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हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते... दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की 10 बड़ी बातें

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त.

दिल्ली-NCR वायु प्रदूषण से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सीजेआई ने कहा, मेरे मित्र का कहना है कि मामले की लिस्टिंग के कारण ही AQI में सुधार हुआ है. यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे 3-4 महीने बाद सूचीबद्ध करने के बजाय नियमित आधार पर सुनवाई करें. CJI ने पूछा, कोई अल्पकालिक योजना है? ASG एश्वर्या भाटी ने कहा, हमने अल्पकालिक योजनाओं का संकेत देते हुए हलफनामा दायर कर दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी.

  1. सीजेआई ने कहा कि पिछले आदेश में पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने मामले से जुड़े न्याय मित्र की गहरी सराहना की थी. ASG ने कहा कि पिछली बार हमने एक नोट दिया था. हमने सभी हितधारकों के साथ बैठक की थी. CJI ने कहा कि पिछली बार हम वहां नहीं थे लेकिन उसके आगे क्या कार्रवाई योग्य योजना है? ASG ने कहा, हम कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल कर सकते हैं, सभी प्राधिकरण – हरियाणा, पंजाब, CPCB आदि.
  2. CJI ने कहा, हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते. हम कोई अनुमान या पूर्वधारणा नहीं लगा सकते. समाधान विशेषज्ञों से ही आना चाहिए. अदालतों के पास यह हो भी सकता है और नहीं भी लेकिन यह सभी हितधारकों को बैठकर विचार-विमर्श करने का एक मंच जरूर प्रदान कर सकता है. ASG ने कहा कि CAQM ने प्रत्येक राज्य सरकार के साथ बैठक की, हम कार्ययोजना की निगरानी कर रहे हैं.
  3. CJI ने पूछा, क्या योजना की प्रभावशीलता पर कोई प्रभाव पड़ेगा? इस पर ASG ने कहा, हम दिल्ली, पंजाब आदि सभी हितधारक बैठक का हिस्सा हैं.
  4. CJI ने कहा कि अगर आप कार्ययोजना को अंतिम रूप दे पाए हैं तो उस पर दोबारा विचार क्यों नहीं करते? क्या आप कोई सकारात्मक प्रभाव डाल पाए हैं? CJI ने कहा, हम जानना चाहेंगे कि आपके द्वारा बनाई गई कार्ययोजना पर आपकी वैध अपेक्षाएं क्या थीं?
  5. CJI ने कहा कि आपके द्वारा उठाए गए कदमों का मूल्यांकन किया जाएगा. पहले तो हमें कदमों की जानकारी नहीं है. अगर आप अदालत में प्रस्तुत करेंगे तभी हमें पता चल पाएगा. ASG ने कहा कि सभी राज्यों में पराली जलाने का लक्ष्य शून्य था, जिसे हम हासिल नहीं कर पाए हैं.
  6. CJI ने कहा, पराली जलाने से कितना योगदान हुआ है? ASG ने कहा कि पराली तो बस एक पीरियड की बात है. जस्टिस बागची ने कहा कि सिर्फ़ जलाना ही एकमात्र मुद्दा नहीं है. आपने निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा है, उसका कितना पालन हुआ? वास्तव में यह जारी रह सकता है. आपको अदालत को उस क्षेत्र का विशेष रूप से उल्लेख करना होगा.
  7. ASG ने बताया कि हलफनामे में श्रेणीवार योगदान का विवरण दिया गया है- वाहन प्रदूषण, पराली जलाना, निर्माण आदि. सीजेआई ने कहा, पराली जलाने का मुद्दा अनावश्यक रूप से राजनीतिक या अहंकार का मुद्दा नहीं बनना चाहिए. वैज्ञानिक विश्लेषणों के अनुसार सबसे ज़्यादा योगदान किसका है? हम पराली जलाने पर टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि इससे उन लोगों पर बोझ पड़ना गलत है, जिनका न्यायालय में प्रतिनिधित्व बहुत कम है.
  8. CJI ने पूछा, कोविड के दौरान पराली जलाई जा रही थी लेकिन फिर भी लोगों को साफ नीला आसमान क्यों दिखाई दे रहा था? सीजेआई ने कहा, अगर कोई किसान पराली जला रहा है तो यह भी एक संपत्ति है, यह एक वस्तु है. हम जल्द ही एक हफ्ते के भीतर पराली जलाने के अलावा अन्य कारणों को रोकने के लिए उठाए गए प्रभावी उपायों पर एक रिपोर्ट चाहते हैं.
  9. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम CAQM के विशेषज्ञों की पृष्ठभूमि जानना चाहेंगे. किसी और बात पर विचार करने से पहले हम इस पर अगले हफ़्ते सुनवाई करेंगे. ASG ने कहा कि इसे 10 दिसंबर तक सुन सकते हैं.
  10. इस पर CJI ने कहा कि ठीक है 10 दिसंबर को सुनवाई करेंगे. CJI ने कहा कि हम इस मामले को लंबे समय तक सुनवाई टालने नहीं, करने जा रहे हैं. हम इसे कम से कम दो बार उठाना चाहेंगे. अगर हम फिर से स्थगित करते हैं तो इतिहास खुद को दोहराएगा.

हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते… दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की 10 बड़ी बातें

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