Nation- जल से ‘जलता’ जम्मू और पंजाब में प्रलय… बारिश के तांडव ने तोड़े सभी रिकॉर्ड- #NA

जम्मू में भारी बारिश से मची तबाही.
जम्मू-कश्मीर से पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन के चलते भारी तबाही हुई है. जम्मू रीजन में नदियां उफान पर हैं. पिछले दो दिनों में बारिश ने ऐसा तांडव मचाया है कि इससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है. इनमें से अधिकतर लोग वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन में मारे गए हैं. बुधवार को बारिश से कुछ राहत मिली है. उधर, पंजाब में सतलुज, व्यास और रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है. पठानकोट, फाजिल्का, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, फिरोजपुर और अमृतसर के गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. कुछ ऐसी ही तस्वीर हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों से सामने आई है. तीनों राज्यों में कई पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
बात करें जम्मू-कश्मीर की तो यहां बाढ़ की वजह से कई प्रमुख पुल, कई घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तबाह हो गए हैं. वैष्णो देवी में हुए भूस्खलन से 32 लोग मारे जा चुके हैं. करीब 20 लोग घायल हुए हैं. जम्मू में बुधवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि करीब 115 साल बाद पहली बार हुई है. इससे पहले 1910 में 24 घंटे में इतनी बारिश हुई थी.
जम्मू में सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन.
क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?
सीएम उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पीएम मोदी को जम्मू रीजन में बारिश और बाढ़ के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया, मैंने प्रधानमंत्री से बात की है. उन्हें स्थिति से अवगत कराया है. एनडीआरएफ की टीम की तैनाती के लिए उनका धन्यवाद करता हूं. प्रधानमंत्री ने मुझे आश्वासन दिया है कि सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों की हरसंभव सहायता करेगी.
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एलजी सिन्हा का ऐलान
जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा बुधवार को कटरा के ककरियाल स्थित श्राइन बोर्ड के नारायणा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने कहा, मंगलवार दोपहर वैष्णो देवी मार्ग पर बादल फटने के बाद ये हादसा हुआ था. कई लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं. श्राइन बोर्ड की तरफ से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए दिए जाएंगे. जम्मू-कश्मीर के डिजास्टर विभाग भी 4 लाख रुपए देगा. इस तरह हर मृतक के परिवार को 9 लाख रुपए दिए जाएंगे.
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बारिश का असर और रेस्क्यू ऑपरेशन
जम्मू कश्मीर में भारी बारिश के चलते उत्तर रेलवे ने जम्मू और कटरा स्टेशन से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है. 64 ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया है. जम्मू रीजन में निचले इलाकों से 5 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. उधर, भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान राहत और बचाव सामग्री लेकर माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर हुए भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचा है.
तवी का विकराल रूप.
गाजियाबाद से जम्मू पहुंचा सी-130 विमान
सी130 परिवहन विमान एनडीआरएफ का सामान लेकर गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना अड्डे से रवाना होकर जम्मू पहुंचा. इसके अलावा चिनूक और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर और पठानकोट के आस-पास के एयरफोर्स बेस पर अलर्ट मोड में रखे गए हैं. अर्धकुंवारी के पास वैष्णो देवी मार्ग पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
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पठानकोट से अमृतसर तक जलप्रलय
बात करें पंजाब की तो नदियों का जलस्तर बढ़ने से पठानकोट, कपूरथला, गुरदासपुर, फाजिल्का, होशियारपुर, तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर के गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरदासपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने प्रशासन से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सरकार के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करने को कहा.
पंजाब में सेना के ऑपरेशन के बाद इमारत ढही
सीएम मान ने गुरदासपुर के लोगों से भी बात की. सीएम ने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. कुछ लोग घरों की छतों पर बैठे हैं. मैंने उपायुक्त से कहा है कि राज्य सरकार का हेलीकॉप्टर लोगों की हर जरूरत के लिए तैयार है. बता दें कि पंजाब के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति गंभीर है. एनडीआरएफ, सेना और राज्य सरकार की एजेंसियां राहत और बचाव कार्य चली हैं.
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आफत बना माधोपुर हेडवर्क्स से छोड़ा जाने वाला पानी
रावी दरिया में माधोपुर हेडवर्क्स से छोड़ा जाने वाला पानी अब एक बार फिर आफत बनकर आया है. माधोपुर हेडवर्क्स पर लगे फ्लड गेट में से एक गेट टूट चुका है. इसके कारण रणजीत सागर डैम से छोड़ा जाने वाला पानी सीधा रावी दरिया में जा रहा है. यही नहीं माधोपुर हेडवर्क्स के गेट को चेक कर रहे करीब 50 कर्मचारी दूसरी साइड जम्मू के लखनपुर साइड पर फंस गए. जिन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया.
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बताया जा रहा है कि एक कर्मचारी अभी भी लापता है. इस बारे में डिप्टी कमिश्नर पठानकोट ने कहा कि माधोपुर हेडवर्क्स का एक गेट टूटने के कारण पानी सीधा रावी दरिया में जा रहा है. लापता शख्स के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती. उधर, गुरदासपुर के सीमावर्ती इलाकों में रावी नदी का बहाव तेज हो गया है. डेरा बाबा नानक करतारपुर कॉरिडोर के पास रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से आस-पास के कई गांवों में पानी घुस गया है.
जल से ‘जलता’ जम्मू और पंजाब में प्रलय… बारिश के तांडव ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
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