Nation- काम ठप और बढ़ता कर्ज… डिप्रेशन में ऐसा गया अंबिकापुर का ठेकेदार, फंदे से लटककर दे दी जान- #NA

काम ठप और बढ़ता कर्ज... डिप्रेशन में ऐसा गया अंबिकापुर का ठेकेदार, फंदे से लटककर दे दी जान

प्रतीकात्मक तस्वीर.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर (नमनाकला) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज से परेशान एक ठेकेदार ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी. मृतक की पहचान 44 वर्षीय राजेश सिंह के रूप में हुई है. घटना के वक्त उनकी दोनों बेटियां स्कूल जा चुकी थीं और पत्नी दूसरे कमरे में थी. मूल रूप से बलरामपुर निवासी राजेश सिंह पिछले कुछ वर्षों से अंबिकापुर के नमनाकला में सपरिवार रह रहे थे. सोमवार रात उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया और छोटी बेटी के साथ दूसरे कमरे में सोने चले गए. मंगलवार सुबह बेटी स्कूल के लिए तैयार होकर निकल गई.

राजेश सिंह की दिनचर्या के अनुसार वे सुबह ‘मॉर्निंग वॉक’ पर जाते थे, इसलिए उनकी पत्नी बबीता को लगा कि वे बाहर गए होंगे लेकिन सुबह 8:30 बजे तक जब वे वापस नहीं आए, तो पत्नी ने उन्हें फोन किया. फोन की घंटी बगल के कमरे में ही बजती रही. जब बबीता कमरे के अंदर पहुंचीं, तो वहां का दृश्य देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. दरअसल, राजेश फंदे से लटके हुए थे.

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी इकट्ठा हुए और राजेश को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद से पत्नी सदमे में है और पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

कोरोना काल के बाद से बिगड़े हालात

परिजनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राजेश सिंह पीडब्ल्यूडी (PWD) और अन्य विभागों में निर्माण कार्यों के ठेके लेते थे. कोरोना महामारी और लॉकडाउन से पहले उनके पास कई प्रोजेक्ट्स थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद काम बुरी तरह प्रभावित हुआ. रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए उन्होंने भारी कर्ज लिया था. काम की गति धीमी होने और कर्जदारों के दबाव के कारण वे लंबे समय से मानसिक तनाव में थे.

काम ठप और बढ़ता कर्ज… डिप्रेशन में ऐसा गया अंबिकापुर का ठेकेदार, फंदे से लटककर दे दी जान

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