प्राकृतिक आपदा से पहले लोगों को एक 'वॉर्निंग सिस्टम' करेगा सचेत, जाम्बिया में हुआ लॉन्च
.webp)
लुसाका, 25 सितंबर (.)। जाम्बिया ने गुरुवार को एक पहल शुरू की जिसका उद्देश्य समुदायों को जलवायु संबंधी आपदाओं के बढ़ते खतरों से बचाने के लिए तैयार करना है।
सभी के लिए प्रारंभिक चेतावनी पहल, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) समर्थित एक वैश्विक प्रयास है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2027 तक, ग्रह पर सभी के पास लाइफ सेविंग अर्ली वॉर्निंग सिस्टम्स (आपदा से पहले चेतावनी देने वाली प्रणालियां) तक पहुंच हो।
सिंहुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक जाम्बिया की उपराष्ट्रपति मुताले नालुमांगो ने इस पहल को जीवन और आजीविका की रक्षा में एक क्रांतिकारी तकनीक बताया। उन्होंने कहा कि आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता के बीच समय पर प्रेषित सूचना समुदायों को मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा, हम किसी को भी, खासकर सबसे कमजोर लोगों को, पीछे नहीं छोड़ सकते। आपदाएं हम सभी को प्रभावित करती हैं, लेकिन समान रूप से नहीं। यह पहल केवल तकनीक के बारे में नहीं है। यह जीवन बचाने, आजीविका की रक्षा करने और लोगों के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के बारे में है।
नालुमांगो ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्व चेतावनी प्रणालियां न केवल मौजूद होनी चाहिए, बल्कि प्रभावी, जन-केंद्रित और सभी के लिए सुलभ भी होनी चाहिए, जिसमें ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक ज्ञान, स्वदेशी प्रथाओं और आधुनिक तकनीक को एकीकृत करके बहु-खतरे वाली पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जाम्बिया में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट समन्वयक बीट्राइस मुताली ने कहा कि यह पहल जाम्बिया और उसके सहयोगियों के लिए एक प्रतिबद्धता और कार्रवाई का आह्वान दोनों है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से, जाम्बिया ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के इस दृष्टिकोण के साथ अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है कि 2027 तक पूर्व चेतावनी जानकारी प्राप्त करने में कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।
हरित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के कार्यवाहक मंत्री कोलिन्स न्जोवु ने तैयारियों और पूर्व चेतावनी प्रणालियों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया।
पिछले महीने, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि जाम्बिया को 2023 और 2035 के बीच अपनी राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन अनुकूलन योजना को लागू करने के लिए लगभग 34.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता है।
हरित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण मंत्री माइक मोशा ने कहा कि सरकार जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन, वैश्विक पर्यावरण सुविधा और हरित जलवायु कोष के अंतर्गत तंत्रों के माध्यम से आवश्यक वित्तपोषण सक्रिय रूप से जुटा रही है।
देश की राजधानी लुसाका में 2025 वैश्विक राष्ट्रीय अनुकूलन योजना एक्सपो के उद्घाटन के अवसर पर मोशा ने कहा, हम विश्व बैंक, अफ्रीकी विकास बैंक और अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम सहित बहुपक्षीय विकास बैंकों से भी संसाधन जुटा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार योजना के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित करने के लिए हरित बांड जैसे नवीन वित्तपोषण साधनों का भी उपयोग कर रही है।
–.
केआर/
डिस्क्लेमरः यह . न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ हमारा चैनल टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
प्राकृतिक आपदा से पहले लोगों को एक 'वॉर्निंग सिस्टम' करेगा सचेत, जाम्बिया में हुआ लॉन्च
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,






.webp)
.webp)


