National-8th Pay Commission के गठन में देरी बढ़ा रही पेंशनर्स की बेचैनी, वित्त मंत्री से लगाई गुहार – #INA

8वें वेतन आयोग के औपचारिक गठन का इंतजार लंबा होता जा रहा है। उम्मीद थी कि मई या जून 2025 में कोई अपडेट मिलेगा, लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई घोषणा सामने नहीं आई है। इस आयोग के संदर्भ की शर्तें तय करने, इसके चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति में देरी से केंद्र सरकार के पेंशनर्स में चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन रहा है। ऐसे में भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने वित्त मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को लेटर लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
BPS देश भर में पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने और सबसे बड़े संघों में से एक है। वित्त मंत्री और DoPT सचिव को भेजे गए लेटर में लिखा गया है कि आगे की प्रगति की कमी, विशेष रूप से संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप न दिए जाने और आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को लेकर घोषणाएं न होने ने बढ़ती बेचैनी को जन्म दिया है। लंबे समय तक देरी से अफवाहें, अटकलें और गलतफहमियां बढ़ रही हैं, जिससे सरकारी पेंशनर्स में चिंता और अनिश्चितता पैदा हो रही है।
लेटर में आगे कहा गया है, ‘स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, हम आपके अच्छे कार्यालयों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि कृपया संदर्भ की शर्तों को जल्द अंतिम रूप देने, 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों की जल्दी नियुक्ति, और आयोग में पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।’
स्पष्ट और समय पर कम्युनिकेशन से अफवाहें होंगी दूर
BPS ने यह भी लिखा है कि स्पष्ट और समय पर कम्युनिकेशन न केवल अफवाहों को दूर करेगा और स्टेकहोल्डर्स को आश्वस्त करेगा, बल्कि आयोग के सुचारू और प्रभावी कामकाज को भी सुगम बनाएगा, ताकि वह अपनी सिफारिशें वक्त पर दे सके। इससे पहले भी कई कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग में हो रही देरी पर चिंता जताई थी और सरकार से इसकी प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील की थी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दी थी। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ पेंशनर्स की पेंशन में भी बदलाव होना तय है। केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। केंद्र सरकार के सिविलियन कर्मचारियों की अनुमानित संख्या 1 मार्च 2025 तक 36.57 लाख और पेंशनर्स/फैमिली पेंशनर्स की अनुमानित संख्या 31 दिसंबर 2024 तक 33.91 लाख थी।
जनवरी 2026 से सिफारिशें लागू होने की संभावना घटी
उम्मीद थी कि सरकार अप्रैल तक 8वें वेतन आयोग के के संदर्भ की शर्तें तय कर चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति कर आयोग को काम शुरू करने का निर्देश देगी। ऐसा इसलिए ताकि पैनल 2026 के मध्य तक अपनी रिपोर्ट दे सके और उसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो सके। आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना थी। अब आधा जून भी गुजर चुका है और अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रगति नहीं है। ऐसे में जनवरी 2026 से इसकी सिफारिशें लागू होने की संभावना कम हो गई है।
7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू हुई थीं। इसकी अवधि 2026 में खत्म हो रही है। आमतौर पर हर 10 साल में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करने के लिए वेतन आयोग का गठन करती है। राज्य सरकारें भी केंद्रीय वेतन आयोग की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करती हैं।
8th Pay Commission के गठन में देरी बढ़ा रही पेंशनर्स की बेचैनी, वित्त मंत्री से लगाई गुहार
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