Nation- हर महीने 4000, पढ़ाई-लिखाई और देखभाल… अनाथ बच्चों का सहारा बनी ये योजना, लाभ पाने के लिए कैसे करें आवेदन?- #NA

अनाथ बच्चों के लिए शुरू की थी ‘प्रवर्तकता कार्यक्रम योजना’.
अभी कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े का एक वीडियो सामने आया था. वीडियो में स्वप्निल वानखेड़े एक बच्ची से बात करते दिखाई दे रहे थे. दरअसल, ये बच्ची कलेक्टर साहब के पास बड़ी उम्मीदें लेकर पहुंची थी. मासूम बच्ची ने कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े से बताया कि वह चार-भाई बहन है. माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. हम अनाथ हो चुके हैं. चूंकि अभी हम लोग छोटे हैं तो कमा भी नहीं सकते. ऐसे में हमारे पढ़ने-लिखने और गुजारे की व्यवस्था करें. बच्ची की बातें कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बड़े ध्यान से सुनी और तुरंत अपने मातहतों को निर्देश दिया कि सरकार की जो भी योजनाएं हैं, वो इन बच्चों को तुरंत दी जाएं. साथ ही ‘प्रवर्तकता कार्यक्रम योजना’ के तहत हर बच्चे को 4000 रुपए दिए जाएं.
अब जानते हैं ‘प्रवर्तकता कार्यक्रम योजना’ है क्या, किन-किन बच्चों को इस योजना का लाभ मिलता है, योजना का लाभ पाने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है… आइए जानते हैं….
‘प्रवर्तकता कार्यक्रम योजना’ बाल कल्याण से संबंधित योजना है. यह योजना कोरोना कॉल से अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों की देखभाल, भरण-पोषण और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी. इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को हर महीने चार हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो वे अनाथ हों, माता-पिता का तलाक हो गया हो या मां विधवा हो या फिर माता-पिता दोनों जेल बंद हों… इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए बच्चों की आर्थिक मदद की जाती है.
‘प्रवर्तकता कार्यक्रम योजना’ का मुख्य उद्देश्य
- बच्चों का समग्र विकास: बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना.
- आर्थिक सहायता: पात्र बच्चों को हर महीने 4000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करना.
- देखभाल सुनिश्चित करना: अनाथ बच्चों को विभाग के तहत संचालित संस्थाओं में आवासित करना और उनकी उचित देखभाल करना.
यह योजना कैसे काम करती है?
- यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसे ‘मिशन वात्सल्य’ के रूप में भी जाना जाता है.
- यह योजना बच्चों के लिए एक सहायक और संवेदनशील वातावरण बनाने पर जोर देती है, जिससे उन्हें अपनी पूरी क्षमता का एहसास हो सके.
- यह बच्चों को परिवार आधारित गैर-संस्थागत देखभाल को बढ़ावा देती है, जो कि संस्थागत देखभाल का अंतिम विकल्प है.
अगर आप किसी अनाथ बच्चे को इस योजना का लाभ दिलाने चाहते हैं तो आपको अपने जिले के जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग जाना होगा. वहीं पर आप जिला विकास अधिकारी से पूरी जानकारी लेकर आवदेन करना होगा. इसके साथ-साथ अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं.
हर महीने 4000, पढ़ाई-लिखाई और देखभाल… अनाथ बच्चों का सहारा बनी ये योजना, लाभ पाने के लिए कैसे करें आवेदन?
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