Nation- जम्मू की शान बनेगी ये ‘कृत्रिम झील’, 180 करोड़ खर्च कर तवी नदी पर बनी; पर्यटकों ने की बोटिंग- #NA

जम्मू की शान बनेगी ये 'कृत्रिम झील', 180 करोड़ खर्च कर तवी नदी पर बनी; पर्यटकों ने की बोटिंग

तवी नदी पर बनी कृत्रिम झील में बोटिंग करते पर्यटक.

जम्मू के लोगों ने जिस सपने को वर्षों तक खुली आंखों से देखा, वह अब हकीकत का रूप लेता नजर आ रहा है. तवी नदी पर बनी कृत्रिम झील परियोजना का पहला चरण तैयार हो चुका है और शहर के बीचों-बीच पानी से लबालब भरी यह झील अब जम्मू की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रही है.

12 साल में परियोजना का पहला फेज बना

दरअसल, जिस तरह श्रीनगर की शान डल झील मानी जाती है, उसी तर्ज पर जम्मू शहर में तवी नदी पर कृत्रिम झील विकसित करने का सपना करीब 2009 में देखा गया था. वर्ष 2014 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत भूमि पूजन भी किया गया, लेकिन इसके बाद कई प्रशासनिक अड़चनें, तकनीकी चुनौतियां और तय समय सीमाएं पार होने के कारण काम लगातार टलता रहा. लंबा इंतजार झेलने के बाद अब लगभग 12 साल में इस परियोजना का पहला फेस बनकर तैयार हो गया है.

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1.5 किमी लंबा झील का ढांचा तैयार

करीब 1.5 किलोमीटर लंबी इस झील का ढांचा तैयार किया गया है. झील के किनारों पर विकास कार्य पूरे होने के बाद तवी नदी पर बनाए गए बैराज के गेट बंद कर दिए गए, जिससे पूरा क्षेत्र पानी से भर गया है. जो तवी नदी पहले ज्यादातर समय सूखी नजर आती थी और केवल बारिश के मौसम में ही उसमें पानी दिखाई देता था, वहीं अब स्थायी जलभराव के साथ यह हिस्सा झील का रूप ले चुका है.

180 करोड़ रुपए हुए खर्च

परियोजना का यह पहला चरण करीब 180 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है. इस विकास से जम्मू शहर को पर्यटन के लिहाज से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. स्थानीय प्रशासन की ओर से यहां लोगों को आकर्षित करने के लिए दो दिनों का फ्री बोटिंग फेस्टिवल भी आयोजित किया गया है, ताकि जम्मू के निवासी और यहां आने वाले पर्यटक इस नई झील का अनुभव कर सकें.

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झील के आसपास सैरगाह, पैदल मार्ग और सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जा रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र परिवारों, युवाओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख घूमने-फिरने की जगह बन सके. यह परियोजना न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देने का माध्यम बनेगी. तवी कृत्रिम झील अब सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि जम्मू के लोगों के लंबे इंतजार और उम्मीदों के साकार होने का प्रतीक बन गई है.

जानें इस परियोजना की खास बातें

  • परियोजना का विस्तार- झील का कुल प्रस्तावित आकार 7 किलोमीटर है, लेकिन प्रथम चरण में 1.5 किमी (भगवती नगर से बिक्रम चौक) को विकसित किया गया है.
  • पर्यटन को बढ़ावा: झील में बोटिंग फेस्टिवल की शुरुआत की जा रही है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा.
  • विकास: इस परियोजना के आसपास रिवरफ्रंट, बोटिंग, वॉटर स्पोर्ट्स, और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (मॉल/रेस्टोरेंट) विकसित करने की योजना है.
  • उद्देश्य: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन बढ़ाना, शहर का सौंदर्यीकरण करना और भूजल स्तर को सुधारना है. यह परियोजना जम्मू के पर्यटन परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है और शहर के सौंदर्यीकरण में एक मील का पत्थर साबित होगी.

जम्मू की शान बनेगी ये ‘कृत्रिम झील’, 180 करोड़ खर्च कर तवी नदी पर बनी; पर्यटकों ने की बोटिंग

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