खबर शहर , UP: कपड़े-जूते से लेकर खाद्य सामग्री तक…जेब करनी होगी ढीली, माल भाड़ा बढ़ने से जानें क्या-क्या हो गया महंगा? – INA

डीजल-सीएनजी से लेकर टोल के बढ़ते दामों का असर अब आम आदमी के घर के बजट पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों के 15 से 20 फीसदी तक किराया बढ़ाने के फैसले के बाद अब कपड़ा, जूता और खाद्य उत्पाद बिक्री से जुड़े कारोबारियों ने दाम बढ़ाने पर मंथन शुरू कर दिया है।
दरअसल, आगरा में साड़ी से लेकर रेडीमेड कपड़ा, ट्रैक्टर पार्ट्स साइकिल समेत काफी सामान दूसरे राज्यों से आगरा आता है। इसमें हार्डवेयर, रेडीमेड कपड़े, साइकिल व ट्रैक्टर के पार्ट पंजाब से आगरा आते हैं। सूरत से साड़ी और राजकोट से किचन का सामान भारी मात्रा में पहुंचता है। वहीं, मशीनरी पार्ट्स, ब्रश, ट्रैक्टर हब, कलर, घंटे और हींग भी काफी मात्रा में आगरा से देशभर में भेजी जाती है।
आगरा गारमेंट संगठन के सचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि भाड़ा बढ़ने पर कपड़े की कीमत में भी बढ़ेंगी। दूसरे शहरों से आने वाले माल की लागत को निकालने के लिए दुकानदारों को दाम बढ़ाना ही होगा। बताया कि फिलहाल पुराने ऑर्डर पर तो असर नहीं आएगा लेकिन नए ऑर्डर पर त्योहारी सीजन में लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। वहीं, श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने कहा कि खाद्य संबंधी उत्पाद तकरीबन कुछ दिन में आते हैं। ऐसे में खाद्य उत्पादों के दामों में बदलाव जल्द ही देखने को मिल सकता है।
अगस्त से दिखेगा जूतों के दाम पर असर
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि माल भाड़ा बढ़ने का जूता कारोबार पर तात्कालिक असर नहीं होगा। इसके पीछे वजह यह है कि ऑर्डर एडवांस में किए जाते हैं। ऐसे में इस समय जो भी घाटा होगा, उसे मैन्युफैक्चरर्स को झेलना पड़ेगा। नए ऑर्डर अगस्त के सीजन में आएंगे। उस समय नए दामों पर माल की सप्लाई और बिक्री होने से असर दिखेगा।