खबर फिली – ‘सत्या’ के इस सीन को शूट करने में छूट गए थे मनोज बाजपेयी के पसीने, अनुराग कश्यप ने पकड़ लिए थे पैर – #iNA @INA

मनोज बाजपेयी एक बेहतरीन अभिनेता माने जाते हैं हैं. उन्होंने हिंदी के साथ-साथ साउथ की फिल्में भी की हैं. अभिनेता को नेशनल फिल्म अवॉर्ड के साथ-साथ पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है. अभिनेता की एक-एक फिल्म को लोगों ने खूब पसंद किया है. उन्होंने ‘सत्या’ के जरिए ही ये साबित कर दिया था कि वो इंडस्ट्री में लंबी पारी खेलने के लिए आए हैं. इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा है, जो कि काफी दिलचस्प है. चलिए उसके बारे में जानते हैं.

मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘सत्या’ 1998 में रिलीज हुई थी. लेकिन इस फिल्म के पहले भी वो कई छोटे-मोटे रोल में दिखे थे. हालांकि, उन्हें असली पहचान ‘सत्या’ से मिली. वो आज भी इस फिल्म के लिए जाने जाते हैं. इस फिल्म का एक सीन है जो कि आइकॉनिक है, जिसमें मनोज बाजपेयी कहते हैं मुंबई का किंग कौन? इस सीन को शूट करने में मनोज बाजपेयी और अनुराग कश्यप की हालत टाइट हो गई थी.

कैसे शूट हुआ था सत्या का ये सीन?

अनुराग कश्यप ने एक बार अपने सोशल मीडिया पर इस फिल्म की फोटोज शेयर करते हुए इस बारे में बताया था. ‘सत्या’ फिल्म को राम गोपाल वर्मा ने प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था. फिल्म के राइटर अनुराग कश्यप और सौरभ शुक्ला थे. मनोज बाजपेयी ने फिल्म में भीखू म्हात्रे का रोल निभाया था. इस फिल्म का एक सीन है, जहां मनोज ऊंची पहाड़ी पर खड़े होकर बोलते हैं कि ‘मुंबई का किंग कौन? भीखू म्हात्रे.’ अनुराग कश्यप ने बताया था कि मनोज बाजपेयी को ऊंचाई से डर लगता है. ऐसे में सीन कैसे शूट हो.

अनुराग कश्यप ने पकड़े मनोज बाजपेयी के पैर

तब अनुराग कश्यप ने एक रास्ता निकाला था. उन्होंने पहाड़ी पर खड़े मनोज बाजपेयी के पैर को जमीन में लेटकर तब तक पकड़े रखा था जब तक उन्होंने अपना डायलॉग पूरा बोल नहीं लिया था. अनुराग ने बताया था कि इस डायलॉग को मनोज ने सांस रोककर बोला था. मनोज बाजपेयी ने उस पोस्ट पर सहमति जताते हुए कहा था कि मैं अभी भी उस शॉट के बारे में सोच रहा हूं.


Source link

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News