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गीतांजलि की मौत की अनसुलझी पहेली, जो CBI सुलझा नहीं पाई; 9 साल बाद पूर्व जज पति, सास और ससुर हुए बरी

13 साल पहले हुई थी गीतांजलि की मौत.

हरियाणा के गुरुग्राम में 13 साल पुराने चर्चित गीतांजलि हत्याकांड में CBI कोर्ट का फैसला आया है. कोर्ट ने गीतांजली के जज पति रवनीत गर्ग, ससुर रिटायर्ड सेशन जज केवल कृष्ण गर्ग और सास रचना गर्ग को बरी कर दिया है. इस केस की जांच खुद CBI कर रही थी, लेकिन कोर्ट में CBI ये नहीं साबित कर पाई की गीतांजलि की हत्या उनके ससुराल वालों ने की है. गीतांजलि के परिवार वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन गवाहों के विरोधाभासी बयान के चलते कोर्ट इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई कि ये मर्डर है या सुसाइड. इसी के चलते गीतांजलि के पति, ससुर और सास को बरी कर दिया गया. आइए जानते हैं गीतांजलि हत्याकांड की पूरी कहानी…

घटना 17 जुलाई 2013 की है. गुरुग्राम के पुलिस लाइंस पार्क में एक महिला की लाश मिली थी. महिला के शरीर में तीन जगहों पर गोलियों के निशान थे. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी. जांच के दौरान महिला की पहचान गीतांजलि गर्ग (28) के रूप में हुई. धीरे-धीरे ये मामला हाईप्रोफाइल होता चला गया, क्योंकि गीतांजलि की पहचान उस समय गुरुग्राम में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) रहे रवनीत गर्ग की पत्नी के रूप में हुई.

बॉडी पर 3 जगह गोलियों के निशान मिले

अब एक जज की पत्नी की इस तरह से लाश मिलना हैरान कर देने वाला था. गीतांजलि के घरवाले भी रसूखदार थे. पुलिस पर हत्याकांड के खुलासे का दबाव बढ़ता गया. गीतांजलि के पिता-भाई ने शुरुआती बयानों में इसे सुसाइड बताया. फिर इसे दहेज हत्या बताया. इसकी वजह गीतांजलि के शव के पास मिली एक रिवॉल्वर थी, जो रवनीत गर्ग की लाइसेंसी बताई गई. शरीर पर तीन जगहों पर गोलियों के निशान थे. वहीं रिवॉल्वर में तीन और राउंड गोलियां बाकी थीं.

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गीतांजलि के घरवाले पति रवनीत गर्ग, ससुर और सास पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगा रहे थे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. पुलिस पर भी काफी दबाव था. चूंकि रवनीत गर्ग खुद उस समय गुरुग्राम में CJM थे तो एक जज पर हाथ डालने से पहले पुलिस भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी. दबाव बढ़ा तो 20 जुलाई को गीतांजलि के पति रवनीत गर्ग, ससुर और सास पर मामला दर्ज किया गया.

सरकार ने CBI को सौंप दिया था केस

चूंकि गुरुग्राम पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही थी कि ये मर्डर है या सुसाइड, इस वजह से सरकार ने केस CBI को ट्रांसफर करने का फैसला किया. हरियाणा की तत्कालीन हुड्डा सरकार ने केस CBI को सौंपने की सिफारिश कर दी. 27 जुलाई 2013 को जांच CBI के पास केस पहुंचा. शुरुआती जांच के बाद CBI ने इसे दहेज हत्या माना और गीतांजलि के CJM पति रवनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया. रवनीत गर्ग 23 महीने तक जेल में बंद रहे.

अंबाला की रहने वाली थी गीतांजलि

चूंकि मामला मीडिया में भी सुर्खियों में रहा, लगातार न्याय की मांग उठ रही थी. गीतांजलि के मायके वाले जो मूलरूप से पंजाब के अंबाला के रहने हैं, उन्होंने भी गुरुग्राम में डेरा डाल लिया था. कहा कि जब तक बेटी को न्याय नहीं मिल जाएगा, वह लोग वापस नहीं जाएंगे. गीतांजलि के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल का आरोप था कि बेटी को दहेज और संतान को लेकर प्रताड़ित किया जाता था. यही प्रताड़ना उसकी मौत की वजह बनी.

उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मर्डर की बात सामने आई, जिसके बाद CBI ने गीतांजलि के पति रवनीत गर्ग, ससुर और सास को दहेज हत्या की धाराओं में नामजद किया और सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इधर, CBI केस की जांच-पड़ताल में जुट गई. तीन साल की जांच-पड़ताल के बाद दिसंबर 2016 में CBI ने पंचकूला स्पेशल CBI कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

9 साल तक चली केस की सुनवाई

चार्जशीट में CBI ने बताया कि गीताजंलि की हत्या में रवनीत गर्ग की रिवॉल्वर के अलावा दो अन्य हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया था. चार्जशीट दाखिल होने के बाद 9 साल तक केस की सुनवाई चली, लेकिन CBI ये साबित नहीं कर पाई की गीतांजलि की हत्या उनके जज पति रवनीत गर्ग, ससुर और सास ने की है. इसी महीने 16 दिसंबर को कोर्ट ने तीनों को बरी कर दिया.

कोर्ट में 88 गवाह पेश किए गए

9 साल की सुनवाई में 160 बार कोर्ट बैठी, 88 गवाह कोर्ट में पेश किए गए. गीतांजलि के परिजनों के अलावा पुलिस, फॉरेंसिक टीम, डॉक्टर्स शामिल रहे. इसके बाद भी CBI ये साबित करने में नाकाम रही कि गीतांजलि के ससुरालवालों को इस हत्याकांड में हाथ है. इसी के बाद कोर्ट ने पति निलंबित CJM रवनीत गर्ग, ससुर रिटायर्ड सेशन जज केवल कृष्ण गर्ग और सास रचना गर्ग को दहेज हत्या, साजिश व दहेज उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया. गवाहों का बयान भी इसकी सबसे बड़ी वजह बना. पहले मायके वालों ने कहा कि गीतांजलि ने आत्महत्या की है. बाद में कह दिया कि हत्या की गई है. दहेज के लिए प्रताड़ना हुई है, ये भी CBI कोर्ट में साबित नहीं कर पाई.

गीतांजलि की मौत की अनसुलझी पहेली, जो CBI सुलझा नहीं पाई; 9 साल बाद पूर्व जज पति, सास और ससुर हुए बरी

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