Nation- बाड़मेर के इन गांवों में बेच-खरीद नहीं पाएंगे 158 बीघा जमीन, सरकार ने क्यों लगाई रोक?- #NA

बाड़मेर में एयरपोर्ट के लिए हो रहा जमीन का अधिग्रहण.
राजस्थान के बाड़मेर जिले में सिविल एयरपोर्ट शुरू करने को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एयरपोर्ट हेतु प्रस्तावित टर्मिनल और अप्रोच सड़क हेतु अधिग्रहित की गई भूमि की खरीद-फरोख्त नियमन और किसी भी तरह के बदलाव पर रोक लगा दी है. ऐसे में उम्मीद जगी है कि बाड़मेर जिले वासियों के लंबे समय से एयरपोर्ट का सपना जल्द साकार होगा और इसकी दिशा में सरकार द्वारा तेजी लाई जा रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से साल 2018-19 में बाड़मेर के उत्तरलाई में सिविल एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकार में आपसी तालमेल नहीं होने के चलते लंबे समय से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चल रहा था, लेकिन प्रदेश में सरकार बदली और वर्तमान भजन लाल सरकार ने भूमि अधिग्रहण को लेकर स्वीकृति जारी कर दी. ऐसे में एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ हो गया.
कुछ समय पहले राज्य सरकार ने 65.43 एकड़ यानी 158 बीघा जमीन एयरपोर्ट टर्मिनल और अप्रोच सड़क हेतु भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी थी, जिसमें से 62.96 एकड़ जमीन निजी खातेदारों की है. ऐसे में भूमि अवाप्ति हेतु सरकार ने 5.7 करोड़ रुपए का बजट भी जारी कर दिया हैं. जल्द खातेदारों को जमीन अवाप्ति की राशि दी जाएगी और टर्मिनल का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है. ऐसे में तब तक इन गांवों की जमीनों का नियमन, खरीद-फरोख्त और नामांतरण बिना राज्य सरकार की अनुमति से नहीं होगा.
एयरपोर्ट टर्मिनल और कॉम्प्लेक्स बाहर बनेगा
बाड़मेर में एयरपोर्ट के लेकर नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उत्तरलाई एयरफोर्स के पास स्थित चकलानी, बेरीगांव, लालानियों की ढाणी गांवों की 64.43 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया जाएगा और उड़ानों के लिए उत्तरलाई एयरपोर्ट स्टेशन का रनवे ही इस्तेमाल किया जाएगा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बाड़मेर जिले में सिविल उड़ानों का आवागमन शुरू हो जाएगा.
ऊर्जा, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण
बता दें कि बाड़मेर जिले में प्रतिदिन 2 लाख बैरल से ज्यादा क्रूड ऑयल निकलता है, जो देश के कुल उत्पादन में 18% फीसदी हिस्सा है और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस के भंडार के साथ-साथ बड़ी मात्रा में कोयले के भंडार भी बाड़मेर में खोजे गए हैं, जिनकी खनन प्रक्रिया चल रही है, जिसको लेकर कई कंपनी और कर्मचारियों का आना-जाना बाड़मेर में रहता है.
इसी के साथ ही एचपीसीएल और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में BS6 मानक की अत्याधुनिक रिफाइनरी के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल हब स्थापित किया जा रहा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि एयरपोर्ट को 30 से 40% यात्री भार इस क्षेत्र से मिल सकता है. वहीं बाड़मेर जिला पाकिस्तान के साथ 228 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. एयरपोर्ट बनने से भारतीय सेवा बीएसएफ और एयरफोर्स के लिए रसद सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है. पर्यटन की दृष्टि से भी एयरपोर्ट की स्थापना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
(रिपोर्ट- राजू माली/बाड़मेर)
बाड़मेर के इन गांवों में बेच-खरीद नहीं पाएंगे 158 बीघा जमीन, सरकार ने क्यों लगाई रोक?
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