Nation- बिना कपड़ों के ताले में बंद थे बुजुर्ग, कुछ के कपड़े मल से सने… एक को रखने की कीमत 2.5 लाख, फिर भी अपने ही घर में ये कैसी दुर्दशा?- #NA

बिना कपड़ों के ताले में बंद थे बुजुर्ग, कुछ के कपड़े मल से सने... एक को रखने की कीमत 2.5 लाख, फिर भी अपने ही घर में ये कैसी दुर्दशा?

नोएडा ओल्ड एज होम में कैद बुजुर्ग

बुजुर्ग घर की ताकत होते हैं, बुजुर्ग घर की शान होते हैं. यह वही बुजुर्ग हैं, जो अपने बच्चों की उंगली पड़कर उन्हें चलना सिखाते हैं, लेकिन जब यह बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं तो इन्हीं बुजुर्गों को बोझ समझकर घर से बाहर निकाल देते हैं. कभी सड़क पर छोड़ देते हैं तो कभी वृद्ध आश्रम में. नोएडा के एक वृद्ध आश्रम में इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां 40 से ज्यादा बुजुर्ग नरक जैसा जीवन बिता रहे थे.

नोएडा के सेक्टर 55 के सी-ब्लॉक में आनंद ओल्ड एज होम पर गुरुवार दोपहर गोपनीय तरीके से राज्य महिला अयोग, नोएडा पुलिस और समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ जिला प्रोविजनल कल्याण विभाग ने रेड की. रेड के दौरान ओल्ड एज होम में बुजुर्गों की दयनीय स्थिति पाई गई.

बिना कपड़ों के ताले में बंद थे बुजुर्ग

इस रेड के दौरान ओल्ड एज होम में कई बुजुर्ग ताले में बंद मिले. उनके शरीर पर कपड़े तक नहीं थे. उन्हें एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगाया गया था. कुछ बुजुर्ग महिलाओं के हाथों को कपड़े से बांधकर रखा गया था. रेड के दौरान इन बुजुर्ग महिलाओं के हाथों को खोला गया और जिन बुजुर्ग पुरुषों के शरीर पर कपड़े नहीं थे,उनको कपड़े भी दिए गए.

दरिंदगी की इंतहा तो यहां तक थी कि कई बुजुर्गों के कपड़े मल-मूत्र से सने हुए थे. प्रशासन ने जब छापेमारी की तो पाया कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए कोई भी स्टाफ वहां पर नहीं था. ये सारे बुजुर्ग अपनी रोज की क्रिया, जरूरतें, साफ-सफाई तक खुद ही कर रहे थे.

हर बुजुर्ग के लिए सरकार देती है 2.5 लाख रुपये

रेड के दौरान ओल्ड एज होम में एक महिला मिली, जिसने पहले तो खुद को नर्स बताया लेकिन जब महिला से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपने आप को मात्र 12वीं पास बताया. चौंकाने वाली बात यह है कि एनजीओ, ओल्ड एज होम के नाम पर बुजुर्गों को रखने के लिए प्रति व्यक्ति ढाई लाख रुपये सरकार की तरफ से डोनेशन लेते हैं.

यही नहीं, सरकार की तरफ से खाने-पीने और रहने के लिए 6000 प्रति महीना भी दिया जाता है. इसके बावजूद 40 बुजुर्ग इस ओल्ड एज होम में नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर थे. इन्हें रेस्क्यू कर कर अलग-अलग सरकारी ओल्ड एज होम में शिफ्ट किया गया है.

40 बुजुर्गों को किया गया शिफ्ट

राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर मीनाक्षी अपनी टीम के साथ आनंद निकेतन वृद्ध आश्रम सेक्टर-55 नोएडा में शिकायत मिलने होने पर अचानक पहुंची थीं. इस दौरान वृद्ध सेवा आश्रम में कई सारी अनियमिताएं पाई गईं. इसके बाद इस वृद्ध आश्रम से 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू करने के बाद आश्रम को सील किया गया है.

सूत्रों की माने तो नरक जैसा जीवन जी रहे इन 40 बुजुर्गों में कई नोएडा और आसपास के रईस घरों के बुजुर्ग हैं, जिनको उनके बच्चों ने छोड़ दिया था.

बिना कपड़ों के ताले में बंद थे बुजुर्ग, कुछ के कपड़े मल से सने… एक को रखने की कीमत 2.5 लाख, फिर भी अपने ही घर में ये कैसी दुर्दशा?

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