Nation- बरेली वापस क्यों लौट रहे सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री? वॉट्सऐप पर लगाया स्टेटस, पुलिस-प्रशासन सतर्क- #NA

बरेली वापस क्यों लौट रहे सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री? वॉट्सऐप पर लगाया स्टेटस, पुलिस-प्रशासन सतर्क

एटा में सवर्ण समाज के लोगों ने अलंकार अग्निहोत्री का स्वागत किया.

बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर चर्चा में हैं. 26 जनवरी को नौकरी से इस्तीफा देने के बाद से लगातार बयान, कार्यक्रम, विरोध और समर्थन के बीच अब उन्होंने सोशल मीडिया पर यह लिखा है कि आज शाम 7:30 बजे वह दोस्तों से मिलने बरेली आ रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद भी किया है और SC/ST एक्ट की धारा 18A को खत्म करने की मांग दोहराई है.

बता दें कि 26 जनवरी को शुरू हुआ यह पूरा मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है, जिसकी गूंज बरेली से लेकर लखनऊ, प्रयागराज और दिल्ली तक सुनाई दे रही है. बीते बुधवार को ही बरेली पुलिस-प्रशासन ने सरकारी आवास से सुरक्षा के बीच अलंकार अग्निहोत्री को लखनऊ छोड़ा था.

एटा के विक्टोरिया पार्क में जोरदार स्वागत

आज एटा जिले के विक्टोरिया पार्क में अलंकार अग्निहोत्री पहुंचे, जहां सवर्ण समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि UGC में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जो भेदभाव से भरे हुए हैं.

ये भी पढ़ें- बरेली से लखनऊ लाए गए सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, घर के बाहर पुलिस का पहरा; जानें क्या कहा

उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों की वजह से सवर्ण समाज के बेटे-बेटियों का शोषण हो सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि समितियों में बैठे लोग मनमानी कर सकते हैं और इससे बच्चों के मन में डर पैदा होगा, जो उन्हें आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए भी मजबूर कर सकता है. अलंकार ने साफ कहा कि यह कानून केवल सवर्ण समाज ही नहीं, बल्कि सभी समाजों के लिए नुकसानदेह है.

निलंबन, साजिश और फोन सर्विलांस का आरोप

अपने निलंबन को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने एक बार फिर प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनके फोन सर्विलांस पर हैं और उनके खिलाफ झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की जा रही है. हाउस अरेस्ट से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उस दिन बजरंगबली की कृपा से साजिश नाकाम हो गई. उन्होंने आरोप लगाया कि रात में जल्दबाजी में एक असंवैधानिक सस्पेंशन ऑर्डर जारी किया गया.

जातिगत अपशब्दों के सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि गरिमा और मर्यादा के चलते वह उस व्यक्ति का नाम नहीं बता सकते. अपशब्द कहने वाला व्यक्ति राजनीतिक था या प्रशासनिक इस सवाल का जवाब देने से भी उन्होंने इनकार कर दिया.

ये भी पढ़ें- बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट को ले जा रही पुलिस से धक्का-मुक्की, सड़क पर गिर पड़े बेचारे इंस्पेक्टर- .

SC/ST एक्ट की धारा 18A पर सीधा हमला

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस और फेसबुक पेज पर साफ लिखा है कि SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 18A को समाप्त किया जाना चाहिए. उन्होंने सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र राज्य (2018) के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा प्रावधान दिए थे, लेकिन धारा 18A लाकर उन्हें खत्म कर दिया गया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कलराज मिश्र जैसे वरिष्ठ व्यक्ति UGC को असंवैधानिक बता चुके हैं तो क्या उन्हें भी किसी राजनीतिक दल की गोद में बैठा माना जाएगा.

शंकराचार्य प्रकरण और आगे की रणनीति

शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद से जुड़े सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि बटुक ब्राह्मणों के साथ जिस तरह मारपीट हुई, क्या किसी और धर्म या समाज के धर्मगुरुओं के साथ ऐसा करने की हिम्मत कोई कर सकता है. उन्होंने कहा कि वह शंकराचार्य से जरूर मिलने जाएंगे. हालांकि अभी कुछ कार्यक्रम तय हैं. फिलहाल शंकराचार्य वाराणसी में हैं.

बरेली वापसी पर टिकी निगाहें

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आज शाम 7:30 बजे अलंकार अग्निहोत्री की बरेली वापसी के बाद क्या नया मोड़ आता है. समर्थकों में उत्साह है तो प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है. 26 जनवरी से शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ एक अधिकारी के निलंबन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि कानून, समाज और राजनीति के टकराव की तस्वीर बन चुका है. बरेली एक बार फिर इस बहस के केंद्र में है.

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एटा में सवर्ण समाज के लोगों ने अलंकार अग्निहोत्री का स्वागत किया.

बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर चर्चा में हैं. 26 जनवरी को नौकरी से इस्तीफा देने के बाद से लगातार बयान, कार्यक्रम, विरोध और समर्थन के बीच अब उन्होंने सोशल मीडिया पर यह लिखा है कि आज शाम 7:30 बजे वह दोस्तों से मिलने बरेली आ रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद भी किया है और SC/ST एक्ट की धारा 18A को खत्म करने की मांग दोहराई है.

बता दें कि 26 जनवरी को शुरू हुआ यह पूरा मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है, जिसकी गूंज बरेली से लेकर लखनऊ, प्रयागराज और दिल्ली तक सुनाई दे रही है. बीते बुधवार को ही बरेली पुलिस-प्रशासन ने सरकारी आवास से सुरक्षा के बीच अलंकार अग्निहोत्री को लखनऊ छोड़ा था.

एटा के विक्टोरिया पार्क में जोरदार स्वागत

आज एटा जिले के विक्टोरिया पार्क में अलंकार अग्निहोत्री पहुंचे, जहां सवर्ण समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि UGC में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जो भेदभाव से भरे हुए हैं.

ये भी पढ़ें- बरेली से लखनऊ लाए गए सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, घर के बाहर पुलिस का पहरा; जानें क्या कहा

उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों की वजह से सवर्ण समाज के बेटे-बेटियों का शोषण हो सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि समितियों में बैठे लोग मनमानी कर सकते हैं और इससे बच्चों के मन में डर पैदा होगा, जो उन्हें आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए भी मजबूर कर सकता है. अलंकार ने साफ कहा कि यह कानून केवल सवर्ण समाज ही नहीं, बल्कि सभी समाजों के लिए नुकसानदेह है.

निलंबन, साजिश और फोन सर्विलांस का आरोप

अपने निलंबन को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने एक बार फिर प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनके फोन सर्विलांस पर हैं और उनके खिलाफ झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की जा रही है. हाउस अरेस्ट से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उस दिन बजरंगबली की कृपा से साजिश नाकाम हो गई. उन्होंने आरोप लगाया कि रात में जल्दबाजी में एक असंवैधानिक सस्पेंशन ऑर्डर जारी किया गया.

जातिगत अपशब्दों के सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि गरिमा और मर्यादा के चलते वह उस व्यक्ति का नाम नहीं बता सकते. अपशब्द कहने वाला व्यक्ति राजनीतिक था या प्रशासनिक इस सवाल का जवाब देने से भी उन्होंने इनकार कर दिया.

ये भी पढ़ें- बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट को ले जा रही पुलिस से धक्का-मुक्की, सड़क पर गिर पड़े बेचारे इंस्पेक्टर- .

SC/ST एक्ट की धारा 18A पर सीधा हमला

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस और फेसबुक पेज पर साफ लिखा है कि SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 18A को समाप्त किया जाना चाहिए. उन्होंने सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र राज्य (2018) के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा प्रावधान दिए थे, लेकिन धारा 18A लाकर उन्हें खत्म कर दिया गया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कलराज मिश्र जैसे वरिष्ठ व्यक्ति UGC को असंवैधानिक बता चुके हैं तो क्या उन्हें भी किसी राजनीतिक दल की गोद में बैठा माना जाएगा.

शंकराचार्य प्रकरण और आगे की रणनीति

शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद से जुड़े सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि बटुक ब्राह्मणों के साथ जिस तरह मारपीट हुई, क्या किसी और धर्म या समाज के धर्मगुरुओं के साथ ऐसा करने की हिम्मत कोई कर सकता है. उन्होंने कहा कि वह शंकराचार्य से जरूर मिलने जाएंगे. हालांकि अभी कुछ कार्यक्रम तय हैं. फिलहाल शंकराचार्य वाराणसी में हैं.

बरेली वापसी पर टिकी निगाहें

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आज शाम 7:30 बजे अलंकार अग्निहोत्री की बरेली वापसी के बाद क्या नया मोड़ आता है. समर्थकों में उत्साह है तो प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है. 26 जनवरी से शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ एक अधिकारी के निलंबन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि कानून, समाज और राजनीति के टकराव की तस्वीर बन चुका है. बरेली एक बार फिर इस बहस के केंद्र में है.

बरेली वापस क्यों लौट रहे सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री? वॉट्सऐप पर लगाया स्टेटस, पुलिस-प्रशासन सतर्क

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