खबर शहर , Agra News: यमुना के बीहड़ में गांव बदहाल, रास्ता भी नसीब नहीं – INA

बाह। यमुना के बीहड़ में बसे बाह के सुंसार गांव के लोगों को पक्का रास्ता भी नसीब नहीं है। बारिश के दिनों में 4 किलोमीटर का रास्ता कीचड़ से भर जाता है। लोगों को पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। गांव के लोग बाजार आने-जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आश्रित हैं।

गांव के बलवीर, सोनू राजपूत, मनोज कुमार, जयप्रकाश आदि ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली को कीचड़ भरे रास्ते से निकालने में करीब घंटे भर तक जूझना पड़ता है। पीछे से धक्का मार कर निकालने में पसीना छूट जाता है। महिलाओं शीला देवी, राजकुमारी ने बताया कि गांव पहुंचने तक रास्ते पर हादसे की चिंता सताती रहती है। किशन देवी, मीना देवी बोली कि हमें रोजाना ऐसे ही रास्ते पर जिंदगी की गाड़ी खींचनी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए लोग गांव छोड़ने को मजबूर हैं।

गांव के पूर्व प्रधान पुत्तूलाल ने बताया कि चुनाव का बहिष्कार तक किया। तहसील से लेकर जिले तक धरना प्रदर्शन हुआ। इसके बाद भी गांव को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी। सर्वे हुए तो उम्मीद जगी, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है। गांव के सुभाष, त्रिलोकी नाथ, पप्पू, जोधाराम, सोनू राजपूत ने बताया कि बारिश के दिनों में गांव में कैद हो जाते हैं। कोई बीमार हो या फिर प्रसव पीड़ा से जूझती महिला हो, कीचड़ भरे 4 किमी के रास्ते से निकलने में घंटों लग जाते हैं। हादसे का खतरा भी रहता है।

सुंसार गांव के रास्ते को पक्का कराने में वन विभाग का रोड़ा अटका है। वन और लोक निर्माण विभाग की टीम ने संयुक्त सर्वे किया था। अनुमति मिलते ही रास्ते को पक्का कराने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।- नीरज तिवारी, खंड विकास अधिकारी, बाह


Credit By Amar Ujala

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