खबर शहर , मौसम दे रहा बीमारियां: वायरल और डायरिया की चपेट में लोग, इस कदर बढ़ रही संख्या; फुल हुआ एसएन अस्पताल – INA

भीषण गर्मी और उमस के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 3,632 मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक धक्का-मुक्की और मारामारी झेलनी पड़ी। पांच से छह घंटे में मरीजों को इलाज मिल पाया। घंटों लाइन में खड़े रहने से कई मरीजों की हालत खराब हो गई। भीड़ को देखते हुए एक घंटे अतिरिक्त तीन बजे तक मरीज देखे गए।
सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू होते ही हॉल में मरीजों की लाइन लग गई। काउंटर खुलते ही हॉल ठसाठस भर गया। हालात ये थे कि लाइन ओपीडी के गेट के बाहर तक पहुंच गई। कई मरीज और तीमारदार जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे। इस पर मरीज आपस में उलझ गए। मौके पर मौजूद गार्ड ने मरीजों को शांत कराया। दो से तीन घंटे में बमुश्किल पर्चा बन पाया। इसमें आभा पोर्टल पर मरीजों का पंजीकरण करने से भी समय अधिक लग रहा है। पर्चा बनने के बाद डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में भी घंटों लग गए।
यमुनापार निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि मां के घुटने में दर्द रहता है। उनको बेंच पर बैठाकर खुद लाइन में लगा। तीन घंटे में पर्चा बन पाया। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए गया, वहां भी इतना ही समय लगा। फिर आकर दवा ली। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में चिकित्सकीय सेवाएं बेहतर होने से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां गंभीर बीमारियों का भी उपचार मिल रहा है। सोमवार के दिन अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाता है। चिकित्सकों ने भी ओपीडी में एक घंटे अधिक समय तक मरीज देखे।
वायरल फीवर, जोड़ दर्द और त्वचा रोग के सबसे ज्यादा मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि कि इस समय ओपीडी में वायरल फीवर, डायरिया, त्वचा रोग और हड्डी रोग के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। बदले मौसम के कारण गले में खराश, बुखार, सिर में दर्द और सीने में जकड़न की परेशानी मिल रही है। दूषित भोजन से उल्टी-दस्त और पेट में दर्द हो रहा है। उमस से खुजली, फंगल इन्फेक्शन, चकत्ते और लाल दाने की परेशानी हो रही है। हड्डी रोग में जोड़ों में सूजन, दर्द की परेशानी के मरीज आ रहे हैं। दवा देने के साथ बचाव के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
इन विभागों में आए ज्यादा मरीज
710: मेडिसिन विभाग
345: हड्डी रोग
345: त्वचा रोग
302: वक्ष एवं सांस रोग