मोटापा… आज की गंभीर समस्या।

आज हमारे समाज में मोटापा एक ज्वलंत समस्या लेकर आ रही है। जैसा कि हम देखते हैं कि, प्रत्येक घर में आज मोटापा से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। मोटापा का वैसे मुख्य कारण तो हमारा आहार विहार ही है। मगर साथ में यदि देखा जाए तो जो बच्चे बचपन में बहुत ही सामान्य तरीके से स्वस्थ और दुबले पतले रहते हैं। उनके खान-पान में परिवर्तन या ज्यादा लाड़ प्यार के कारण हमारे द्वारा उन्हें सुपोषित किया जाता है। इस कारण से मोटापा रोग की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
सामान्य तौर पर देखा जाए तो मोटापा कई बार जेनेटिक भी होता है। मगर यदि वह जेनेटिक डिसऑर्डर ही है। तब यदि वह मोटापा वाले पुरुष या महिला में सभी स्टैमिना या उनकी शक्ति चलने की, दौड़ने की, बोलने की, गाने की शक्ति यदि पर्याप्त मात्रा में है। तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। क्योंकि यदि जेनेटिक स्तर पर देखा जाए तो कई जगह के वातावरण के कारण वहां के जलवायु आदि के कारण महिला एवं पुरुष पूरी तरह से मोटापन लिए हुए होते हैं। मगर यह बहुत परेशानी का सबब नहीं है।
हम देखते हैं कि इस प्रकार उनमें कोई भी कॉम्प्लिकेशन नहीं है । तब कोई परेशानी नहीं है।परंतु यदि उन्हें अपने दैनिक जीवन के कार्य संपादित करने में यदि तकलीफ होती है । तब यह परेशानी का कारण हो सकता है ।
डॉ.प्रदीप देवांगन
एम.डी.मेडिसीन (सी.सी.आई.एम)
9039784252

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