़ी ब्रिज के नीचे रेल पटरी पर कुछ लोगों को संदिग्ध हालत में देखा था. पुलिस इन्हें पकड़कर पूछताछ करती, इसके पहले ही दोनों युवक भागने लगे. जब इन्हें पकड़ा गया तो एक का नाम हिमांशु उर्फ चीनू गोसर निवासी गऊघाट कॉलोनी उज्जैन और दूसरा दीपेश पुत्र अनोखीलाल चौहान उम्र 22 वर्ष, शिवगंगा सिटी उज्जैन का रहने वाला है. पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान हिमांशु गोसर के पास से 500 के नोट की 22 गड्डियां कुल 11 लाख रुपए और दीपेश चौहान के पास से 500 के नोट की 13 गाड्डियां, कुल 6.5 लाख रुपए के नकली नोट मिले. हिमांशु और दीपेश के पास से कुल 17,50,000 रुपए के नकली नोट मिले हैं.

फ्लैट में करते थे नकली नोटों की छपाई

पुलिस की गिरफ्त में आए हिमांशु और दीपेश ने पूछताछ के दौरान बताया कि इंदौर में अरविंदो अस्पताल के सामने श्री गंगा विहार कॉलोनी में दोनों अपने साथी राजेश पिता टेकचंद बरबटे के साथ मिलकर नकली नोट छापने का काम करते थे. यह तीनों मिलकर इंदौर और उज्जैन में नकली नोट चलाने का नेटवर्क चला रहे थे, जो 10 लाख रुपए के नकली नोट के बदले 1 लाख रुपये के असली नोट लेते थे. पुलिस ने इन आरोपियों के पास से नकली नोट छापने की प्रिंटिंग मशीन, धागे, माइक्रो प्रिंट और ग्रीन लिंक सहित अन्य सामान जब्त किया है.

राजेश की तलाश जारी

इस पूरे मामले में पुलिस ने हिमांशु और दीपेश को तो नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इंदौर में रहने वाले राजेश बरबटे की तलाश अब भी पुलिस को है. पुलिस इस मामले में फरार राजेश की तलाश में जुटी हुई है. क्योंकि उसके गिरफ्त में आने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और भी आरोपियों की जानकारी लग सकेगी.

पहले भी जेल जा चुका है हिमांशु

हिमांशु पहले से ही नकली नोट के मामले से जुड़ा हुआ है. कुछ वर्षों पहले भी हिमांशु इंदौर में नकली नोट के मामले में जेल जा चुका है. उसके खिलाफ उज्जैन के नीलगंगा थाने के साथ ही इंदौर के अन्नपूर्णा थाने में भी मामला दर्ज है.

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