Nation- बिजनौर में कम होगी गुलदारों की आबादी, नसबंदी करने जा रहा वन विभाग; कहा- हमले रोकने का यही एक उपाय- #NA

बिजनौर में कम होगी गुलदारों की आबादी, नसबंदी करने जा रहा वन विभाग; कहा- हमले रोकने का यही एक उपाय

होगी तेंदुओं की नसबंदी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तेंदुओं (गुलदारों) की आबादी को कंट्रोल करने के लिए बिजनौर वन विभाग ने एक योजना बना कर शासन को भेजी है. इस परियोजना के तहत गुलदारों (तेदुंओं) की नसबंदी करके उनकी बढती संख्या पर ब्रेक लगाया जायेगा. इसके साथ ही बिजनौर और नजीबाबाद की उन वन रेंजो के जंगलों में चेनलिंक फेंसिंग (तारबाड) करायी जायेगी, जहां से वन्य जीव जंगलों से निकल कर खेतों और गांवों तक पहुंचते है. इस चेन लिंक फेंसिंग में आधुनिक थर्मल नाइट विजन कैमरे भी लगाये जायेंगे जो रियल टाइम डेटा कमांड सेंटर को भेजेंगे.

इस योजना के तहत अत्याधुनिक वाइल्ड लाइफ कमांड सेंटर की स्थापना होगी. यहां वन्य जीवों की देखभाल और इलाज के लिए एक वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल का भी निर्माण किया जायेगा. इस परियोजना के तहत हाथियों से फसलों की सुरक्षा के लिए वन सीमा पर दो मीटर गहरी खाई भी खोदी जायेगी, जिससे हाथियों के झुंड वन सीमा के पास में स्थित किसानों के खेतों और गांवों में जा कर नुकसान नही कर सकेंगे.

डीएफओ ने क्या कहा?

इसको लेकर बिजनौर के डीएफओ ज्ञानसिंह ने टीवी 9 से बात करते हुए बताया कि उत्तराखंड से सटे बिजनौर की भौगोलिक स्थिति की वजह से जनपद वन्यजीव बाहुल्य और वनसंपदा युक्त है. इसके पूर्व में जिम कार्बेट नेशनल पार्क और अमानगढ टाइगर पार्क, पश्चिम में शिवालिक पहाडी और गंगा नदी उत्तर दिशा में राजा जी नेशनल एलीफैंट पार्क व दक्षिण में हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सैंचुरी स्थित है.

610 करोड़ की परियोजना की मांग

बिजनौर जनपद खुद ही पूरा वनों से आच्छादित है. साथ ही यह जिला गन्ना बाहुल्य और आमों के बगानों से युक्त है. ये खेत और बागान वन्य जीवों के रहने और उनके परिवार को बढाने में मददगार है. उन्होंने बताया कि करीब पांच सौ गुलदार गन्ने के खेतों में रह रहे है. इसी वजह से यहां मानव वन्यजीव में बहुतायत संघर्ष हो रहे है. इन्हीं को कंट्रोल करने के लिए 610 करोड़ की परियोजना शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गयी है.

15 वर्षों में 875 हमले

पिछले पंद्रह वर्षों में 875 हमले इंसानों पर गुलदारों ने किये है. इन हमलों में 70 लोगों की जान गयी तो वहीं करीब साढे़ तीन सौ लोग घायल हो चुके है. अब वन विभाग इन वन्यजीवों से निपटने के लिए गुलदारों की नसबंदी करने जैसे जटिल टास्क के साथ उतर रहा है. इसमें कितनी कामयाबी मिलती है यह देखना दिलचस्प होगा.

बिजनौर में कम होगी गुलदारों की आबादी, नसबंदी करने जा रहा वन विभाग; कहा- हमले रोकने का यही एक उपाय

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button